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चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता श्री ल्यू च्येन छाओ ने छै तारीख को संवाददाता के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अमरीका की अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्र समिति को धार्मिक सवाल से दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों पर हस्तक्षेप करने को बंद करना चाहिए , ताकि अपनी छवि को नुक्सान न पहुंच सके और अमरीका व अन्य देशों के संबंधों तथा उक्त समिति व संबंधित पक्षों के बीच आदान प्रदान को बाधित किया जा सके ।
फिलहाल अमरीका की अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्र समिति ने 2006 वर्षिय रिपोर्ट जारी की, जिस में चीन समेत अनेक देशों की धार्मिक नीतियों की आलोचना की गयी । श्री ल्यू च्येन छाओ ने कहा कि इस रिपोर्ट ने चीन समेत कुछ विकासशील देशों की धार्मिक स्थितियों को लेकर मन माने ढ़ंग से टिप्पणी की । इस समिति ने गत वर्ष में अपनी चीन यात्रा के दौरान देखा सुना की परवाह न करके चीन की धार्मिक व जातीय नीतियों को तोड़मरोड़कर पेश किया है , यहां तक कि उस ने भ्रामक पंथ फ़ा लुन कोंग की भी सफाई की , जिस से उस की बेवकुफ़ी फिर एक जाहिर हो गयी है ।
श्री ल्यू च्येन छाओ ने कहा कि चीन सरकार कानून के अनुसार नागरिकों के स्वतंत्र धार्मिक विश्वास की रक्षा करती है । चीनी नागरिक कानून के मुताबिक धार्मिक विश्वास करने में पूर्ण रूप से स्वतंत्र हैं । यह सर्वमान्य तथ्य है । अमरीका की अंतर्राष्ट्रीय स्वतंत्र समिति धार्मिक स्वतंत्रता की आड़ में चीन के अंदरूनी मामले पर हस्तक्षेप करती है, यह दोनों देशों के संबंधों के बहतरीन विकासक्रम के खिलाफ है ।
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