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बहराइच उत्तर प्रदेश के शब्बन खान गुल ने सी .आर.आई के हिन्दी विभाग के नाम भेजे पत्र में कहा कि हम चाइना रेडियो इंटरनेशनल की हिन्दी सेवा को बड़े चाव से नियमित सुनते हैं । आप के सभी कार्यक्रम रोचक तथा जानकारी देने वाले होते हैं । विश्व में क्या घट रहा है , इस को भी हम आप के माध्यम से ही जान पाते हैं । कार्यक्रमों की प्रस्तुति काफी अच्छी लगती है । चाइना रेडियो इंटरनेशनल की हिन्दी सेवा भारत और चीन के आपसी संबंधों को काफी मजबूत कर रही है तथा दोनों देशों के नागरिकों को एक दूसरे की संस्कृति , रहन सहन को समझने का मौका दे रही है । हिन्दी सेवा ने भारत चीन के संबंधों के प्रगाढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा कर प्रशंसनीय कार्य किया है । हम हिन्दी सेवा से ही जान सके है कि भारत चीन की संस्कृति , रहन सहन और वचार तथा जीवन शैली आपस में काफी मिलती जुलती है । प्रेम , शांति , भाईचारे का संदेश देता चाइना रेडियो इंटरनेशनल लगातार दोनों देशों को आपस में जोड़ता रहे तथा भारत के जनजन तक पहुंचाए । हम चाहते हैं कि चीन से प्रकाशित होने वाली हिन्दी पत्रिकाएं व साहित्य आप अवश्य भेजें , ताकि हम चीन की गौरवशाली धरोहरों , संस्कृति आदि से और अधिक परिचित हो सकें ।
आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के मोहम्मद शाहिद आजमी ने सी . आर .आई के हिन्दी विभाग के नाम लिखे पत्र में कहा कि दिनांक 24 सितम्बर को लोकप्रिय कार्यक्रम चीन की अल्पसंख्यक जाति में वा जाति पर एक शिक्षाप्रद ज्ञानवर्धक एवं रोचक रिपोर्ट सुनने को मिली । वा जाति के आयेसिन नामक युवक की बातचीत एवं उस के कठिन परिश्रम से सफल जीवन पर आधारित रिपोर्ट से चीन की इस जाति की संस्कृति को जानने का अवसर मिला । आयेसिन ने अपनी बातचीत के मध्य बताया कि उस के गांव की गरीबी का मुख्य कारण निम्न सांस्कृतिक जीवन स्तर का होना है । हांगयुन काऊंटी में वा जातीय भाषा के रेडियो प्रसारण में कार्य कर वा जाति की संस्कृति के विकास का कार्य करने वाले आयेसिन की बातों से ज्ञात है कि कठिन परिश्रम एवं सच्ची लगन अगर मन में हो , तो कुछ भी असंभव नहीं है । आयसिन की वा जातीय भाषा की आवाशान पत्रिका उन के इसी मेहनत का परिणाम है । आवाशान से जुड़े पहलुओं से लोगों को अवगत कराने में सफल होगी । वा जाति से प्यार करने वाले युवक आयसिन पर दीदी चाओ ह्वा की रिपोर्ट वास्तव में बहुत ज्ञानवर्धक थी । रिपोर्ट न केवल ज्ञान वर्धक थी , बल्कि यह निराश युवकों को उन की निराशा दूर करने की प्रेणादायक भी थी । चीन के इस वा जाति के युवक आयसिन को हमारा सलाम ।
सुलतानपुर उत्तर प्रदेश की चन्द्रकला द्विवेदी ने आप का पत्र मिला कार्यक्रम के नाम भेजे पत्र में कहा कि मैं आप का कार्यक्रम नियमित रूप से सुन रही हूं । मैं दावे के साथ कहती हूं कि चीन के बारे में जानना हो , तो सी .आर .आई के हिन्दी प्रसारण सुनो । चीन के बारे में जितनी जानकारी सी .आर .आई से मिलेगी , उतनी जानकारी अन्य कहीं से नहीं मिलेगी । चीन के तिब्बत की जानकारी रिपोर्ट आज का तिब्बत कार्यक्रम से मिलती है । तिब्बती लोगों की जिन्दगीमें निरंतर सुधार होता जा रहा है, यह चीन के समग्र उत्थान की नीति के फल है ।
मुझे आज का तिब्बत कार्यक्रम पर आयोजित प्रतियोगिता से पार्सल प्राप्त हुआ है , जिस में टी शर्ट मिला है । मैं आप की तहेदिल से शुक्रगुजार हूं कि आप ने हमें उपहार योग्य समझा और प्रेषित किया ।
हनुमान राजस्तान के प्रेम सिंह बड़वाल ने हमें लिखे पत्र में सी .आर .आई के हिन्दी कार्यक्रम पर अपनी पसंद इन शब्दों से बतायी कि ठंडी सुहावनी रात में जब आप के हसीन प्रोग्राम हमारे तक पहुंचते हैं तो आप की मिट्ठी आवाज हमारे कानों में इस गोल देती है । भेले ही आप हम से हजारों मील दूर बैठे हुए हैं , लेकिन जब आप इतने प्यार मौहब्बत ,इतनी मिट्ठी आवाज , इतने प्यारे अंदाज से प्रोग्राम पेश करते हैं , आप यकीन मानिए कि उस वक्त हमें यूं महसूस होता है और इस वक्त हमें यूं लगता है , जैसे कि आप बिलकुल हमारे पास बैठे हुए हों . हमारी नजरों के बिलकुल सामने बैठे हुए हमारे साथ प्यार की मिट्टी मिट्टी बातें कर रहे हैं । बहुत अच्छा लगता है , हमें आप के प्रोग्रामों को सुन कर , बड़ी खुशी होती है हमें आप के प्रोग्राम सुन कर । आप कदमों की दूरी में जरूर दूर हैं , लेकिन आप हमारे दिल से दूर नहीं । आप और सी .आर.आई के सभी प्रोग्राम हमारे दिल में बसते हैं .
प्रेम सिंह बड़वाल के इन शब्दों से हम तहेदिल में प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकते हैं । आप की प्रेरणादायक बातों से हमें एक प्रकार का उत्साह मिलता है । हम श्रोताओं को अच्छे से अच्छा कार्यक्रम सुनाने के प्रयासों में अवश्य कोई कसर नहीं छोड़ेंगे । यही आप को यकीन होगा ।

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