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कटोखर उत्तर प्रदेश के मुकेश कुमार ने सी .आर .आई हिन्दी सेवा के नाम लिखे मेरी जान शीर्षक पत्र में कहा कि मैं आप का नियमित श्रोता हूं । मेरे घर के सभी सदस्य बहुत ध्यान से आप का प्रोग्राम सुनते हैं । हमारे घर में सी .आर .आई कार्यक्रम की चर्चा होती है । मेरे घर के सभी सदस्य आप का हर कार्यक्रम बहुत पसंद करते हैं । हमारे घर के सभी सदस्य चाहते हैं कि श्रोता वाटिका हमारे घर को आप भेजे । मैं यह दूसरी बार लेटर लिख रहा हूं । सी .आर .आई से प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों की कितनी तारीफ की जाए कम है । मुझे और मेरे परिवार को सी . आर .आई का प्रोग्राम बहुत ही अच्छा लगता है ।
और मेरा सुझाव है कि जो भी श्रोता लेटर भेजे ,आप के पास उस की कविता और उस का लेटर रेडियो पर जरूर पढ़ जाए ,आप का पत्र मिला कार्यक्रम में प्रति सप्ताह श्रोताओं द्वारा भेजे गए पत्रों की सूची अवश्य पढ़ी जाए , जिस से श्रोताओं को मालूम हो जाए कि उस का पत्र आप तक पहुंचा या नहीं ।
आप की नई दिल्ली की रिपोर्ट बहुत ही अच्छी लगती है , क्योंकि इन रिपोर्टों में सब से अलग जानकारी प्राप्त होती है । तमाम श्रोताओं के प्रश्नोत्तर , संगीत और गाने बहुत अच्छे लगते हैं और ज्ञानविज्ञान और पूरी दुनिया के बारे में जानकारी मिलती है आप के कार्यक्रमों से । कुछ ऐसा होना चाहिए कि भारत चीन के बीच मैत्री स्थापित हो , दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंध हो , दोनों के बीच शांति हो । दोनों देशों का आर्थिक अथवा हर तरह से विकास हो । आप सब की आवाज और बातचीत मुझे बेहद पसंद है ।
मऊनाथ भंजन उत्तर प्रदेश के उस्मान अली अंसारी ने हमें लिख अपने पत्र में सी .आर .आई हिन्दी वेबसाइट के बारे में कहा कि मैं ने अपने दोस्त शादाब आलम के साथ सी .आर .आई की वेबसाइट देखना शुरू किया , सी .आर .आई की वेबसाइट बहुत ही खूबसूरत तथा अच्छी देखने को मिली है । हम लोगों को देखने में कही से कोई कमी नजर नहीं आयी , बल्कि सब से उम्दा बात ये देखने को मिली कि सी .आर .आई की वेबसाइट खोलते ही फौरन खुल जाती है । चाहे अंग्रेजी हो या हिन्दी वेबसाइट बहुत बड़ी आसानी से तुरंत खुल जाती है । सी .आर .आई की हिन्दी वेबसाइट से न तो वाइस आफ अमरीका मुकाबला कर सकता है , न ही बी बी सी । इन दोनों की वेबसाइट बहुत ही देर में खुलती है । इसलिए मऊ के श्रोता सी .आर .आई की वेबसाइट देखना पसंद करते हैं । आशा है कि भविष्य में भी सी . आर .आई की वेबसाइट इसी तरह तुरंत खुलेगी और श्रोता वेबसाइट का लाभ उठा सकेंगे ।
नारनोल हरियाणा के उमेश कुमार ने आप का पत्र मिला कार्यक्रम के नाम भेजे पत्र में कहा कि चीन में निर्माण और सुधार कार्यक्रम में चिनफङ द्वारा सिन्चांग की येन छी काउंटी में महिला सुश्री ली लुई छिंग द्वारा अंगूर के उद्यान और सांगतो मदिरा उद्योग के विषय में दी गई जानकारी रोचक होने के साथ साथ ज्ञानप्रद भी रही । रेगिस्तान में उन के द्वारा अंगूर बाग लगाना उन की कर्मठता का द्योतक है । सांस्कृतिक जीवन में श्याओथांग जी द्वारा परम्परागत ओपेरा कला को जीवित रखने के लिए पेइचिंग ओपेरा की पहल के बारे में बेहद रोचक जानकारी पाई , यह सही है `कि दर्शकों की मांग को ध्यान में रख कर अधिक लोकप्रियता प्राप्त की जा सकती है । कला का विकास ही नहीं विस्तार भी परमावश्यक है ।
श्री उमेश कुमार ने आगे लिखा है कि आप के कार्यक्रम सुनते हुए काफी बरस हो गए हैं । पूर्व में जब सी .आर .आई रेडियो पेकिंग के नाम से अपने कार्यक्रम प्रसारित करता था, आपकी एक सभा साढ़े आठ से साढे नौ होती थी , वर्तमान में चार सभाएं होती हैं , कार्यक्रमों में काफी बदलाव आ गया है , इन की गुणवत्ता में निश्चित रूप से सुधार हुआ है । मैं ने सी .आर .आई पर एक छोटी सी कविता लिखी , उचित लगे , तो इसे स्थान अवश्य दीजिएगा।
ये है सी .आर .आई
नाम है इस का सी.आर .आई .
बनाए श्रोताओं को आपस में भाई ,
अथाह ज्ञान का है ये खजाना ,
सुन कर इसे हम को है पाना ।
नित्य देता है विविध जानकारी ,
बहुत बढ़िया होती है सारी .
इसे सुनने को करता है मन रोजाना,
कभी कभी बनाना भी पड़ता है बहाना ,
देता है , जो जानकारी हम को ,
नहीं जाती अंगुलियों पे गिन ।
इस की हर अदा है हम को भाई ,
रहे सदा लोकप्रिय सी .आर .आई ।
सी .आर .आई पर कविता लिखने के लिए श्री उमेश कुमार को कोटि कोटि धन्यावाद है । आप हमारे पुराने नियमित श्रोता है , और समय समय पर हमें लिख कर कार्यक्रमों के बारे में अच्छी अच्छी समीक्षा भी करते हैं , उम्मीद है कि हमें आप की इस तरह का समर्थन मिलता रहेगा । आप के नए पत्रों के इंतजार में हैं ।

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