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(GMT+08:00) 2007-03-30 09:27:31    
मोटू और मुन्नी

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मोटू और मुन्नी के घर के सामने एक छोटी सी दरिया बहती थी , गर्मियों के मौसम में दरिया के तटों पर हरा हरा घास उगता था ।

मोटू और मुन्नी अकसर वहां घास के मैदान में खेल खेलते थे । एक दिन , जब मोटू घास पर क्रिड़ा कर रहा था , सहसा एक बड़ा सा कीड़ा आंखों के आगे उड़ कर गुजरा ।

मोटू ने उस की ओर गौर किया , वाह , वह तो एक बड़ा ट्टिडा है । मोटू ने उसी क्षण ट्टिडे की ओर लपका , जब ट्टिडा जमीन पर उतर आया , तो उस ने दबे पांवों से उस के पास पहुंच कर हथेली फैलाए ट्टिडे को पकड़ा । मोटू की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा , वह तेज दौड़ते हुए घर पहुंचा और एक पतली सी रस्सी ले कर ट्टिडे के पैर पर बांधा ।

फिर वह दौड़े दौड़े आंगन में आया और रस्सी का दूसरा छोर हाथ में पकड़े ट्टिडा हवा में छोड़ दिया । ट्टिडा पंख फड़ा फड़ा कर उड़ने लगा , मोटू उस के पीछे दौड़ा दौड़ा हर्षोल्लास मचाता रहाः छोटा वायु यान आया है , छोटा वायु यान आया । वह उल्लास से दौड़ता रहा , इस से जो दो मुर्गियां आंगन में थी , वह घबरा कर दीवार के कोने में भाग दुबक गईं ।

मुन्नी ने देखा , मोटू का खेल बड़ा मजेदार था , तो वह भी ट्टिडा पकड़ने घास मैदान चली गई , किन्तु बड़ी कोशिश के बाद भी उसे महज एक छोटी ट्टिडा हाथ लगी ।

इस नन्हीं सी ट्टिडा को केवल जमीन पर कूदना फूदना आता था , उसे उड़ना अभी भी नहीं आता , क्योंकि उस के शरीर पर अभी पंख नहीं निकला था ।

मुन्नी ने उसे डोर से बांधा और उड़ाने की कोशिश कीः छोटा विमान जल्द उड़ो , जल्द उड़ने जाओ । लेकिन नन्हीं ट्टिडा बस जमीन पर फूदती भागती रही , उड़ नहीं पाई ।

मोटू ने मुन्नी पर हंसी कसते हुए कहाः हा हा , यह भी कोई विमान है , किस ने बिना पंख का विमान देखा है .

मुन्नी उस की बात से बड़ी खीज गई , बोलीः यह विमान ही है , हां हां ,यह विमान ही है ।

यह विमान नहीं है ।

यह विमान ही है ।

नहीं , नहीं ।

है है , मैं कहती हूं , वह विमान है ।

दोनों वाद -प्रतिवाद करते रहे ।

इसी बीच पड़ोस का दादा चांग पास आए और पूछाः अरे , क्या बात है , बच्चे , किस बात पर झगड़ा कर रहे हैं . मोटू ने बतायाः मुन्नी कहती हो कि उस की यह ट्टिडा विमान है , भला वह कैसी विमान हो सकती. मुन्नी ने प्रतिवाद कियाः तुम्हारी ट्टिडा यदि विमान हो , तो मेरी भी विमान है ।

दादा चांग ने उन के हाथों में पड़ी टिटडे देख कर मुस्कराया मुझे पहली बार इस प्रकार का विमान देखा है .

मोटू और मुन्नी को भी हंसी आईः क्यो आप इसे असली विमान समझते हैं , हां , यह ट्टिडा है।

मैं जानता हूं कि यह ट्टिडा है , मैं ने पहले टिटड्डियों की विशाल सेना भी देखी थी ।

मोटू और मुन्नी को बड़ा ताज्जुब हुआः सच , ट्टिड्डियों की सेना क्या कर रही है.

हाय , वह पुराने चीन की बात थी , एक गर्मियों में खेतों में फसलें लहलहा रही थी , लेकिन कुछ दिन बाद सभी फसलें ट्टिड्डियों से चौपट हो गई ।