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(GMT+08:00) 2006-05-19 10:54:28    
श्री ऊ पांग क्वो चीन युरोप संबंधों के निरंतर विकास पर आशा बांधे हुए हैं

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रोमानिया की यात्रा कर रहे चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थायी कमेटी के अध्यक्ष ऊ पांग क्वो ने 18 तारीख को रोमोनिया के संसद भवन में समान विकास को बढ़ावा देने के लिये पारम्परिक मैत्री को गहराओ नामक व्याख्यान दिया । श्री ऊ पांग क्वो ने अपने व्याख्यान में जताया कि चीन युरोपीय संघ में रोमानिया की भागीदारी का समर्थन करता है और यह विश्वास भी करता है कि युरोपीय एकीकरण की प्रक्रिया में रोमानिया की हिस्सेदारी से युरोपीय संघ के विकास में नयी शक्ति का संचार किया जायेगा और चीन युरोप संबंधों के विकास के लिये नया मौका प्रदान भी हो पायेगा ।

रोमानिया श्री ऊ पांग क्वो की मौजूदा चार युरोपीय देशों की यात्रा का प्रथम पड़ाव है । आधे साल के बाद चीन के साथ पिछले पचास सालों से गहरी मैत्रीपूर्ण संबंध बरकरार रखने वाला यह पुराना मित्र युरोपीय संघ का एक सदस्य बनेगा । उसी दिन के व्याख्यान में श्री ऊ पांग क्वो ने कहा कि पुराना मित्र होने के नाते चीन अपने देश की वास्तविक स्थिति के आधार पर सामाजिक व्यवस्था और विकास का रास्ता चुनने के रोमानिया के विकल्प और युरोप में विलीन होने की उस की राजनयिक नीति का सम्मान करता है । श्री ऊ पांग क्वो ने कहा कि चीन रोमानिया सरकार और रोमानियाई जनता की युरोपीय एकीकरण की प्रक्रिया में विलीन होने की कोशिशों का समर्थन करता है । चीन को विश्वास है कि युरोपीय संघ में रोमानिया की भागीदारी से अवश्य ही युरोपीय संघ के विकास में नयी शक्ति का संचार किया जायेगा और चीन युरोप संबंधों के विकास के लिये नया मौका भी तैयार होगा ।

1993 में अपनी स्थापना के बाद युरोपीय संघ के दो बार विस्तार के जरिये 12 सदस्य देशों को बढ़ाकर वर्तमान के 25 तक हो गये और उस की जनसंख्या भी करीब 45 करोड़ तक पहुंच गयी है , कुल आर्थिक मूल्य भी अमरीका के बराबर होने वाला है । अगले वर्ष की पहली जनवरी को युरोपीय संघ फिर दो नये सदस्यों को शामिल कर अपने तीसरे विस्तार को मूर्त देगा । श्री ऊ पांग क्वो ने अपने व्याख्यान में चीन सरकार की ओर से युरोपीय एकीकरण की इस प्रक्रिया के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया । श्री ऊ पांग क्वो ने कहा

कि चीन युरोपीय संघ की एकीकरण प्रक्रिया का समर्थन करता है और यह देखना भी चाहता है कि युरोपीय संघ क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मामलों में और बड़ी भूमिका निभाये ।

युरोपीय संघ विश्व में सब से बड़ा विकसित देश ग्रुप है , जबकि चीन विश्व में सब से बड़ा विकासशील देश है । हालांकि दोनों पक्षों के बीच ऐतिहासिक संस्कृतियों और राजनीतिक व्यवस्थाओं की भिन्नताएं मौजूद हैं , पर दोनों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद के पिछले तीस सालों में चीन व युरोपीय संबंधों का निरंतर विकास बरकरार रहा है , जिस से दोनों पक्षों को और अधिक समान लाभ प्राप्त हुए हैं । उन्हों ने कहा कि चीन व युरोपीय संघ के संबंधों के विकास से जाहिर हो गया है कि जब शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के पांच सिद्धातों पर कायम रहकर समान हितों का लगातार विकास किया जाये और विवादों का समुचित रूप से समाधान किया जाये , तो भिन्न भिन्न सामाजिक व्यवस्थाओं वाले देश सहयोग और संबंधों को बढ़ावा देने में बिल्कुल समर्थ होंगे ।

पिछले तीस सालों के विकास से चीन और पुरोपीय संघ के बीच आपसी राजनीतिक विश्वास और अधिक बढ़ गया है और आर्थिक व व्यापारिक सहयोग भी निरंतर विस्तृत हो गया है । सिर्फ गत वर्ष में नौ चीनी नेताओं ने युरोपीय संघ के 14 सदस्य देशों और युरोपीय संघ के मुख्यालय का दौरा किया और युरोपीय संघ के 18 सदस्य देशों और युरोपीय संघ की संस्थाओं के नेताओं ने क्रमशः चीन की यात्रा की । आर्थिक व्यापार के क्षेत्र में युरोपीय संघ पिछले दो सालों में चीन का प्रथम बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है और चीन भी बढ़ कर युरोपीय संघ का दूसरा बड़ा व्यापारिक साझेदार बन पाया है । जैसा कि श्री ऊ पांग क्वो ने कहा कि अब चीन युरोप संबंध सब से बहतर विकास के दौर में प्रविष्ट हो गये हैं । उन्हों ने कहा कि चीन हमेशा के लिये चीन युरोप संबंधों को चीनी राजनयिक मामलों के प्रमुख स्थान पर रखता आया है ।चीन व युरोप के सर्वांगीर्ण रणनीतिक साझेदार संबंधों का विकास दोनों पक्षों के मूल हितों से मेल खाता ही नहीं , बल्कि विश्व शांति , स्थिरता और विकास के लिये भी लाभदायक है ।