

तिब्बती भाषा में"मनपा"का अर्थ डॉक्टर है। इस तरह स्थानीय तिब्बती लोग ली चूसी को प्यार से"मनपा जनरल"भी कहते हैं।
"मैं एक रोगी हूं और जीने की आशा करता हूँ। मैं अपनी सभी इच्छाओं को इस जनरल डॉक्टर पर रखता हूँ।"यह एक रोगी के दिल की बात है। उसका नाम भी मनपा है। वर्ष 2005 में वह हेपेटाइटिस बी से ग्रस्त था और उसकी हालत बहुत गंभीर थी। अच्छे अस्पतालों में इलाज ही उसके लिए एकमात्र रास्ता है। लेकिन तिब्बत के बाहर जाकर इलाज करवाने का खर्च बहुत ज्यादा होता है। रोगी मनपा की पारिवारिक स्थिति अच्छी नहीं है। ऐसे में मनपा ने अपने मन की सभी बातें डॉक्टर ली सूची के सामने रख दी।
उस समय तिब्बत में ली सूची तीस से ज्यादा सालों तक काम कर चुके थे और उन्होंने मेजर जनरल का रैंक भी हासिल किया था। साथ ही वे चीनी मुक्ति सेना की तिब्बत शाखा के उप कमांडर और तिब्बत के सैन्य क्षेत्र के जनरल अस्पताल के प्रधान भी थे। तिब्बती रोगी मनपा की स्थिति बहुत जटिल थी और उसे लिवर ट्रांसप्लांटेशन का ऑपरेशन किया जाना जरूरी था। लेकिन समुद्र तल से अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित तिब्बत में ऑक्सीजन का स्तर बहुत कम होता है। ऐसी स्थिति में ऑपरेशन करना कम चुनौती भरा नहीं होता। ली सूची के एक दोस्त ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि, ऊंचाई पर होने के कारण अगर ऑपरेशन सफल नहीं हुआ तो, क्या करेंगे?दोस्त ने उन्हें ज्यादा सोचने का सुझाव दिया। लेकिन डॉक्टर ली सूची की आंखों में सिर्फ़ रोगी होते हैं। उन्होंने कहा:"मैं सिर्फ़ रोगियों के इलाज के बारे में सोचता हूं। मुझे लगता है कि लोगों की जान बचाना किसी भी स्थिति में बहुत अहम है। मैं इस रोगी का ऑपरेशन कर सकता हूं। और उसकी जान भी बचा सकता हूँ। तो मैंने साहस के साथ उसका लिवर ट्रांसप्लांट करने का फैसला किया। अंत में ऑपरेशन सफल रहा।"
ली सूची का यह ऑपरेशन तिब्बत में इस प्रकार का पहला ऑपरेशन था। हालांकि उन्होंने ऑपरेशन सफल की बात कही थी, लेकिन इसके पीछे उन्होंने कितनी कोशिश की थी और उन पर कितना दबाव था, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।















