• हिन्दी सेवा• चाइना रेडियो इंटरनेशनल
China Radio International
चीन की खबरें
विश्व समाचार
  आर्थिक समाचार
  संस्कृति
  विज्ञान व तकनीक
  खेल
  समाज

कारोबार-व्यापार

खेल और खिलाडी

चीन की अल्पसंख्यक जाति

विज्ञान, शिक्षा व स्वास्थ्य

सांस्कृतिक जीवन
(GMT+08:00) 2007-07-27 20:06:18    
ग के प्रथम अस्पताल में कार्यरत अल्पसंख्यक जातीय चिकित्सक

cri

चीन की अल्पसंख्यक जाति कार्यक्रम के अन्तर्गत सिन्चांग का दौरा श्रृंखला में आज प्रस्तुत है सिन्चांग के अल्प संख्यक जाति के चिकित्सकों के बारे में एक रिपोर्ट , जिस में सिन्चांग चिकित्सा विश्वविद्यालय के अधीन प्रथम अस्पताल में कार्यरत अल्पसंख्यक जातीय नर्सों की कहानी होगी ।

सिन्चांग चिकित्सा विश्वविद्यालय के अधीन प्रथम अस्पताल सिन्चांग का सब से बड़ी बहुमुखी सेवा अस्पताल है । इस साल के मई माह में अस्पताल ने अनेकों श्रेष्ठ नर्सों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया , इन नर्सों में बहुत सी लोग अल्पसंख्यक जातियों से आयी हैं , जिन में से उप प्रधान नर्सिंग डाक्टर सुश्री मा बिनना ह्वी जाति से आई है । सुश्री मा बिनना अस्पताल के रोगाणुनाशन विभाग में काम करती हैं , उन के विभाग में हान जाति के अलावा ह्वी और वेवूर आदि अल्पसंख्यक जातियों के बीस से अधिक नर्स भी काम करती हैं । उन के विभाग पर अस्पताल के सभी चिकित्सा पात्रों व बर्तनों का रोगाणुनाशन करने की जिम्मेदारी होती है , जो अस्पताल का एक अहम विभाग है ।

वर्ष 1981 में सुश्री मा बिनना चिकित्सा स्कूल के नर्सिंग सेवा विभाग से स्नातक हुई और प्रथम अस्पताल के रोगाणुनाशी पात्र व बर्तन सप्लाई विभाग में दाखिला की गयी , अब तक उन्हें यहां काम करते हुए बीस से ज्यादा साल हो चुके हैं । अपने काम की चर्चा में सुश्री मा बिनना ने कहाः

शुरू शुरू में बहुत कम नर्स इस विभाग में काम करने आना पसंद करती थी , क्यों कि यहां के बहुत से काम शीशी बर्तन धोने और रोगाणुनाशन करने से जुड़े हैं और रोज पानी , रोगाणुनाशक द्रव और धुनाई पाउडर के साथ काम करती हैं । लोगों का मत है कि इस विभाग के काम तकनीक से संबद्ध नहीं होते है और यहां करियर करने का उज्जवंल भविष्य नहीं है । लेकिन इस विभाग में कुछ समय तक काम करने से मुझे अनुभव हुआ कि यह एक महत्वपूर्ण काम है और धीरे धीरे मुझे यह काम पसंद भी आया । दरअसल , रोगाणुनाशी चिकित्सा सामग्री की सप्लाई किसी भी अस्पताल का अत्यन्त जरूरी और अहम काम है । क्योंकि यह काम अस्पताल की चिकित्सा सुरक्षा , क्वालिटी और मरीजों की जीवन सुरक्षा से घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है । अस्पताल में संक्रामक रोगों पर नियंत्रण और रोकथाम का काम एक कुंजीभूत काम है ।

सुश्री मा बिनना हमेशा अपने काम को बड़ा महत्व देती है और बड़े लगन से काम करती हैं । पहले दस सालों में वे रोगाणुनाशी सामग्री सप्लाई विभाग में द्रव दवा शीशियों को पानी से धोने का काम करती रही । इस के दौरान उन के साथ आयी अनेक सहपाठी नर्स यहां की नौकरी छोड़ कर चली गयी , लेकिन वे अकेली अपने यहां के काम पर कायम रही । उस पर उन्हों ने कहाः

पिछली शताब्दी के अस्सी वाले दशक में अस्पताल के संस्थापन बहुत पिछड़े थे , सभी धुनाई के काम हाथों से किये जाते थे । सुबह सुबह अस्पताल में आती थी और दिन भर पानी और रसायन से काम करती रही । रोगाणुनाशन के लिए शीशियों और बर्तनों को सल्फुरिक एसिड में डाल कर रोगाणु से मुक्त करने का काम आसान नहीं था, कभी असावधानी से जब सल्फुरिक एसिड छिटक कर बाहर निकला , तो जिस से कपड़े जल कर खराब हो जाते थे । उस समय का यह अनुभव मैं कभी नहीं भूल सकती ।

वर्ष 1993 में सुश्री मा बिनना प्रधान नर्स के पद पर नियुक्त हुई । अपने काम के प्रति उन की समझ भी गहरी हो गयी । अस्पताल में नया भवन बन रहा था , तो उन्हों ने अपने वर्षों के अनुभव के आधार पर नया रोगाणुनाशन केन्द्र स्थापित करने का सुझाव पेश किया और नए केन्द्र का डिजाइन नक्शा भी पेश किया । उन के डिजाइन पर नवनिर्मित रोगाणुनाशन केन्द्र बहुत आधुनिक और उपयोगी सिद्ध हुआ है । अब सिन्चांग के विभिन्न स्थानों के अस्पताल नेता और संबंधित कार्यकर्ता अकसर प्रथम अस्पताल में नव निर्मित रोगाणुनाशन केन्द्र का दौरा करने और अनुभव सीखने आते हैं । सुश्री मा बिनना ने कहा कि अपना अनुभव दूसरों को बताना एक बहुत आनंददायक बात है।

दोस्तो , सिन्चांग के प्रथम अस्पताल में आदर्श कर्मचारी सुश्री मा बिनना के अलावा बहुते सी अन्य नर्स और महिला कर्चमारी काम करती हैं , उन्हों ने अपने अपने काम में जो असाधारण योगदान किए है , वह रोगियों की भावभीना तारीफ के पात्र है । ऊपर प्रथम अस्पताल के रोगाणुनाशन केन्द्र की आदर्श प्रधान नर्स मा के बारे में कहानी प्रस्तुति हुई है । अगले भाग में प्रथम अस्पताल की अन्य आदर्श नर्सों की कहानी प्रस्तुत होगी । आप आगे पढ़िए , इन की कहानी ।

दोस्तो , सिन्चांग चिकित्सा विश्वविद्यालय के अधीन प्रथम अस्पताल में कार्यरत चीनी अल्प संख्यक जाति के चिकित्सकों की कहानी पिछले भाग में कुछ बताया गया है । उस में मुख्यतः ह्वी जाति की आदर्श नर्स सुश्री मा बिन ना के बारे में रिपोर्ट है । इस आलेख के दूसरे भाग में आप की सेवा में प्रस्तुत है , प्रथम अस्पताल के अन्य विभागों में कार्यरक अल्पसंख्यक जातीय नर्सों की कहानी पेश होगी । जो इस प्रकार की है ।

प्रथम अस्पताल की वेवूर नर्स सुश्री साहिपजामाल अस्पताल के आपरेशन रूम में काम करती है । उन्हें यहां काम करते हुए 12 साल हो गए हैं । आपरेशन रूम में नर्स का काम बहुत भारी है , जब आपरेशन का सभी काम समाप्त हो जाता है , तभी नर्स का काम समाप्त हो सकता है । कभी कभी बड़ा आपरेशन का काम हुआ , तो नर्स डाक्टरों की भांति आपरेशन टेबल के पास दसेक या बीसेक घंटे तक खड़ी रहती है । व्यस्त होने के कारण सुश्री साहिपजामाल ने अपने तीन साल के बेटे को 2000 किलोमीटर दूर हथ्येन प्रिफैक्चर में रहने वाली अपनी मां के पास देखभाल के लिए रखा । जब अस्पताल से घर लौटी , तो उन्हें बेटे के साथ तेलीफोन पर बातें करने का मौका मिल सकता है , ऐसे मौके पर बेटे के मुंह से अम्मी पुकारने की आवाज सुनी , तो उन की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा , यह उन के लिए सब से प्रिय आवाज है , जिसे सुनने पर पूरे दिन का थकान गायब हो जाता है । यद्यपि आपरेशन रूम का काम बहुत थकान देने वाला है , फिर भी सुश्री साहिप जामाल को कोई आपत्ति नहीं है । उन्हों ने कहाः

मेरी माता जी पहले भी नर्स थी , जब मैं ने उन्हें सफेद पोशाक पहने मरीजों के साथ स्नेह से बातें करती देखा और बहुत से मरीज घर पर आकर धन्यवाद देते , तो मैं बहुत प्रभावित हुई थी । उस समय ही मैं ने ठान ली थी कि मैं भी माता जी की तरह नर्स का काम करूंगी । लेकिन अस्पताल के आपरेशन रूम में नियुक्त हुई , तो मालूम हुआ कि यह काम कितना भारी और जिम्मेदाराना है । फिर भी मैं अपने इस काम पर डटे रही और उसे बेहतर करने की कोशिश करती रही । अब मुझे अपना यह काम बहुत पसंद आया है ।

नर्स का काम देखने में आसान है , लेकिन रोज इस प्रकार का काम करने के कारण नर्स के कर्तव्यनिष्ठा , धर्य और प्यार की आवश्कता है ।

वेवूर नर्स पातिगुल रोज वार्ड में नवजात शिशुओं की देखभाल करती है , वे उन का शारीरिक तापमान लेती है , इंजेक्शन करती है और नहवाती है । हर स्थिति में नवजात शिशुओं का स्वास्थ्य अच्छा बनाए रखने की कोशिश करती है । वर्ष 1987 में वे प्रथम अस्पताल के प्रसूती विभाग में नियुक्त हुई । अब तक करीब बीस साल हो गया ।

नर्सिंग स्कूल में पढ़ने के समय उन्हें नर्स का असली काम साफ साफ नहीं मालूम था । अस्पताल में आने के बाद उन्हें सच्चे अर्थ में नर्स का व्यवसाय साफ साफ पता चला। उन्हों ने कहाः

शुरू शुरू में मैं समझती थी कि अस्पताल में पुरूष रोगियों की देखभाल करना बहुत झुंझला देने वाला काम है और मैं बच्चों को बहुत पसंद भी करती है , इसलिए मैं ने प्रसूति विभाग में काम करना चुना । पर कभी नहीं सोचा था कि यहां काम करते करते बीस साल हो गया , बीच में पश्चाताप भी हुआ था , लेकिन जब प्रसूतियों और नवजात शिशुयों के साथ प्यार स्नेह का संबंध कायम हुआ ,तो मैं इस काम को छोड़ने का जी भी नहीं करती । मुझे अपना यह काम बहुत पसंद है और अकसर नयी मां मां को शिशु देखभान की जानकारी सुना कर देती हूं । मैं अपना पूरा प्यार उन पर उडेल देती हूं ।

सिन्चांग चिकित्सा विश्वविद्यालय के अधीन प्रथम अस्पताल में पाटीगुल की भांति बहुत सी नर्स काम करती हैं । वे अपनी मेहनत और श्रेष्ठ सेवा से सिन्चांग के विभिन्न जातियों की जनता के अच्छे स्वास्थ्य के लिए काम करती हैं और योगदान करती है ।

दोस्तो , सिन्चांग के प्रथम अस्पताल की नर्सों की पूरी कहानी यहीं तक । विश्वास है कि आप को जरूर पसंद आया होगा । चीन में अस्पताल के चिकित्सक और नर्स सफेद पोशाक वाले स्वर्ग दूत के नाम से संबोधित किये जाते हैं , और वे व्यापक लोगों में बहुत सम्मानित होते हैँ और विश्वास के पात्र होते है । सिन्चांग के प्रथम अस्पताल की नर्सें जो निस्वार्थ भावना से रोगियों की सेवा करती हैं , यह स्वाभाविक है कि उन्हें जनता की ओर से और अधिक सम्मान व विश्वास मिल जाएगा ।