जापानी मीडिया संस्था एनएचके के प्रमुख कात्सुटो मोमिई ने 31 जनवरी को कांग्रेस में अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में कंफ़र्ट विमिन मामले पर अपने बयान के लिए माफ़ी मांगी। मोमिई के बयान की जापानी व विदेशी लोकमत और एनएचके द्वारा कड़ी निंदा की गयी।
25 जनवरी को कात्सुटो मोमिई ने अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि वर्तमान के नैतिक विचारों के तहत "कंफ़र्ट विमिन" वेश्यालय प्रणाली का मामला गलत है। लेकिन इसके बाद उन्होंने यह कहा कि जो देश युद्ध में लगे थे, उनकी सेना के साथ कंफ़र्ट विमिन ले जायी जाती थी। उन्होंने फ़्रांस और जर्मनी के नाम भी लिये।
इस कथन से जापान में कई लोग नाराज हुए। जापान की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता आकिहिरो ओटा के अनुसार मोमिई की बात अनुचित और अन्यापूर्ण है।
(लिली)





