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बालाघाट मध्य प्रदेश के डाक्टर प्रदीप मिक्षा के पत्र के उद्धरण । उन्हों ने हमें भेजे पत्र में कहा है कि सवाल जवाब कार्यक्रम में मेरे पत्र का अवलोकन किया गया , साथ ही मेरे एक प्रश्न का जवाब भी दिया गया , मेरे पत्र को सी . आर .आई हिन्दी कार्यक्रमों में शामिल करने एवं पढ़ने के लिए बहुत बहुत धन्यावाद । आशा है कि ऐसे ही मेरे अन्य पत्रों को भी शामिल करते रहेंगे ।
भारत यात्रा पर आए चीनी उच्च स्तरीय शिष्ट मंडल द्वारा भारत चीन के द्विपक्षीय संबंधों पर एवं चीनी प्रधान मंत्री के दौरे के संबंध में चीनी विदेश उप मंत्री वु दावी एवं भारतीय विदेश सचिव श्री श्याम सरण के बीच वार्ता का विवरण सुश्री ह्वांग शान द्वारा किया गया । यह विशेष रिपोर्ट काफी पसंद आयी । इस प्रकार के आपसी वार्तालापों से भारत चीन के बीच माधुर्य गहरा संबंध बनेगा ।
चीन में निर्माण और सुधार के तहत चीन की राजधानी पेइचिंग में आयोजित अन्तरराष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रदर्शनी का पूर्ण विवरण सुन कर काफी अच्छा लगा ।
आज का तिब्बत में तिब्बती प्रोफेसर श्री होंगचुंग जी के स्वर में यानी उन्हीं की जुबानी में उन का तिब्बत प्रेम एवं वहां की कला साहित्यिक विविधताओं पर उन के विचार सुन कर काफी अच्छा लगा । साथ ही उन का पूर्ण परिचय विवरण जान कर भी काफी प्रसन्नता हुई ।
महिला---, बहनो और भाइयो , बस्ती उत्तर प्रदेश के कृष्ण कुमार जायसवाल ने हमें भेजे पत्र में कहा कि आज का शिकाजे के बारे में विस्तृत सचित्र जानकारी महत्वपूर्ण लगा . यह जान कर खुशी हुई है कि तिब्बत का दूसरा बड़ा शहर शिकाजे है । शिकाजे शहर के निर्माण के इतिहास के बारे में इस की मनोहर कहानी पढ़ा, ज्ञानवर्धक लगा । शिकाजे के जीवन और समाज के बारे में वहां की संस्कृति कला एवं त्यौहार , रहन सहन आदि के बारे में जानकारी दी गई । यह जान कर खुशी हुई है कि आठवीं शताब्दी के काल में तिब्बत राजा छिसङत्येज के निमंत्रण पर भारतीय बौध धर्म के प्रसिद्ध आचार्य पदमा संभव तिब्बत में सांये मठ बनाने के लिए आए , जब शिकाजे पहुंचे , तो वे धार्मिक उपदेश देने रूके . आचार्य पदमा ने बंगाल से तिब्बत में प्रवेश करते समय भविष्यवाणी की थी कि तिब्बत का पहला केन्द्र ल्हासा में होगा और इस का दूसरा केन्द्र न्यान्मै यानी आज का शिकाजे होगा ।
सचमुच कितना पवित्र जगह है शिकाजे , एवं हराभरा मैदान , रमणीक स्थान है , और प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण है , आवागमन का साधन भी है । पर्यटक भी आने लगे हैं । हमारी शुभकामना है कि शिकाजे के लोग स्वस्थ एवं प्रसन्नचित रहें , विकास के पथ पर रहें । बहुत ही अच्छी जानकारी मिली , इस के लिए सी .आर .आई परिवार को धन्यावाद ।
सुलतानपुर उत्तर प्रदेश के अनिल कुमार द्विवेदी ने हमें लिखे पत्र में कहा कि मैं आप का नियमित श्रोता हूं , प्रश्नोत्तर में मेरा पत्र पढ़ा गया और भावनाओं को समझा गया ,इस के लिए धन्यावाद । मैं कुछ सुझाव क्लब की ओर से भेज रहा हूं , जो सी .आर.आई को प्रचारित करने में सहायक होगी ।
एक , प्रत्येक क्लब को पंजीकृत करें । दो , सी .आर .आई मोनोग्राम व पता युक्त चाबी का छल्ला बनाएं । तीन , सी.आर.आई मोनोग्राम युक्त एक इंच चौड़े चार इंच लम्बे कपड़े का टुकड़ा शर्ट या टी शर्ट के रूप में सिलाये जाए और चार , लिफाफा ऐसे ही भेजते रहे । एवं श्रोता वाटिका के पृष्ठ बढ़ाये जाए , श्रोता वाटिका एक ऐसी पत्रिका है , जो स्थाई रूप से हमारे पास लिखित सामग्री व चित्र एकत्र होते हैं , श्रोताओं की रचनाएं भी फोटो सहित होती है । कृपया इस में प्रत्येक श्रोता को अवसर प्रदान करें , एक ही श्रोता की कविता बार बार न दें ।
भेंटवार्ता आप के कार्यक्रम में अब एक वर्ष से नया दौर शुरू हुआ है . आप भारतीयों से व भारत के जानकार चीनी भाइयों से भेंट करके भारत और चीन के संबंधों पर वार्ता कर रहे हैं , इस प्रकार के कार्यक्रम सी.आर .आई हिन्दी प्रसारण की प्रगति की गवाही देते हैं । और आप के द्वारा स्टूडियो के बाहर की जाने वाली मेहनत का भी पता चला है ।
आरा बिहार के मुनमुन प्रसाद ने हमें लिखे पत्र में कहा कि आप के द्वारा भेजी गई वर्ष 2005 का कार्ड और बीजिंग रियव मैगजीन प्राप्त हुआ , आप सभी के प्यार एवं समर्पण को मेरा एवं हमारे क्लब की ओर से शत शत नमस्कार । आज के सुबह के कार्यक्रम में श्री ली द्वारा प्रयोजित कुंग फू का कार्यक्रम सुना , बहुत ही ज्ञानवर्धक एवं आत्मरक्षात्मक कला का ज्ञान बहुत अच्छा लगा और मुझे यह कहने में जरा भी संकोच नहीं है कि सी .आर .आई का जवाब नहीं है ।
बहनो और भाइयो , बांका बिहार के कुमोद नारायण सिंह ने हमें लिखे पत्र में कहा कि कल ही मैं ने आप को एक शिकायत भरा पत्र लिखा था , आज आप का पत्र मिला । एक शिकायत तो मुझे आदर के साथ करना है कि सी .आर .आई के द्वारा बहुत दिलचस्प जानकारी हमें देते हैं , इस का प्यारा तिब्बत देखें, परन्तु आप प्यास को आइसक्रीम दिखा कर रख लेते हैं , आप से सादर आग्रह है कि मुझे भी महान चीन की गोद में कुछ समय गुजारने का मौका दें । कम से कम भारत के करीब तिब्बत में एक मिलन समारोह हो ।

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