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(GMT+08:00) 2005-03-23 14:03:38    
चीन की सर्वोच्च वैज्ञानिक अनुसंधान संस्था में हुई क्रांति

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चीनी विज्ञान अकादमी चीन में सर्वोच्च वैज्ञानिक अनुसंधान संस्था है । इधर के वर्षों में चीनी विज्ञान अकादमी ने अपने विकास के लिए विश्व भर में सहयोग करने का सहपाठी ढ़ूंढ़ने का प्रयास किया है ।

नीचे आप पढ़ पाते हैं चीन की सर्वोच्च वैज्ञानिक अनुसंधान संस्था, चीनी विज्ञान अकादमी की संचालन व्यवस्था में किया गया भारी रूपांतरण । रूपांतरण के बाद इस अकादमी की कार्मिक व्यवस्था , लेखा व्यवस्था तथा संसाधनों के प्रयोग की व्यवस्था बहुत बदल गई है। इस रूपांतरण के बाद चीनी विज्ञान अकादमी की प्रतिस्पर्द्धा क्षमता बहुत उन्नत हुई है । सन दो हजार चार की पहली नवम्बर को चीनी विज्ञान अकादमी की स्थापना की पचपनवीं वर्षगांठ थी। चीनी विज्ञान अकादमी हमेशा से चीन की सर्वोच्च वैज्ञानिक संस्था रही है। वह चीन के बहुत से बुनियादी अनुसंधानों तथा उच्च तकनीकी अनुसंधानों की प्रगति का स्रोत भी है।

लेकिन नब्बे के दशक में पूंजी का अभाव होने, साजसामानों के पुराने पड़ने तथा प्रबंध व्यवस्था के पिछड़ने की वजह से चीनी विज्ञान अकादमी की स्थिति बिगड़ने लगी। इससे चीनी विज्ञान अकादमी का अनुसंधान स्तर गिरा और उसके बहुत से श्रेष्ठ अनुसंधानकर्ता वहां से भाग निकले। इस स्थिति में सुधार लाने और चीनी सामाजिक विकास के लिए उच्च तकनीकों की जरूरत को पूरा करने के लिए चीनी विज्ञान अकादमी ने वर्ष उन्नीससौ अठानवे से बड़े पैमाने पर रूपांतरण शुरू किया। चीनी विज्ञान अकादमी के महासचिव श्री ली ची कांग के अनुसार विज्ञान व तकनीक के स्तर को उन्नत करने के लिए हमने ज्ञान और सृजन परियोजना चलाई।

इसी योजना को अमल में लाने के लिए चीनी विज्ञान अकादमी की व्यवस्था में सुधार लाना पड़ा। ज्ञान व सृजन परियोजना लागू करने के बाद चीनी विज्ञान अकादमी ने देश की रणनीतिक मांग तथा विश्व भर में तकनीकों के विकास के रुझान की दृष्टि से सूचना , संसाधन , पर्यावरण , ऊर्जा और समुद्र आदि से जुड़ी तकनीकों को विकास का केंद्र बनाया। इसके साथ ही चीनी विज्ञान अकादमी ने अपने विभागों का पुनर्गठन किया और कई नये विषयों में अनुसंधानशालाएं निर्मित कीं, जिन में शांघाई ज्ञान-विज्ञान अनुसंधानशाला , गणित अनुसंधानशाला और राष्ट्रीय वेधशाला आदि शामिल हैं।

चीनी विज्ञान अकादमी के तहत पृथ्वी के पर्यावरण, जीन तकनीक आदि नयी तकनीकों की अनुसंधानशालाएं भी स्थापित हुईं। इस रूपांतरण के बाद चीनी विज्ञान अकादमी की अनुसंधानशालों की संख्या पहले की एक सौ बीस से घटकर अस्सी रह गई । संस्थाओं और व्यक्तियों की संख्या में कटौती करने के साथ चीनी विज्ञान अकादमी ने अपनी प्रबंध व्यवस्था में भी रूपांतरण शुरू किया। अकादमी की भौतिक अनुसंधानशाला के उप प्रधान श्री सुन-ची ने बताया कि चीनी विज्ञान अकादमी ने विदेशों में प्रचलित की नयी प्रबंध व्यवस्था लागू की। मिसाल के लिए उसने विदेशों से श्रेष्ठ युवा वैज्ञानिकों को आकर्षित करने का कदम उठाया, सभी कर्मचारियों को अनुबंध पर रखने की व्यवस्था लागू की और उन की आय को उन के प्रदर्शन के साथ जोड़ा ।

इस तरह सभी कर्मचारियों को क्रियाशील बनाया गया। आज चीनी विज्ञान अकादमी में न सिर्फ विभिन्न कर्मचारियों , बल्कि विभिन्न विभागों के बीच भी प्रतिस्पर्द्धा बढ़ती जा रही है। ऐसे हर किसी व्यक्ति या विभाग , जिस ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हो, को इनाम दिया जाता है। इस व्यवस्था के तहत वे व्यक्ति और विभाग, जिन की अनुसंधान शक्ति अधिक है और अनुसंधान दिशा सही है , अनुसंधान के लिए ज्यादा फीस प्राप्त कर सकते हैं। यह व्यवस्था वैज्ञानिक अनुसंधान के विकास में बड़ी मददगार है। ज्ञान- सृजन परियोजना के लागू होने से चीनी विज्ञान अकादमी ने भारी उपलब्धियां भी प्राप्त कीं।सिर्फ इसी वर्ष चीनी विज्ञान अकादमी के विद्वानों द्वारा प्रस्तुत शोधपत्रों की संख्या पांच छै साल पहले पेश किये गये परचों की तुलना में दोगुनी अधिक रही है। उन्हें अपने आविष्कारों के लिए प्राप्त पैटेंट तथा कोपीराइट भी पहले से अधिक बढ़े हैं।

चीनी विज्ञान अकादमी की कंप्यूटर अनुसंधानशाला ने शेष सभी विभागों से अधिक उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है । उसने चीन के पुनरुत्थान की रणनीति पर चलते हुए वैज्ञानिक व तकनीकी प्रगति को आर्थिक व सामाजिक विकास के महत्वपूर्ण स्थान पर रखा है। उसने उच्च क्षमता वाला कंप्यूटर शू-क्वांग चार हजार ए का अनुसंधान करने में सफलता पाई , जो विश्व के उच्च क्षमता प्राप्त पांच सौ कंप्यूटरों में दसवें स्थान पर है । चीनी विज्ञान अकादमी ने बुनियादी संस्थाओं में विज्ञान व तकनीक को लोकप्रिय बनाने के कार्य में भी इधर तेज़ी लानी शुरू की है। चीनी विज्ञान व तकनीक मंत्रालय ने हाल में इस पर एक विशेष सम्मेलन भी बुलाया। इस मौके पर चीनी स्टेट कांसलर सुश्री चेन ने कहा कि बुनियादी संस्थाओं में वैज्ञानिक व तकनीकी कार्य में तेज़ी ला कर नागरिकों तक वैज्ञानिक व तकनीकी प्रगति से आने वाली सुविधा पहुंचाई या जा सकेगी। इस संदर्भ में चीनी विज्ञान अकादमी के कर्मचारियों की प्रतिभा के उपयोग की भारी गुंजाइश मौजूद है ही।

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