शी चिनफिंग ने कहा कि मौसम परिवर्तन जनता के कल्याण और मानव जाति के भविष्य से संबंधित है। पेरिस समझौते ने 2020 के बाद वैश्विक सहयोग से मौसम परिवर्तन का निपटारा करने के लिए दिशा स्पष्ट की है। शी चिनफिंग ने जोर दिया कि चीन सबसे बड़ा विकासशील देश है, जबकि अमेरिका सबसे बड़ा विकसित देश है। दोनों देशों ने मौसम परिवर्तन में कारगर वार्तालाप व सहयोग किया है। चीन बड़ा जिम्मेदाराना विकासशील देश है, जो वैश्विक मौसम परिवर्तन के निपटारा की सक्रिय भागीदारी भी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि मौसम परिवर्तन की धमकी मानव जाति के सामने गंभीर चुनौती है। मौसम परिवर्तन समस्या का निपटारा करना अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समान प्रयास की जरूरत है। अमेरिका व चीन ने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने और पेरिस समझौते के संपन्न करने के लिए अहम भूमिका अदा की है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान कीमून ने अपने भाषण में कहा कि चीन व अमेरिका ने सर्वप्रथम पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर किया, जिससे इस समझौते के इस साल में प्रभावी होने को बढ़ावा दिया जा सकेगा। संयुक्त राष्ट्र संघ चीन व अमरीका द्वारा मौसम परिवर्तन की चुनौती का सामना करने में अदा की गयी नेतृत्व भूमिका की सराहना करता है।
गौरतलब है कि पेरिस समझौता 2015 के 12 दिसम्बर को मौसम परिवर्तन के पेरिस सम्मेलन में पारित किया गया। 2016 के 22 अप्रैल को चीन व अमेरिका ने एक साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर किया।
(श्याओयांग)
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