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आज के इस कार्यक्रम में कोआथ बिहार के सुनील केशरी, डी डी साहिबा, संजय केशरी, सीताराम केशरी, खुशबू केशरी, बवीता केशरी, प्रियंका केशरी,एस के जिंदादिल और रोहतास बिहार के हशीम आजाद के प्रश्नों के उत्तर दिए जा रहे हैं.
कोआथ बिहार के सुनील केशरी, डी डी साहिबा, संजय केशरी, प्रियंका केशरी पूछते हैं कि चीन ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में किन-किन देशों के साथ आदान प्रदान किया है?
दोस्तो,चीन ने अपने अंतरिक्ष-कार्य के विकास में 30 साल से अधिक समय का सफर किया है और विश्वाध्यानाकर्षक उपलब्धियां हासिल की हैं.इस क्षेत्र में चीन ने रूस,फ्रांस,जर्मनी और इजराइल आदि देशों के साथ सहयोग किया है,पर यूरोपीय स्पेस एजेंसी चीन की सब से बड़ी सहयोगी संस्था है.
चीन अंतरिक्ष के क्षेत्र में शांतिपूर्ण इस्तेमाल,समानता व आपसी लाभ औऱ साझा विकास के सिद्धांत का अनुसरण करते हुए विश्व के विभिन्न देशों के साथ सहयोग करने का इच्छुक है,ताकि अंतरिक्ष का सकारात्मक सर्वेक्षण और शांतिपूर्ण प्रयोग हो सके और इस से बढकर मानवजाति की सभ्यता और प्रगति के विकास को बढावा मिल सके.
कोआथ बिहार के सुनील केशरी, डी डी साहिबा, संजय केशरी, सीताराम केशरी, खुशबू केशरी बवीता केशरी, प्रियंका केशरी, एस के जिंदादिल पूछते हैं कि चीन में सब से बड़ी नदी कौन सी हैं ? हमारे अन्य अनेक श्राताओँ ने भी इसी से जुड़ा सवाल किया है.
दोस्तो,चीन की सब से बडी नदी यांगत्जी नदी है.उस का चीन में प्रचलित नाम है छांगच्यांग.उस की लम्बाई 6300 किलोमीटर है और वह एमाजोन और नील के बाद दुनिया की तीसरी सब से बड़ी नदी है.उस का उद्गम स्थान उत्तर-पश्चिमी चीन के छिंगहाई प्रांत में समुदी तल से 6691 मीटर ऊंचा है,जहां से निकल कर वह पूर्व की ओर बहते हुए छिंगहाई को छोडती हुई तिब्बत स्वायत्त प्रदेश,युन्नान,स्छ्वान,हूपे,च्यांगशी,आनह्वई और चच्यांग आदि प्रांतों तथा केंद्रशासित शांघाई से गुजरकर पूर्वी चीन सागर में जा गिरती है.उस की अनगिनत शाखाएं है.उन में प्रमुख हैं यालुंगनदी,मिनच्यांग,थ्वोच्यांग,च्यालिंगच्यांग,श्यांगच्यांग,
हानच्यांग और ह्वांगफू नदी.यांगत्ज़ी नदीघाटी का कुल क्षेत्रफल 18 लाख वर्गकिलोमीटर से अधिक है,जो चीन के कुल भूभाग के पांचवें हिस्से के बराबर है.खुदाई से पता चला है कि आज से 17 लाख साल पूर्व पाषाणयुग में भी चीनियों के पूर्वज इस नदी घाटी में निवास करते थे.यांगत्ज़ी नदी के ऊपरी भाग की तीन घाटियों की प्राकृतिक छवि विश्वप्रसिद्ध है.इस समय यहां एक विशाल जल संरक्षण परियोजना पर कार्य चल रहा है.विशेषज्ञों के अनुसार यांगत्ज़ी के पानी से कुल 27 करोड किलोवाट बिजली पैदा की जाती है.उस पर और उस की प्रमुख शाखा-नदियों के ऊपरी भागों में कई पनबिजली घऱ निर्मित हो चुके हैं.
यांगत्ज़ी नदी घाटी की 2 करोड़ 70 लाख हेक्टर कृषियोग्य भूमि पूरे देश की कृषियोग्य भूमि का एक चौथाई भाग है.यहां देश के 40 प्रतिशत अनाज और 30 प्रतिशत कपास की पैदावार होती है और क्षेत्र के मीठे पानी में मत्स्य-उत्पादन देश के मत्स्य उत्पादन के 70 प्रतिशत के बराबर है.औद्योगिक दृष्टि से यांगत्ज़ी नदी का डेल्टा एक विकसित क्षेत्र है.चीन का सब से बड़ा औद्योगिक शहर शांघाई इस के मुहाने पर ही आबाद है.वर्ष 2006 के शुऱू में चीनी राज्यपरिषद द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार इस डेल्टा क्षेत्र में बसने वाले लोगों की सालाना आय चीन में सब से अधिक है.
रोहतास बिहार के हशीम आजाद का सवाल है कि चीन के सब से बड़ा चिड़ियाघर का नाम क्या है और किस शहर में है?
चीन का सब से बड़ा और सब से पुराना चिड़ियाघर पेइचिंग चिड़ियाघर है,बेशक वह पेइचिंग शहर में स्थित है.इस का फर्शीक्षेत्रफल लगभग 90 हेक्टर है.इस में 900 से अधिक किस्मों के कोई 20 हजार जानवर हैं और हर साल देशी व विदेशों के लगभग 60 लाख पर्यटक यहां आते हैं.
इस चिड़ियाघर का मूलरूप एक शाही उद्यान था,जो लगभग 400 साल पहले मिंग राजवंश में रईसज़ादों के मनोरंजन के किए बनाया गया था.सन् 1955 में उसे चिड़ियाघर में बदला गया. इस समय उस में गैंडों,हिप्पोपाँटेमस,शेरों,बाघों,भालुओं,बंदरों,हाथियों,नीलगायों,लम्बे गर्दन वाले हिरणों,भीमकाय पांडों,समुद्री जानवरों,जिंपांज़ी,पक्षियों और छोटे आकार वाले जानवरों के लिए अलग-अलग अखाडे और भवन निर्मित हैं. एशिया यहां तक कि पूरी दुनिया में इस चिडियाघर का बड़ा नाम है.

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