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बांग्लादेश चीन भारत व बर्मा की कार रेसिंग प्रतियोगिता संपन्न हुई
2013-04-03 19:15:39
हाल में, चीन के युन्नान प्रांत के खुनमिंग शहर ने एक मेहमान दल का स्वागत किया। वे भारत के कोलकाता से रवाना हुए थे। 12 दिन तक कार चलाकर भारत, बांग्लादेश, बर्मा और चीन समेत 3000 कि.मी. का सफर तय करके अपने गंतव्य शहर खुनमिंग पहुंचे। कार रेसिंग के प्रेमियों के प्रति यह एक दुर्लभ और रोमांचकारी प्रतियोगिता है, और इन चार देशों के लोगों की बात करें, तो यह एक दोस्ताना प्रतियोगिता है। 

यह प्रतियोगिता चीन के युन्नान प्रांत की सरकार, बांग्लादेश परिवहन विभाग, भारतीय उद्योग संघ, और बर्मा के निर्माण विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गयी। इन चार देशों ने पहली बार मिलकर इस तरह की गतिविधि का आयोजन किया है। इस बार का कार्यक्रम 22 फ़रवरी को दोपहर बाद 1 बजकर 45 मिनट पर कोलकाता से औपचारिक रूप से आरंभ हुआ। 12 दिनों में भारत, बांग्लादेश, बर्मा और चीन को पार करते हुए 5 मार्च को खुनमिंग में प्रतियोगिता का समापन हुआ। चार देशों के कुल 80 से ज्यादा रेसिंग ड्राइवरों ने इसमें भाग लिया। सभी प्रतियोगी विभिन्न देशों, विभिन्न व्यवसाय करते हैं, जिनमें सरकारी कर्मचारी, पत्रकार, कंपनी के मैनेजर, कलाकार, और पेशेवर खिलाड़ी आदि शामिल हैं। पूरी प्रतियोगिता में 20 कारें प्रयोग में लायी गईं। ये कारें चीन व भारत द्वारा दी गई थी। उनमें से 10 कारें चीन द्वारा निर्मित थीं, जिनमें 5 कारें बर्मा के प्रतियोगियों को चलाने के लिए दी गयीं। और भारत द्वारा निर्मित 10 कारों में से 5 बांग्लादेश के प्रतियोगियों ने चलाई।

इस संयुक्त कार रेसिंग के सफल आयोजन के लिए सभी ने कड़ी मेहनत की, और घनिष्ठ सहयोग बनाए रखा। इस गतिविधि का मेजबान और मुख्य आयोजकों में से एक होने के नाते, युन्नान के अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र सहयोग कार्यालय के निदेशक चिन छंग ने कहा कि यह गतिविधि बांग्लादेश, चीन, भारत व बर्मा की क्षेत्रीय सहयोग फोरम ढांचे में आयोजित किया गया एक बहुपक्षीय सहयोग कार्यक्रम है। गतिविधि का शीर्षक था"सीमाओं के पार संक्षेपण दोस्ती।"यह चार देशों के लोगों की सुंदर इच्छाओं को संक्षेपण करती है।

उन्होंने बताया, बांग्लादेश, चीन, भारत व बर्मा क्षेत्रीय सहयोग फोरम इन चार देशों के सटे क्षेत्रों की सहयोग व्यवस्था है। इस व्यवस्था की स्थापना वर्ष 1999 में हुई, यह पिछले दस वर्षों से चल रहा है। छह साल पहले यह प्रतियोगिता आयोजित करने का फैसला किया गया। इस दौरान काफ़ी उतार चढ़ाव देखने में आया और कई मुश्किलें भी दूर हुई। संयुक्त प्रतियोगिता का मार्ग, जिसे"दक्षिणी रेशम मार्ग" के रूप से जाना जाता है। पिछले छह दशकों में, विशेष रूप से द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से बहुत कम लोग इस रास्ते से गुजरे। साथ ही यह मार्ग चार देशों के सीमा क्षेत्र पर है। इसलिए मार्ग की स्थिति काफी खराब है और कोई भी नहीं जानता था कि आख़िर मार्ग कैसा है?कोई भी इस रास्ते से नहीं गुजरा था। इसलिए सही और पूरी जानकारी एकत्रित करने की जरूरत थी। हमने अलग अलग रूप से व संयुक्त रूप से रास्ते का निरीक्षण किया। अंत में अच्छा मार्ग और गतिविधि के आयोजन का आदर्श समय निश्चित कर लिया गया। यह काम करने में तीन साल का समय लगा। इसके बाद विभिन्न पक्षों की कोशिशों से ढाका में आयोजित 11वीं बांग्लादेश, चीन, भारत, बर्मा क्षेत्रीय सहयोग फ़ोरम के दौरान इस कार रेसिंग प्रतियोगिता का आयोजन करने का फैसला किया गया। इसके दो उद्देश्य हैः पहले, चार पक्षों के सहयोगों से प्राप्त उपलब्धियां दिखाना, और दूसरा, सहयोग करते हुए विश्वास मजबूत करना।

चार देशों के इतिहास में यह पहला मौका है जब एक संयुक्त कार रेसिंग प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसलिए रेसिंग की शुरूआत पर चार देशों की सरकारों और आम जनता ने इस पर बड़ा ध्यान दिया और स्वागत किया। प्रतियोगी विभिन्न व्यवसायों से आए , और रास्ते पर तरह तरह की चुनौतियों को दूर करके सहयोग से ठीक समय पर हर निश्चित स्थान पर पहुंचे। जहां वे पहुंचते थे, वहां स्थानीय लोग इकट्ठा होकर शानदार ढंग से कार दल का स्वागत करते थे, इससे प्रतियोगियों को प्रोत्साहन मिला। यह बहुत ही प्रभावित करने वाला था।

चिन छन ने वाहन दल के बांग्लादेश से गुजरने का दृश्य की याद करते हुए कहा कि, चार देशों के प्रतियोगियों को स्थानीय लोगों का ज़ोरदार स्वागत मिला। हर देश ने अच्छी तरह से इस प्रतियोगिता का प्रबंधन किया। सभी लोग लोगों के इस उत्साह को महसूस कर सकते हैं। खासतौर पर बांग्लादेश में मिले ज़ोरदार समर्थन का, जब कार दल 11वीं बांग्लादेश, चीन, भारत, बर्मा क्षेत्रीय सहयोग फ़ोरम के दौरान बांग्लादेश में पहुंचा। उस समय चार देशों के नेता, प्रसिद्ध व्यापारी, विशेषज्ञ व विद्वान ढाका में इकट्ठे हुए थे। बांग्लादेश में पश्चिम से पूर्व तक पूरे रास्ते पर वाहन दल का प्रबंध अच्छी तरह से किया गया था। साथ ही बांग्लादेश के परिवहन विभाग ने खास तौर पर कार दल के लिये एक भव्य सत्कार समारोह आयोजित किया। और दूसरे दिन धूमधाम से एक शुरूआत रस्म भी आयोजित की गयी। हालांकि उस समय बांग्लादेश की स्थिति कुछ ठीक नहीं थी, लेकिन दल के स्वागत में जोश की कोई कमी नहीं थी। देश के सरकारी अधिकारियों व परिवहन मंत्री ने समारोह में भाषण दिया, जिससे कार दल का हौसला बढ़ा। स्वागत रस्म में बांग्लादेश ने विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन करने का प्रबंध भी किया। जिसने लोगों के मन पर गहरी छाप छोड़ी।

इस गतिविधि का खास महत्व है। यह न सिर्फ़ चार देशों के इतिहास में पहली बार आयोजित संयुक्त कार रेसिंग प्रतियोगिता है, बल्कि यह एक मित्रता की यात्रा भी है। प्रतियोगिता कोलकाता से शुरू होकर खुनमिंग में समाप्त हुई। पूरे रास्ते में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के मुंह से मित्रता, सहयोग व विकास आदि शब्द निकलते थे। चिन छन के ख्याल से इस गतिविधि से चार देशों के बीच मित्रता व सहयोग मजबूत हुआ है।

उन्होंने कहा, कई वर्षों के सहयोग व अनुसंधान से लोगों का मानना है कि चार देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग के गतिरोध में संपर्क रखने की बुनियादी सुविधाओं का अभाव एक मुख्य कारण है, खासतौर पर अधूरे मार्ग का जाल । इस बार की प्रतियोगिता ने न सिर्फ़ सहयोग का उत्साह व मित्रता दिखायी है, बल्कि उसका वास्तविक महत्व भी है। क्योंकि लोग कार दल के साथ रास्ते की वास्तविक स्थिति को भी जानते हैं। इसके बाद चार देश इसके आधार पर बुनियादी सुविधाओं के निर्माण पर पूंजी-निवेश कर सकेंगे।

हालांकि यह कार प्रतियोगिता समाप्त हो चुकी है। लेकिन 12 दिन, 80 से ज्यादा प्रतियोगी, तथा 3000 किमी का रास्ता, ये कोई साधारण बात नहीं है, जिससे मित्रता व आदान-प्रदान के प्रति चार देशों की जनता की सदिच्छा भी जाहिर हुई है। हमें आशा है कि भविष्य में चीन व दक्षिण एशिया के विभिन्न देशों के बीच मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान और जनता के बीच मित्रता अधिक से अधिक बढ़ेगी।

चंद्रिमा

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