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(GMT+08:00) 2007-04-16 16:56:43    
तिब्बत के बारे में, चीन में बिजली-उत्पादन

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आज के इस कार्यक्रम में मऊनाथ भंजन उत्तर-प्रदेश के चाबाद आजमी, सासाराम, फैयाज अहमद अंसारी,शमशाह अंसारी,मुहम्मद इरशाद बिहार के दौस खुर्शीद, निकहत फातमा,अशीफ़ अली, मऊनाथ भंजन, उत्तरप्रदेश के परवेज अहमद, शादाब आलम, ताहिर आलम, अब्दुल हकीम, शमश अनवर के सवालों के जवाब दिए जा रहे हैं।

मऊनाथ भंजन,उत्तर-प्रदेश के चाबाद आज़मी ,सासाराम और बिहार के दौस खुर्शीद,निकहत फातमा,अशीफ़ अली आदि श्रोताओं ने पूछा है कि क्या तिब्बत में शिक्षा मुफ्त दी जाती है ? तिब्बत की राजधानी ल्हासा की समुद्र तल से कितनी ऊंचाई है ? और तिब्बत स्वायत प्रदेश में सडकों का निर्माण कब हुआ ?

जी हां, चीन के तिब्बत स्वायत प्रदेश में शिक्षा बिलकुल मुफ्त दी जाती है। वहां के बच्चों को पढाई में बढ़ावा देने के लिए स्कूली उम्र में प्राइमरी स्कूल में दाखिला देने से लेकर विश्वविद्यालय से स्नातक होने तक सरकार सभी अनुदान करती है। यह अनुकूल नीति तिब्बत स्वायत प्रदेश में ही चलती है।

वर्ष 1986 में चीन सरकार ने अनिवार्य शिक्षा कानून जारी किया। कानून की धारा 12 में निर्धारित किया गया कि अल्पसंख्यक जाति बहुल क्षेत्र में अनिवार्य शिक्षा को समर्थन देने के लिए केन्द्र सरकार खर्चा प्रदान करेगी। पर इस से पूर्व या वर्ष 1985 से ही तिब्बत स्वायत प्रदेश के निर्धन इलाकों के मिडिल व प्राइमरी स्कूल के छात्रों की फ़ीस सरकार ने चुकाना शुरू कर दिया था। चरागाहों के स्कूल में छात्रावास की सुविधा भी रहती है।

तिब्बत में शिक्षा के विकास को गति देने के लिए भीतरी इलाके में भी तिब्बती मिडिल स्कूल स्थापित किए गए हैं। भीतरी इलाके में कुल 75 तिब्बती मिडिल स्कूल स्थापित हैं, जिन में 11 हजार तिब्बती छात्र पढ़ते हैं। पढ़ने के लिए सभी फीस सरकार चुकाती है।

तिब्बत की राजधानी ल्हासा समुद्र तल से कोई 3658 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है.इतनी ऊंचाई पर होने के कारण वहां साल भर धूप खिली रहती है और आसमान नीला व उजला रहता है.इसलिए ल्हासा को धूप-नगर भी कहा जाता है.धूप अधिक तो है,पर समुद्र तल से ऊंचा होने की वजह से वहां जाड़े में न ज्यादा सर्दी पड़ती है और न ग्रीष्म में ज्यादा गर्मी.

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में सड़कों का निर्माण कब से शुरू हुआ.1950 में तिब्बत की शांतिपूर्ण मुक्ति के बाद चीन सरकार ने इस निर्माण कार्य को और महत्व दिया है.वर्तमान में तिब्बत में राजमार्ग का जाल सा फैला हुआ है। राजमार्गों की कुल लम्बाई 41 हजार 300 किलोमीटर से अधिक है। वर्ष 2001 में विश्वध्यानाकर्षक छिंगहाई-तिब्बत रेल मार्ग का निर्माण-कार्य शुरू हुआ। 2005 में इस कार्य को पूरा कर लिया गया।

मऊनाथ भंजन, उत्तरप्रदेश के परवेज अहमद, शादाब आलम, ताहिर आलम, अब्दुल हकीम, शमश अनवर का सवाल है कि चीन में हर वर्ष कितने मेगावाट बिजली तैयार होती है और किस बिजली घर में सब से अधिक बिजली का उत्पादन होता है?

वर्ष 2006 में चीन में बिजली की बढ़ती मांग के साथ-साथ बिजली उत्पादन भी तेज रफ्तार से बढ़ा। वर्ष के पहली तीन तिमाहियों में देश में करीब 20 खरब यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया, जो एक वर्ष पूर्व की इसी मियाद से 14.4 प्रतिशत अधिक रहा। इन में से 3 खरब 73 अरब 60 करोड़ यूनिट बिजली पनबिजली घरों से उत्पादित हुई,14 खरब 70 अरब 60 करोड़ यूनिट बिजली ताप बिजली घरों से उत्पादित हुई और 40 अरब 57करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन नाभिकीय बिजली घरों से हुआ। भीतरी मंगोलिया स्वायत प्रदेश, च्यांगसू, हनान प्रांत, क्वांगशी ज्वांग स्वायत प्रदेश, हायनान, छिंगहाई प्रांत और निंगश्या ह्वेई स्वायत प्रदेश में बिजली उत्पादन की वृद्धि दर 20 प्रतिशत को पार कर गई है।

चीनी यांत्सी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड या सीवाईपीसी के अधीनस्थ दो पनबिजली घर हैं--कचओपा पनबिजली घर और त्रिघाटी पनबिजली घर।

यांत्सी नदी के मुख्य प्रवाह पर कचओपा पहला पनबिजली घर है,जिस की बिजली उत्पादन क्षमता भी सब से अधिक है। इस में 21 जनरेटर लगाए गए हैं, जिन की बिजली उत्पादन क्षमता 2715 मेगावाट है और सालाना उत्पादन क्षमता 15 अरब 70 करोड़ यूनिट है।

त्रिघाटी पनबिजली घर में 26 ऐसे जनरेटर लगाए गए हैं, जिन की अलग उत्पादन क्षमता 700 मेगावाट है। अभी त्रिघाटी पनबिजली घर की परियोजना जारी है। वर्ष 2009 में यह परियोजना पूरी हो जाएगी, तो उस वक्त वहां लगाए गए जनरेटरों की कुल उत्पादन क्षमता 18200 मेगावाट होगी, सालाना उत्पादन क्षमता 84 अरब 70 करोड़ यूनिट होगी, उस वक्त त्रिघाटी पनबिजली घर की उत्पादन क्षमता चीन में सब से अधिक होगी। 31 दिसंबर 2006 तक, त्रिघाटी पनबिजली घर में कुल 49 अरब 80 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ था।