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चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ल्यू च्येन छाओ ने हाल में टेलिफोन पर संवाददाता के प्रश्न के उत्तर में कहा कि चीन का ध्यान अमरीकी प्रतिनिधि सदन में पारित अमरीका भारत असैनिक परमाणु समझौते से जुड़ी रिपोर्ट पर गया है । चीन का मानना है कि संबंधित नाभिकीय सहयोग अंतर्राष्ट्रीय अप्रसार व्यवस्था के निश्चय के अनुरूप होना चाहिये ।
श्री ल्यू च्येन छाओ ने कहा कि चीन का विचार है कि विभिन्न देश अंतर्राष्ट्रीय कर्तव्य निभाने की पूर्व शर्त में परमाणु का शांतिपूर्वक प्रयोग करने वाला अंतर्राष्ट्रीय सहयोग कर सकते हैं । साथ ही संबंधित सहयोग अंतर्राष्ट्रीय अप्रसार व्यवस्था के निश्चय से मेल खाना और अंतर्राष्ट्रीय अप्रसार की कोशिश के लिये लाभदायक होना चाहिये ।
भारत ने अभी तक अप्रसार नाभिकीय शस्त्र संधि पर हस्ताक्षर नहीं किये । अमरीका के संबंधित कानून के अनुसार अमरीका सरकार को उक्त संधि पर हस्ताक्षर न करने वाले देशों को नाभिकीय तकनीक स्थानांतरित नहीं करना चाहिये ।
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