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चीन की अल्पसंख्यक जाति

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सांस्कृतिक जीवन
(GMT+08:00) 2007-06-25 09:04:25    
चीन का सुरक्षा परिषद की सदस्यता के प्रति रूख,चीन में अल्पसंख्यक जातियां

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आज के इस कार्यक्रम में मुजफ्फ़रपुर आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के मसूद अहमद आज़मी, रोहतास बिहार के मनोज कुमार गुप्ता, मऊ उत्तर प्रदेश के आरिफ उस्मान फ़ारूकी और कोआथ बिहार के राकेश रौशन व उन के साथियों के पत्र शामिल हैं।

मुजफ्फ़रपुर आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के मसूद अहमद आज़मी पूछते हैं कि चीन आखिरकार किस आधार पर यू एन सुरक्षा-परिषद में भारत के लिए वीटो का विरोध कर रहा है?

आजमी जी,चीन ने कभी भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा-परिषद में भारत की भागीदारी का विरोध नहीं किया है.हालांकि चीन ने खुले तौर पर किसी भी देश को सुरक्षा-परिषद की स्थाई सदस्यता पाने में समर्थन देने की बात कभी नहीं की है,पर अनेक मौकों पर यह विचार व्यक्त किया है कि वह व्यापक विकासशील देशों के हितों का प्रतिनिधित्व कर सकने वाले किसी भी देश का इस संगठन में शामिल होने का समर्थन करता है.चीनी प्रधान मंत्री वन च्या-पाओ ने अप्रैल 2004 में भारत-यात्रा के दौरान दोनों देशों के मीडिया कर्मियों के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा था कि चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा-परिषद में शामिल होने की भारत की सभी कोशिशों का समर्थन करता है और इस संगठन के विस्तार का पक्ष लेता है।

हां,चीन ने सुरक्षा-परिषद में हिस्सेदारी के लिए जर्मनी,जापान,भारत और ब्राजील से गठित "ग्रुप 4" के संयुक्त प्रस्ताव को ठुकरा दिया है,पर इस का अर्थ यह नहीं है कि चीन इस में भारत की हिस्सेदारी का विरोध करता है.आप जरूर जानते होंगे कि चीन जापान के सुरक्षा-परिषद में शामिल होने का खुलकर विरोध करता है.भारत ने उस के साथ बंधकर प्रस्ताव पेश किया,इस के प्रति चीन क्या कर सकता है? वास्तव में खुद भारत सरकार इस बात पर चीन की मुश्किलें समझती है।

रोहतास बिहार के मनोज कुमार गुप्ता जानना चाहते हैं कि चीन में कितनी अल्पसंख्यक जातियां रहती है?मऊ उत्तर प्रदेश के आरिफ उसमान फ़ारूकी का सवाल है कि चीन की अलग-अलग जातियों के अलग-अलग व्यवसाय क्या हैं? कोआथ बिहार के सुनील केशरी व उन के साथियों ने भी इस से मिलता-जुलता सवाल पूछा है। खरियार रोड उड़ीसा के हेम सागर नायक पूछते हैं कि चीन की अल्पसंख्यक जातिय़ों में से किन जातियों की स्त्रियां बहुत सुन्दर होती हैं ?

दोस्तो,चीन एक एकीकृत बहुलजाति वाला देश है,जिस की 56 जातियों में से हान जाति की आबादी कुल जनसंख्या का 91.6 प्रतिशत भाग बनती है.आम तौर पर चीन में अन्य 55 जातियों को अल्पसंख्यक जाति कहकर पुकारा जाता है.इन अल्पसंख्यक जातियों में च्वांग,मनचू,म्याओ,वेवूर,ली,थूच्या,मंगोल,तिब्बती,पूई,तुंग,याओ,कोरियाई,पाई,हानी,ली-चू,कज़ाक और ताई की अलग-अलग आबादी 10 लाख से अधिक है,जिन में से च्वांग की आबादी सब से ज्यादा है,जो 1 करोड़ 80 लाख तक पहुंची है.1 लाख से 10 लाख तक आबादी वाली अंल्पसंख्यक जातियों में श-चू,लीसु,आईलाओ,लाकू,तुंगश्यांग,वा-चू,श्वे-चू,नाशी, माओनान,ताजिक,शिपो,मूलाओ,कल्कज़,ताहार औऱ चिनपो शामिल हैं.10 हजार से 1 लाख तक आबादी वाली अल्पसंख्यक जातियों में साला,पुलांग,माओनान,ताजिक,भूमी,आछांग, नू-चू.अवनख,चिंग-चू,चीनो,तआंग,उज़बेक,रूसी,यूकू,पाओआन,मनबा,अलुनछुन,तुलुंग,तातार,हज्ह,काओशान और ल्वोपा शामिल हैं,जिन में से ल्वोपा की आबादी 3000 से भी कम है।

हान जाति के लोग मुख्यत:पीली नदी,यांग्त्जी नदी और चुच्यांग नदी के मध्य व निचले भागों तथा पूर्वोत्तर के मैदानी क्षेत्रों में सघन रूप से बसे हुए हैं.55 अल्पसंख्यक जातियों के लोग पूरे देश के कुल क्षेत्रफल के 64.3 प्रतिशत भाग यानी पूर्वोत्तर,उत्तर,उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम के सीमांत क्षेत्रों में रहते हैं.दक्षिण पश्चिमी चीन का युन्नान प्रांत 20 अल्पसंख्यक जातियां होने के कारण चीन का सब से बड़ा अल्पसंख्यक जातीय प्रांत माना जाता है.इतिहास में बार-बार जातीय विस्थापन,ऊजाड़ भूमि पर खेतीबारी औऱ राजवंश परिवर्तित होने की वजह से चीन में विभिन्न जातियों के अपेक्षाकृत सघन रूप से रहने के साथ मिश्रित रूप से भी बसने की स्थिति बनी हुई है.ऐसे में हान जाति और किसी भी अल्पसंख्यक जाति के बीच राजनीतिक,आर्थिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान चलता आ रहा है तथा अल्पसंख्यक जातियों के सघन रूप से बसने वाले क्षेत्र में स्वशासी व्यवस्था लागू करने की स्थितियां तैयार हुई हैं।

मुख्य रूप से सीमांत क्षेत्रों में रहने के कारण इन अल्पसंख्यक जातियों के लोग आम तौर पर खेतीबारी व पशुपालन का काम करते हैं.उदाहरणार्थ उत्तर पश्चिमी चीन के सिनच्यांग वेवुर स्वायत्त प्रदेश और उत्तरी चीन के भीतरी मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश में बसे अल्पसंख्यक जातियों के लोग करीब 70 प्रतिशत चरवाहागिरी में लगे हुए हैं,जबकि दक्षिण पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत में बसी अल्पसंख्यक जातियों के 70 प्रतिशत लोग किसानी करते हैं.बेशक शहरों में रहने वाले अल्पसंख्यक जातियों के लोग वे व्यवसाय करते हैं,जो हान लोग भी करते हैं और व्यापक क्षेत्रों से जुड़े हैं।

चीन की अल्पसंख्यक जातिय़ों में से किन जातियों की स्त्रियां बहुत सुन्दर होती हैं ? इस सवाल का सटीक जवाब देना आसान नहीं है.क्योंकि खूबसूरती के प्रति लोगों के दृष्टिकोण भिन्न-भिन्न हैं.हमारी नजर में वेवुर जाति की महिलाएं ज्यादा सुन्दर होती हैं.उन की शक्ल-सूरत फारसी महिलाओं से मिलती-जुलती है।