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चीनी विदेश-मंत्रालय के प्रवक्ता श्री ल्यू च्येन छाओ ने 13 तारीख को पेइचिंग में कहा कि ऐतिहासिक सवाल चीन और जापान के बीच मौजूद ऐसा सवाल है , जिसे पार करना असंभव है । चीन की आशा है कि जापान ऐतिहासिक सवाल को लेकर अपनी सदिच्छा व बुद्धिमता दिखाकर इस सवाल का समुचित रूप से समाधान करेगा ।
जापानी मंत्रिमंडल के प्रथम सचिव आबे शिन्ज़ो ने हाल में तोक्यो में आयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि अगर वे कोईज़ुमी जुनिचिरो का स्थान लेकर जापान के नए प्रधान मंत्री बनेंगे, तो वे यासुकुनी मंदिर के दर्शन करना जारी रखेंगे ।
श्री ल्यू च्येन छाओ ने तेरह तारीख को चीनी विदेश-मंत्रालय द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जापानी नेताओं के यासुकुनी मंदिर, जहां दूसरे विश्व युद्ध में प्रमुख जापानी युद्ध अपराधियों के तख्ते रखे हुए हैं , के दर्शन करने को लेकर चीन ने अनेक बार अपना रूख स्पष्ट किया है और चीन का यह रूख स्पष्ट ही नहीं दृढ़ भी है । ऐतिहासिक सवाल चीन और जापान के बीच मौजूद एक महत्वपूर्ण सैद्धांतिक सवाल है , जो चीन जापान संबंधों का राजनीतिक आधार बन चुका है,इस सवाल को पार करना असंभव है।
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