स्वच्छ ऊर्जा और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत को जर्मनी एक अरब यूरो की मदद करेगा। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि जर्मन शक्ति और भारतीय प्राथमिकताएं सम्मिलित हैं, उसी तरह से हमारे उद्देश्य भी एक हैं। मैं स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण परिवर्तन के क्षेत्र में जर्मन नेतृत्व का सम्मान करता हूं। साथ ही मोदी ने कहा कि जर्मन इंजीनियरिंग और भारतीय सूचना क्रांति प्रगति की एक नई लहर बना सकती हैं और वैश्विक समुदाय के सामने ये हमारा उत्तदायित्व है।
जर्मन चांसलर मार्केल ने इस अवसर पर कहा कि दोनों ही देश वर्तमान समय का सबसे अच्छा सदउपयोग कर रहे हैं साथ ही मार्केल ने जर्मनी के छोटे और मझोले उद्योगों का भारत में स्वागत पर आभार जताया और कहा कि दोनों देशों में आर्थिक संबंध बहुत महत्वपूर्ण हैं।
इसके साथ ही मार्केल ने कहा कि हम डिजिटल क्षेत्र में हम भारतीय अनुभवों का लाभ उठा सकते हैं और इसमें अभी बहुत संभावनाएं बाकी हैं, ऊर्जा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इसपर काम जारी है लेकिन इसका लाभ सही मायने में हमें तब मिलेगा जब भारत अपने ग्रामीण क्षेत्रों को भी साथ लेकर चले।
जर्मन चांसलर एंगेला मार्केल तीन दिनों के भारत दौरे पर हैं और इस समय उनके साथ सरकारी महकमे के अधिकारियों के साथ व्यापार और उद्योग जगत का बड़ा शिष्टमंडल भी आया है। (पंकज श्रीवास्तव)









