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इधर के दिनों में पता नहीं कहां से एक दुष्ट कीड़ा आ धमका और उस ने उन के कपड़ों को कुटर कुटर कर छलनी सा कर दिया , जिस से वे बहुत घबरा हो उठे ।
छोटा भाई ने यह खबर पाने के बाद उस कीड़े को पकड़ कर मार डालने की ठान ली। वह सब्जी के बगीचे की बाड़ों की ओट में जा छिपा।
थोड़ी देर बाद बगीचे के बाहर से एक छोटा सी सोनपंखी उड़ते हुए अन्दर आई , बैंगन ने दबी आवाजमें छोटा भाई से कहाः देखो , यह वह दुष्ट कीड़ा है ।
छोटा भाई दबे पांव से सोनपंखी के निकट पहुंचा और उस पर लपक कर उसे दबोच दिया ।
सोनपंखी ने घबरा कर चिल्लायाः क्यों मुझे पकड़ा , मैं ने कोई भी बुरा काम तो नहीं किया ।
सोयाबीन और आलू ने गौर से सोनपंखी पहचान करके छोटा भाई से कहाः देखने में तो एक जैसा लगता है , पर उसी दिन जब वह हम पर ज्यादती कर रहा था , उस समय वह इस प्रकार के वस्त्र में नहीं था ।
उस ने कौन सा वस्त्र पहना था . छोटा भाई ने पूछा ।
आज इस के वस्त्र पर सात रंगी बिंदु हैं , उस दिन उस के वस्त्र में आट्ठाइस बिंदु थे ।
ठीक है , मैं सात बिंदु वाली सोनपंखी हूं , कभी बुरा नहीं करती हूं ।
जिस के बारे में तुम लोगों ने चर्चा की है , उस के शरीर पर अट्ठाइस बिंदु है , वह तो अट्ठाइस बिंदु वाला सोनपंखी है । वही सब्जी के पत्ते खाने वाला कीड़ा है ।
सात बिंदु वाली सोनपंखी ने अपने की सफाई करने की कोशिश की ।
छोटा भाई को इस की बात तर्गसंगत लगी और उस ने सात बिंदु वाली सोनपंखी छोड़ी ।
फिर छोटा भाई कीड--पतंग संग्रहालय चला गया और वहां संदर्भ सामग्री में कीड़ों की तहकीक की और पता चला कि सात बिंदु सोनपंखी सचमुच आशिड का नाश करने वाला अच्छा कीड़ा है ।
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