पाठ 32 ट्रेवल एजेंसी में

 सीआरआई हेतु बातें
 

नीलकंठ को चीन में शुभ पक्षी माना जाता है । जब वसंत आती है, वह पेड़ की शाखा पर बैठ कर गाना गाती है । चीनी लोगों के विचार में उस की आवाज बहुत दिलकश है और सुनने वालों का भाग्य खुलता है । इसलिए जब चीनी लोगों को नीलकंठ की आवाज सुनायी देती है, तो लोग कहते हैं कि नीलकंठ खुशी की सूचना दे रही है ।
चीन में एक बहुत लोकप्रिय दंतकथा नीलकंठ से जुडी है। चीनी परंपरागत पंचांग के अनुसार हर साल की सात जुलाई को ग्वाला न्यू लांग और उस की पत्नी बुनकर लड़की ची न्यू आकाश में मिलते हैं । पर न्यू लांग को अपनी पत्नी ची न्यू से मिलने के लिए आकाश गंगा पार करनी पड़ती है । न्यू लांग को मदद देने के लिए हजारों नीलकंठ आकाश में उड़कर इकट्ठे होकर एक पुल बनाते हैं, जो एक दूसरे से गहरे प्रेम करने वाले दंपत्ति को एक दूसरे से मिलने में मदद करता है । चीनी लोग इस पुल को नीलकंठ पुल कहते हैं । आज चीन की बहुत सी विवाह एंजेसियां, टी वी प्रोग्राम व मैचमेकिंग गतिविधि अक्सर 鹊桥यानी नीलकंठ पुल का अपने नाम में प्रयोग करते हैं ।