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इजराइल कस्तूरी ने अपने पत्र में हमें बताया कि रविवार को उन के क्लब की मासिक मीटिंग का आयोजन हुआ , जिस में क्लब के सदस्यों ने भाग लिया । मीटिंग का शुभारंभ चाय पार्टी के साथ हुआ , तत्पश्चात कार्यक्रम पर जोरदार बहस हुई । सारे सदस्यों ने सी .आर .आई के कार्यक्रम पर संतोष व्यक्त करते हुए हर्ष व्यक्त किया कि इन दिनों कार्यक्रम बहुत साफ सुनाई दे रहा है । क्लब की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं पेश की गई ।
श्रोता वाटिका के देर से मिलने एवं प्रकाशित किया जाने पर असंतोष व्यक्त करते हैं , सदस्यों की मांग है कि इसे निश्चित समय पर प्रकाशित एवं श्रोताओं को भेजे जाएं ।
इजराइल कस्तूरी ने अपने पत्र में आगे लिखा कि लुंगयान शहर के बारे में चिनफङ भाई की रिपोर्ट सुन कर मन और मस्तिष्क तरोताजा हो गया । शहर की विविध विशेषताओं को चिनफङ भाई ने ऐसे अंदाज में पेश किया कि मन ललचने के बजाए संतुष्ट हो गया कि अभी भी कम्प्युटर के जमाने में प्राकृतिक छटा को बरकरार रखा है ।
बलांगिर उड़ीसा की इच्छावती महापात्र ने एक अंतराल के बाद हमें भेजे पत्र में यह कहा है कि चाओ हवा जी के द्वारा चीन की अल्प संख्यक जाति के रीति रिवाज पर एक दिलचस्प प्रस्तुति सुनी , बधाई हो ।
ह्वी जाति के रीति रिवाज में शादी मौत आदि के क्रियाकर्म पर मनोरंजक जानकारी बहुत अच्छी लगी । चाओ हवा जी इसी कार्यक्रम को बड़े सुचारू रूप से प्रसारित करती हैं , सी .आर .आई के द्वारा ऐसे नए नए प्रस्तुति के लिए सी .आर.आई को धन्यावाद । लोतिन काउंटी –तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के पुल के बारे में भी जानकारी अच्छी लगी । और एक बार इस के बारे में प्रसारित करे, क्योंकि आसपास के रेडियो की बाधा आयी थी । विशेष कार्यक्रम प्रसारित करते समय फ्रिक्वेंसी पर ध्यान दीजिए ।
तिब्बती यात्रा मेरा प्रिय कार्यक्रम है , शाओथांग जी के द्वारा प्रस्तुत तिब्बत के लुलांग स्कूल के बारे में सुनी , 16 छात्र है , जो वे सब किसान और चरवाहा परिवार के हैं , खाद्य , पोशाक और स्कूली पाठ्य पुस्तक आदि सामग्री की सहायता पाकर वे खुशी से पढ़ते हैं ।
आप अनिल भाई के बारे में दो तीन बार प्रस्तुतियां की , उन की चीन में रहना खाना और नौकरी व पैसा कमाना सब याद में आए , उन का छोटा सा काम में भी संतोष रहना सब से अच्छी लगी ।
बहनो और भाइयो , इच्छावती महापात्र बहन ने अपने पत्र में यह पूछा है कि चीन में 2008 का विश्व ओलंपिक होगा , दूसरे रेडियो स्टेशनों से सुना है कि चीन में सौभाग्य की संख्या 6, 8 और 9 है , इसलिए विश्व ओलंपिक वर्ष 2008 के अगस्त यानी आठवां महीना , आठ तारीख को शुरू होने की सूचना मिली है । चीन में 4 ,7 और 1 की संख्या दुर्भाग्य की संख्या है । कृपया बताया कि संख्या क्यों और किन किन कारणों में दुखद और सुखद स्मृति वहन कर आती है ।
इच्छावती महापात्र जी , आप ने एक बड़ा दिलचस्पी सवाल पूछा है । हां , आप ने सही सुना है कि चीनी जन साधारण में संख्या के दस अंक के बारे में प्राचीन काल से कुछ को सौभाग्य के लिए और अन्य कुछ को दुर्भाग्य के लिए माना जाता आ रहा है । वास्तव इस का कारण बहुत सरल है , क्योंकि चीनी शब्दों में संख्या के दस अंकों के उच्चारण अन्य कुछ शब्दों के उच्चारण बराबर होते हैं , उदाहरण के लिए छै और आठ को लीजिए , चीनी भाषा के उच्चारण के अनुसार छै और आठ को ल्यो और बा बोलता है , ल्यो और बा के बराबर उच्चारण के मालामाल और सुगमता के अर्थ वाले चीनी शब्द भी हैं , जबकि चार और सात वाले अंकों के चीनी उच्चारण सी और छी है , जो दूसरे चीनी शब्द मौत और गुस्सा के उच्चारण के समान होता है । इसलिए अमीरी व सुगमता सूचक चीनी शब्दों के बराबर उच्चारण वाले अंक छै और आठ शुभसूचक माना जाता है , जबकि मौत और गुस्सा अर्थ वाले चीनी शब्दों के समान उच्चारण के चार और सात अंक अशकुन माना जाता है । चीन में नौ अंक को इसलिए शुभ माना जाता है , क्योंकि अंकों में वह सर्वाधिक है । प्राचीन काल के सामंती राजवंशों के शासक नौ अंक के प्रयोग पर अत्यन्त महत्व देते थे , कुछ राजकालों में जन साधारण को नौ अंक का किसी काम में प्रयोग किया जाने की इजाजत भी नहीं दी जाती थी । चीनी लोगों में यह पुरानी परम्परा आज भी कुछ लोगों में मानी जाती है , लेकिन आम तौर पर यह मान्यता खत्म हो गई है । लोग केवल मनोरंजन और मजा के लिए इस मान्यता का प्रयोग करते हैं ।
गया बिहार के मोहम्मद जमाल खान मिस्त्री ने हमें लिखे पत्र में कहा कि सी .आर .आई ने बीते हुए समय से लेकर अब तक हम श्रोताओं को जानतारियों के साथ साथ कई सामग्रियां प्रदान की है । और अब तक तो ठीक था , पर कई ऐसे श्रोता बंधु है, जिन्हें हवाई डाक के साथ दिल्ली के सी . आर .आई के ब्यूरो में भी पत्र नहीं भेज पा सकता , इस दुख को सी .आर .आई समझ कर सी .आर .आई के हिन्दी विभाग के श्रोताओं को लिफाफा प्रदान करता है , ताकि वे श्रोता भाई बहन सीधे सी .आर .आई को पत्र भेज सकें ।
यह अंदाज हमें और हम श्रोताओं को बड़ा पसंद आया , क्योंकि मैं तीस सालों से रेडियो से जुड़ा हू , अब तक इतनी सहायता तथा श्रोताओं को ध्यान में रख कर नहीं देखा गया , चाहे भारतीय केन्द्रों के रेडियो स्टेशन हो या अन्तरराष्ट्रीय सेवा हो । इस बात का हमें सी .आर .आई पर गर्व होता है कि हम सी .आर .आई से जुड़े हैं , भविष्य में सी .आर .आई हिन्दी विभाग से मिलने की योजना है । भगवान कब यह सौभाग्य हमें प्रदान करता है । आप सभी इतनी लगन और मेहनत से कार्यक्रम पेश करते हैं । हम सभी को ज्ञान और मनोरंजन प्रदान करते हैं , इतने अच्छे और महान कार्य के लिए आपसभी लोग बधाई के पात्र हैं । हम सभी श्रोताओं से ढेरों बधाइयां स्वीकार करें और भविष्य में अच्छे और अधिक ज्ञान मनोरंजन से भरा कार्यक्रम प्रदान करेंगे , भगवान हम सभी के साथ आप सभी को भी आशीश देंगे ।
बांरा राजस्तान के प्रोफेसर श्रवणलाल योगी ने सी .आर .आई के लिए लिखे पत्र में कहा कि चाइना रेडियो इंटरनेशनल के तमाम कार्यक्रम तो जितनी तारीफ की जाए ,वो कम ही होगी । इन कार्यक्रमों के माध्यम से विदेशों से चीन देश की घनिष्ठ मित्रता बढ़ रही है । और ऐसी ही मित्रता हो ,ऐसी कामना करते है । श्रोता वाटिका का अंक हमारे पास पहुंच गया था । आप को बहुत शुक्रिया है ।

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