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(GMT+08:00) 2005-11-01 09:13:07    
 श्रोताओं की बातें

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उत्तर प्रदेश के जसीम अहमद हमें जो कुछ कविता भेजी है , उस में से यह अंश हैः

उठ गया पुकारती है धरती ,

तू कहां गया है वीरव्रती ,

जलता यह गात है नित्य प्रति,

उठ जाग , पुकारती धरती ।

हिमगिरी ने तुम्हें पुकारा है ,

सिन्धु ने भी लड़काड़ा है

अंग्रेजों ने जब त्राणा किया ,

बापू ने तब संग्राम किया ।

जननी ने आतू नाढ़ किया ,

पुत्रों ने परचम थाम लिया ,

जननी को यह संदेश दिया ,

मिस भारत का जयघोष किया ।

हो गया क्या तू छिग्भ्रांत ,

या वीरता छुई अब कंत ,

हो अमर पुत्र , तु जाग व्रती ,

उठ जाग , पुकारती है धरती ।

पुरूष---, बहनो और भाइयो , वैशाली बिहार के रंजय कुमार ने सी .आर .आई के हिन्दी विभाग के नाम लिखे पत्र में कहा कि गुरूवार के प्रसारण में दोनों रिपोर्ट चीन आसियान मुक्त व्यापार पर रिपोर्ट तथा भारत पाक शांति वार्ता पर रिपोर्ट काफी पसंद आया क्लब के सभी सदस्यों को ।

जीवन और समाज के अन्तर्गत जानकारी दी गई कि वर्ष 1978 में चीन में खुलेपन की नीति की शुरूआत हुई । यह जानकारी पा कर अच्छा लगा कि विदेशों में पढ़ने वाले चीनी छात्र स्वदेश छुट्टियों में लौटे , यहां पर सभी जगह घुम घुम कर ज्यादा जानकारी प्राप्त करते हैं तथा पढ़ाई पूरा करके अपने देश की सेवा करते हैं ।

हम लोग श्रोता वाटिका का प्रत्येक अंक संग्रहित करना चाहते हैं इसलिए आप से विनती है कि मुझे नियमित रूप से श्रोता वाटिका का अंक भेजा करें । सवाल जवाब कार्यक्रम में ज्यादा श्रोताओं के प्रश्नों का जवाब देने की कोशिश किया जाए ।

महिला---, बहनो और भाइयो , सिवान बिहार के मोहम्मद जिलानी अंसारी ने हमें लिख कर कहा कि श्रोता वाटिका का पांचवां अंक प्राप्त हुआ , देख कर क्लब के श्रोताओं को बेहद खुशी हुई । जब मैं ने श्रोता वाटिका में सी . आर .आई पर हिन्दी में कविता , गजल एवं तरह तरह की चीजों को देखा ,तो हम से भी न रहा गया और हम ने सी .आर .आई गाथा के नाम से एक छोटा सा कविता लिखा और क्लब के श्रोताओं से पढ़ कर सुनाया , उन्हें बहुत अच्छा लगा और उन्ही के कहने पर ही मैं ने श्रोता वाटिका के अगले अंक में छापने तथा प्रसारित करने के उद्देश्य से सी .आर .आई को भेजा ।

आप हमारे इस गाथा को श्रोता वाटिका में जगह दे कर सक्रिया का अवश्य मौका दें और हमारे कल्ब के श्रोताओं के मनोबल को और आगे बढ़ा दें ।

श्री मोहम्मद जिलानी अंसारी का यह सी .आर .आई गाथा आप भी सुन लें ।

सी .आर .आई है नाम जिस का अद्भुत निराला है काम इस का ।

मार्च संतावन में सी .आर .आई हिन्दी कार्यक्रम ने जन्म लिया।

हिन्दी का माहौल बना कर हिन्दी का उपदेश दिया।

सुना और आगे बढ़ो का झंडा हम फहराते है ।

आज उसी चाइना रेडियो की हम कथा सुनाते हैं ,

मेहनत कर सन् 59 में बहुत अधिक उत्थान किया ।

बीच बीच में किसी वजह से थोड़ा सा नुकसान हुआ ।

जो होते है सच्चे योगी आगे बढ़ते जाते हैं ।

चाइना रेडियो इंटरनेशनल की अद्भुत एक कहानी है ,

इस की सुन्दरता को देख विदेशियों ने बहुत बखानी है ।

थोड़े समय में चाइना की सारी बात बताते हैं ,

आज इसी चाइना रेडियो की हम कथा सुनाते हैं ।

कब सोते है , कब है जागे ,नहीं किसी ने जाना है,

वीर बहादुर कर्मर योगी सभी लोगों ने माना है ,

देख इन का उच्च मनोबल हर दम वे मुस्काते हैं .

आज चाइना रेडियो की गाथा हम सुनाते हैं ।

नैनीताल उत्तर प्रदेश के शंकर सिंह बसेड़ा ने हमें लिख कर कहा कि यह जान कर आप को हर्ष होगा कि मैं और मेरे क्लब के सभी सदस्य आप के प्रसारण को लगभग दो वर्षों से निरंतर सुनते आ रहे हैं । यह मेरा तीसरा पत्र है । उम्मीद है कि आप इसे अपने प्रोग्राम में जरूर स्थान देंगे । मुझे आप की मधुर आवाज बहुत प्यारी लगती है । और आप के सभी कार्यक्रम बहुत दिलचस्प लगते हैं ।

मेरा प्यारा रेडियो सी .आर .आई .

देता विभिन्न मनोरंजनक जानकारी ।

अब है इस से जुड़े रहने की बारी ,

सुने जो एक बारी ,

नहीं तोड़ पाता नाता भाई ,

ऐसा है हमारा प्यारा रेडियो सी .आर .आई ।

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के राज गुप्ता ने हमें लिख कर कहा कि मेरी तरफ से एवं सी .आर .आई लिस्नर्स क्लब की तरफ से सी .आर .आई परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक नमस्कार तथा साथ ही साथ आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं ।

नया साल आप सभी के लिए बहार लाए , नया साल आते ही पुराने दुखद क्षणों को अपने अन्दर समेट ले तथा आप सभी को हमेशा खुश रखे । मेरी रब से यही प्रार्थना है कि रब आप सभी को फुलों सी सुन्दर मुस्कान आप को दे । आप के चेहरे पर सदा मुस्काराहट विराजमान रहें । क्योंकि आप की खुशी भी हमारी खुशी है , आप मुस्कराते रहेंगे , तो हम भी आप को मुस्कराते हुए देख कर सदा मुस्कराते रहेंगे ।

एक बार फिर हमारी तरफ से नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं।

बहनो और भाइयो , नव वर्ष के लिए हमें श्रोता मित्रों से ढेर सारी शुभकामनाएं मिलीं है , जैसे राज गुप्ता ने अपने पत्र में नव वर्ष के लिए हमें सदा मुस्कराने की प्रार्थना की है , वैसा हम भी हार्दिक कामना करते हैं कि हमारे सभी श्रोता और उन के परिजन , रिश्तेदार और मित्र हमेशा खुश रहें और सदा मुस्कराते रहें और उन का जीवन सुन्दर फुलों की भांति खुशबू रहे । आप लोगों के चेहरे पर जो मिट्ठी मिट्ठी मुस्कान खिलती है , वह हमारी हमेशा की प्रार्थना है ।