


तिब्बत में प्रवेश करने के बाद डॉक्टर ली सूची का पैदल चिह्न समूचे तिब्बत के सीमावर्ती चौकियों, सैनिक अड्डों, कृषि व पशुपालन क्षेत्रों, मठों और स्कूलों तक पहुंच गए। उनकी यात्रा की लम्बाई दस लाख किलोमीटर है। उन्होंने करीब 7 लाख व्यक्तियों की जांच व इलाज किया। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की उपाध्यक्ष सुश्री डेची ने इस बारे में कहा:"पहले तिब्बत में डॉक्टरों व दवाओं की कमी थी। आजकल डॉक्टर कम होने की स्थिति भी मौजूद है। क्योंकि तिब्बत बहुत बड़ा है, कई गांवों में डॉक्टर नहीं मिलते। ली सूची अपने चिकित्सा दल का नेतृत्व कर तिब्बतियों की सेवा करते हैं। लोगों की छोटी बीमारी गंभीर होने से पूर्व उपचार किया जाता है। इसने किसानों व चरवाहों का स्वास्थ्य बेहतर करने में अहम भूमिका निभाई। "
चीनी मुक्ति सेना की तिब्बत शाखा के अधीनस्थ जनरल अस्पताल के औषधि विभाग की प्रधान डॉक्टर चाओ ह्वेई ने हमारे संवाददाता को बताया कि उन्हें निदेशक ली सूची के साथ काम करते हुए 14 साल बीत चुके हैं। पता नहीं वे कितने बार गांव, मठ, कल्याण संस्था और सैन्य अड्डे गए। करीब हर एक हफ्ते इन जगहों पर जाते हैं। सबसे अहम बात यह है कि वर्ष 2012 के वसंत त्योहार के वक्त चल अस्पताल ने एक माह तक स्वास्थ्य शिविर लगाया। यह इस अस्पताल की 110वीं गतिविधि थी। इसकी याद करते हुए डॉक्टर चाओ ह्वेई ने कहा:"इस बार रास्ता और समय बहुत लम्बा था। रास्ते पर रोगों को दी गई दवाओं की मात्रा भी बहुत ज्यादा थी। हम सभी लोगों ने आम सैनिकों से जनरल तक बड़ी मुश्किलों को दूर कर अपना कार्य अच्छी तरह पूरा किया।"
इस बार चीनी सेना की तिब्बत शाखा के जनरल अस्पताल ने 19 विभागों के 36 डॉक्टरों को नाछ्यु, अली और शिकाज़े तीन प्रिफैक्चरों में भेजा। वे सबसे दूर स्थित श्वांगहू झील विशेष क्षेत्र पहुंचे, जहां की प्राकृतिक स्थिति अत्यंत खराब है। ली सूची और चल अस्पताल के दूसरे डॉक्टरों के साथ मुश्किलों को दूर कर 18 हज़ार 7 सौ व्यक्तियों की जांच की और 117 लोगों का ऑपरेशन किया।
इस बार चल अस्पताल में तीन विशेष सदस्य शामिल थे। वे ली सूची की पत्नी क्वो शूछिन, बेटी ली नान और दामाद थांग च्ये थे। इस विशेष तरीके से तिब्बत आने के 36 सालों के बाद ली सूची ने पहली बार अपने परिजनों के साथ वसंत त्योहार मनाया।
बहुत व्यस्त होने के कारण बेटी के जन्म से हाईस्कूल पास करने तक के कई सालों में ली सूची ने बेटी के साथ सिर्फ़ तीन महीने का समय बिताया है। बेटी ली नान पिता की व्यस्तता से खुश नहीं थी। ली सूची ने इसकी चर्चा करते हुए कहा:"यह सच नहीं है कि मैं अपनी बेटी को पसंद नहीं करता। काम बहुत व्यस्त होने के चलते कभी कभार बेटी के साथ नहीं रह सकता। इस बार मैंने परिजनों को यहां बुलाया और उन्हें दिखाना चाहता हूँ कि मैं क्या काम कर रहा हूँ। मुझे आशा है कि इसके जरिए उन्हें दूरस्थ स्थल में बसे तिब्बतियों की स्वास्थ्य स्थिति का पता चलेगा और साथ ही वे समुद्र के सतह से अधिक ऊंचाई पर तैनात सैनिकों व नागरिकों की जीवन स्थिति भी जान सकेंगे। मुझे लगता है कि इससे उन्हें भी प्रेरणा मिलेगी। "
अब बेटी ली नान भी एक युवा सैन्य डॉक्टर बन गई हैं। इस बार की गतिविधि से उनके परिवार के सभी लोगों का एक साथ रहने का सपना साकार हो गया है, साथ ही वे अपने पिता के काम को भी नजदीक से देख पाई हैं। ली नान ने कहा:"चिकित्सीय दौरे के दौरान मैं ने पिता जी द्वारा किए गए कई ऑपरेशन देखे। वे बहुत कुशल हैं और ऑपरेशन की तकनीक भी बहुत अच्छी है। जाहिर है कि वे सही मायने में लम्बे समय में वास्तविक अभ्यास के जरिए अपनी ऑपरेशन तकनीक बढ़ाते हैं। हर बार ह्दय ऑपरेशन करने से पूर्व रात को मैंने देखा कि वे ध्यान से रोगियों की स्थिति के मुताबिक किताब पढ़ते थे। मुझे लगता है कि पिता जी हर रात को ऑपरेशन संबंधी पुस्तकें पढ़ते हैं।"















