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(GMT+08:00) 2007-07-04 15:51:35    
रंगबिरंगी हांगकांग संस्कृति की अद्भुत अलग पहचान

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हांगकांग वापसी के पिछले दस सालों में हागंकांग की सामाजिक स्थिरता बनी रही , आर्थिक विकास हो रहा और विश्व में उस का अहम वित्त , जहाजरानी व हवाई परिवर्हन तथा लोजिस्टिक्स का स्थान बरकरार रहा । हांगकांग की विशेष संस्कृति में भी शानदार विशेषता बनी रही , जिस में विदेशी और चीनी परम्परागत संस्कृतियों का अद्भुत मिश्रण होता है । पिछले दस सालों में देश के भीतरी इलाके के साथ आदान प्रदान से हांगकांग की संस्कृति ने अपनी अद्भुत शक्ति का परिचय किया है ।

हांगकांग में चीनी और विदेशी संस्कृतियों का बेजोड़ मिश्रण हुआ है , जिस से हांगकांग संस्कृति की अलग मोहन शक्ति उजागर हुई । रौनक आधुनिक वाणिज्य क्षेत्रों में ऊंची ऊंची इमारतों के बीच चीनी परम्परागत शैली के प्राचीन मंदिर और मठ खड़े देखने को मिलते हैं और हांगकांग वासियों के शरीर पर चीनी परम्परागत पोशाकों के साथ विश्वविख्यात ब्रांडों के जूते पहने हुए नजर आते हैं तथा अंग्रेजी के साथ हांगकांग की स्थानीय भाषा यानी केंटंनीज भी बोली जाती है । लेकिन वहां दुकानों के साइनबार्ड और पत्र पत्रिकाएं तो सभी चीनी लिपि में है ।

हांगकांग की इस विशेष संस्कृति की चर्चा में हांगकांग इतिहास संग्रालय के प्रधान श्री मिंग जीछ्वान ने कहाः

हांगकांग एक आप्रवासियों का स्थान है , अतीत में मुख्यतः उत्तरी चीन के निवासी यहां आकर बसे थे । ब्रिटिश शासन के दौरान पाश्चिम लोग आए , जिस से यहां की संस्कृति में विदेशी तत्व मिश्रित हुए । और चीन और पश्चिम की संस्कृतियों का यहां संगम हो गया । ऐसी हालत चीन के अन्य शहरों में नहीं पायी जा सकती है ।

यों विश्व की बहुतत्वीय संस्कृतिएं मिश्रित हुई देखी जाती हैं , लेकिन चीनी राष्ट्र की संस्कृति हमेशा यहां का मुख्य स्तंभ है और वह हर हांगकांग परिवार में घर कर गयी है ।

हांगकांग के प्रसिद्ध उद्योगपति 84 वर्षीय च्यांग जन के परिवार में चीनी राष्ट्र की परम्परा बराबर प्राथमिक हो रही है , सुखद संयुक्त परिवार की मान्यता यहां मजबूत है । उन की बेटी च्यांग ली युन ने कहाः

हम सभी हांगकांग में जन्मे और पले बढ़े हैं । हम ने ज्यादा पश्चिम की शिक्षा ली है और खानपान में पश्चिमी स्वाद ले लिया है , लेकिन घर में चीनियों की परम्परा और प्रथा बनी रही है ।

हांगकांग वापसी के बाद दस सालों में हांगकांग और देश के भीतरी इलाके के बीच सांस्कृतिक आदान प्रदान लगातार बढ़ता गया , जिस से चीनी राष्ट्र के सांस्कृतिक मोहन ने बड़ा प्रभाव डाला , फलस्वरूप हांगकांग की संस्कृति को और अधिक परिपूर्ण और विकसित किया गया ।

पिछले दस सालों में हांगकांग और उस के निकटस्थ क्वांगतुंग , फुच्यान और हाईनान प्रांतों के बीच जोरशोर सांस्कृतिक आवाजाही चली और हांगकांग ने भीतरी इलाके के साथ 4000 मुद्दों पर आदान प्रदान किया । इन आवाजाही ने हांगकांग के सांस्कृतिक वातारण को और गाढ़ा कर दिया ।

2005 में हांगकांग ने भीतरी इलाके के साथ अति घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंधों के प्रावधान का समझौता संपन्न किया , जिस से दोनों पक्षों में सांस्कृतिक रिश्ता और सुदृढ़ हुई ।

वर्तमान में हांगकांग और भीतरी इलाके में सांस्कृतिक सहयोग और आदान प्रदान और अधिक प्रगाढ़ होता जा रहा है। हांगकांग इतिहास संग्रालय के प्रधान मिंग जी छ्वुन ने कहा कि भावी सहयोग बहुत क्षेत्रों में हो रहा है । हम पेइचिंग के बड़े बड़े संग्रालयों के साथ समय समय पर सहयोग करते हैं । उन की अहम प्रदर्शनियां हांगकांग में आयोजित की जाएंगी । इस के अलावा कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण व आदान प्रदान को भी विकसित किया जा सकेगा ।

पिछले दस सालों में हांगकांग की कला मंडलियों ने चीनी संस्कृति दिवस , चीन फ्रांस संस्कृति वर्ष , ऐशिया कला दिवस तथा चीनी कला दिवस जैसे अनेक देशी विदेशी सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लिया और मातृभूमि के इस विशाल मंच के जरिए हांगकांग संस्कृति की मोहन शक्ति दिखायी ।

हांगकांग चीनी संस्कृति महा संघ के अध्यक्ष काओ चिंगत्हे ने कहा कि समान सांस्कृतिक मान्यता ने हांगकांग वासियों में मातृभूमि का मान्यता बढा दी है । उन्हों ने कहाः

हांगकांग वासियों के दिल में वापसी को स्वीकार करने की स्थिति ने और मजबूती पकड़ी है , सांस्कृतिक मान्यता कुंजीभूत होती है । हांगकांग वासी चीनी हैं ,चीनी राष्ट्र की संस्कृति उन की जड़ है और उन का दिल है । चीनी राष्ट्र की संस्कृति हांगकांग में शुरू से ही मौजूद है और अब वह हांगकांग में फलती फुलती जा रही है ।