• हिन्दी सेवा• चाइना रेडियो इंटरनेशनल
China Radio International
चीन की खबरें
विश्व समाचार
  आर्थिक समाचार
  संस्कृति
  विज्ञान व तकनीक
  खेल
  समाज

कारोबार-व्यापार

खेल और खिलाडी

चीन की अल्पसंख्यक जाति

विज्ञान, शिक्षा व स्वास्थ्य

सांस्कृतिक जीवन
(GMT+08:00) 2005-06-07 15:12:19    
संगीतकार थांग ल्यांग शिंग और उन के फीफा धुनें

cri

फीफा चीनी परम्परागत वाद्यों में से एक है । चीनी संगीतकार थांग ल्यांग शिंग चीन में बहुत मशहूर है । इस लेख में पेश किया जाएगा चीनी फीफा वादक थांग ल्यांग शिंग द्वारा बजायी गयी कुछ फीफा धुनें । सुनिए थांग ल्यांग शिंग द्वारा फीफे पर बजायी गयी यह धुन, नाम है "वसंत की सफ़ेद बर्फ़"।

धुन---"वसंत की सफ़ेद बर्फ़"

यह है फीफा वादक थांग ल्यांग शिंग द्वारा बजायी गयी धुन "वसंत की सफ़ेद बर्फ़"। यह फीफा पर बजाये जाने वाली एक परंपरागत धुन है जिस में वसंत ऋतु में धरती की सभी चीज़ों की जीवनी शक्ति अभिव्यक्त हुई है।

फीफा परम्परागत चीनी वाद्य है। इस का स्वर ऊंचा और मीठा होता है और यह चीनी लोगों का पसंदीदा जातीय बाजा है।

फीफा वादक थांग ल्यांग शिंग का जन्म दक्षिणी चीन के शांग हाई शहर के एक संगीतमय परिवार में हुआ। फीफा और अड़हू जैसे परम्परागत चीनी जातीय वाद्य उन्होंने बचपन से ही सीखना शुरू कर दिया था और 13 वर्ष की उम्र में वे शांग हाई जातीय संगीत मंडली में प्रवेश कर गए। इसके बाद उन्होंने वेई जोंग ल और ली थिंग सोंग आदि चीन के प्रसिद्ध फीफा वादकों से शिक्षा ली। वर्ष 1974 में थांग ल्यांग शिंग ने चीनी फीफा वादन प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक जीता,जिस के बाद उन्होंने चीनी केंद्रीय सिंफनी मंडली के विशेष निमंत्रण पर फीफा वादन किया। थांग ल्यांग शिंग ने अनेक संगीत प्रस्तुतियों में भाग लिया, और दर्शकों की वाहवाही लूटी।

आइए अब सुनते हैं थांग ल्यांग शिंग द्वारा फीफा पर बजायी गयी धुन "थ्येन शान का वसंत"। थ्येन शान उत्तर-पश्चिमी चीन के शिंग च्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश में स्थित है। उस का प्राकृतिक दृश्य बहुत सुन्दर है। उसकी तलहटी के हरे घास मैदान में सफ़ेद घोड़े दौड़ते दिखते हैं और चरवाहे वसंत ऋतु में इस मैदान पर नाचते-गाते हैं। यह धुन शिंग च्यांग उइगुर जाति की शैली की है और इस में वसंत ऋतु में थ्येन शान के पहाड़ी क्षेत्र के लोगों की खुशियां अभिव्यक्त हुई हैं। सुनिए यह धुन 

धुन---"थ्येन शान का वसंत"

थांग ल्यांग शिंग द्वारा बजायी गयी धुनें सुरीली ही नहीं होतीं, जोशभरी भी होती हैं। वादन की उन की अपनी विशेष शैली है। वे विभिन्न शैलियों की धुनें बजा सकते हैं और आज सर्वश्रेष्ठ चीनी फीफा वादको में गिने जाते हैं। उन की अनेक फीफा धुनों की डिस्कें देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं। थांग ल्यांग शिंग ने चीनी कला मंडल के साथ उत्तरी और पश्चिमी यूरोप, एशिया तथा उत्तरी अमरीका के कई देशों की यात्रा भी कर चुके हैं, जहां उन की प्रस्तुति को स्थानीय दर्शकों का उच्च मूल्यांकन हासिल हुआ। थांग ल्यांग शिंग को विश्व के सर्वश्रेष्ठ फीफा वादक के रूप में भी सम्मानित किये जा चुके हैं। अब सुनिए थांग ल्यांग शिंग की एक और धुन, नाम है "यी जाति का नृत्य"।

धुन---"यी जाति का नृत्य"

यह है चीनी वादक थांग ल्यांग शिंग द्वारा फीफे पर बजायी गयी धुन "यी जाति का नृत्य"। यी जाती चीन की 55 अल्पसंख्यक जातियों में से एक है और दक्षिण-पश्चिमी चीन में बसी हुई है। इस धुन में यी जाति के गांव के चांदनी रात के सुन्दर दृश्य तथा इस जाति के युवाओं के नाच-गाने की खुशी अभिव्यक्त हुई है।