
थ्यानरेई कंपनी के कर्मचारी

थ्यानरेई कंपनी के कृषि उत्पाद
वर्तमान में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में किसानों और चरवाहों का जीवन पहले पशुपालन और कृषि के काम से अब उसके व्यावसायीकरण तक बदला है, जिससे उनकी स्थिति लगातार बेहतरी की तरफ़ बढ़ी है। इससे बड़ी मात्रा में मानव श्रम शक्ति को मुक्ति मिली है। संबंधित आंकड़ों से पता चला है कि वर्ष 2011 से 2013 तक तिब्बत के कृषि और पशुपालन क्षेत्र में 12 लाख 60 हज़ार अतिरिक्त श्रमिक शक्ति ने व्यवसायिक रोज़गार में हिस्सा लिया है, जिनकी आय 5 अरब 61 करोड़ युआन रही है।
तिब्बती किसानों और चरवाहों के खेती के काम से रोज़गार करने तक के परिवर्तन में तिब्बत की सहायता करने वाले कर्मचारियों की भूमिका की चर्चा करते हुए चीनी तिब्बती शास्त्र अनुसंधान केंद्र की उप अनुसंधानकर्ता केसान च्वोमा ने कहा:
"तिब्बत के कृषि और पशुपालन क्षेत्रों में सहायता परियोजना लागू किये जाने के बाद स्थानीय तिब्बत वासियों को अधिक रोज़गार के अवसर मिले हैं। दूसरा, इन परियोजनाओं के माध्यम से उन्हें सीखने का अवसर भी मिला है। क्योंकि पहले वे आम तौर पर खेती का काम और पशुपालन जैसे सरल काम करते थे। अब वे इन परियोजनाओं से कोई न कोई तकनीकी स्तरीय काम सीख सकेंगे। इसके बाद उनके पास अधिक जटिल कार्य में भाग लेने की क्षमता होगी। परिणामस्वरुप उनकी आय जरूर बढ़ेगी। इसके साथ ही किसानों और चरवाहों के दृष्टिकोण और विचारों में कोई न कोई बदलाव आएगा। दूसरी तरफ़, इन परियोजनाओं में हिस्सेदारी से किसानों और चरवाहों के पारिवारिक जीवन में भी सुधार आता है।"









