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(GMT+08:00) 2005-01-20 14:31:07    
मधुमक्खी को दावत

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मधुमक्खी अभी अभी मिठी नींद से जाग उठी थी कि उसे दावत के लिए दुपहरी के फुल और चमेली का निमंत्रण पत्र मिला । दोनों फुलों ने मधुमक्खी को उन के घर के दावत में बुलावा भेजा था । मधुमक्खी बड़ी प्रसन्नता से सज-धज कर दावत के लिए निकली ।

जहां क्वांग --क्वांग -- देते हुए मुर्गा ने लोगों को जगाने के लिए बांग दिया और उधर चहक --चहक कर सुबह लार्क ने गाना शुरू किया ।

रंगबिरंगे गुलशन में चंचल मॉनिंग गलोरी का फुल सुबह ही खिल उठा , जंगली गुलाब के चेहरे पर मुस्कान खिली , शिष्टचार से मशहूर सुर्यमुखी भी सिर हिलाते हुए मधुमक्खी के स्वागत में खड़ी थी । पुष्प युवतियां उत्साह के साथ नन्हीं मधुमक्खी का स्वागत कर रही थीं ।

मधुमक्खी बहन , मेरे घर आओ .

आ जा , पहले हमारे यहां आओ ।

धन्यवाद , दुपहरी के फुल और चमेली ने मुझे दावत का निमंत्रण भेजवाया है । वे मेरी राह देख रहे होंगे । कहते हुए मधुमक्खी उड़ कर चली गई ।

मधुमक्खी दुपहरी के फुल के द्वार पर पहुंची , भिनभिनाई की आवाज देते हुए बोली , जल्दी से द्वार खोलें । लेकिन बड़ी देर तक द्वार पर खटखटाने पर भी द्वार खोलने कोई नहीं आया , आखिरकार क्या बात हुई है.

मधुमक्खी मुड़ कर चमेली के घर गई , अजीब की बात थी कि चमेली भी घोड़ी बेच कर नींद से सो रही है । मधुमक्खी ने द्वार पर तीन बार दखत दी , पर वह जैसे ही नींद में बेखबर है , वैसे ही बेखबर रही।

सुरज बहुत ऊंचा चढ़ गया था , मधुमक्खी काफी दौड़ धूप कर रही थी , इस दौरान उसे पानी की एक घूंट भी पीने को नहीं मिला । वह बहुत खटक गई ।

सी --सी ---की आवाज आई , मधुमक्खी ने मुड़ कर देखा कि लार्क एक पेड़ की शाखा पर खड़ी उस की ओर हंस रही है । मधुमक्खी नाराज हो कर बोली , मैं तो थकान से चूर चूर हुई हूं , तुम वही खड़े हुए हंसती हो ।

मेरी बात सुन लो , मधुमक्खी , बेहतर है कि तुम अभी घर लौट कर नींद से सो जाओ । लार्क ने थोड़ी हंसी उड़ाते हुए कहा ।

हम मधुमक्खी मेहरती हैं , भला कोई दिन में भी सोता है .

तुम बड़ी भोली निकली हो , तुम फुलों के खिलने का समय भी नहीं जानती हो , निसंदेह तुम कामचोर मधुमक्खी हो ।

मधुमक्खी चकित हो गई और बोली , क्या कहते है , फुलों के खिलने का भी नियमित समय होता है .

बेशक , अगर तुम ज्यादा फुलों का मधु बीनना चाहती हो , तो उन के खिलने का समय जानना जरूरी है ।

लार्क ने अपनी नुकीली चोंच से गुलशन में उगे फुलों की ओर इशारा करते हुए कहाः अलग अलग किस्म के फुल अलग अलग समय पर खिलते हैं । हॉप्स का फुल तड़के तीन बजे खिलता है , मॉनिंग गलौरी सुबह चार बजे खिलता है , रोस पांच बजे खिलता है और ब्लेक नाइटशाड छै बजे , गुलाब सात बजे , कमल आठ बजे और सन प्लांट दस बजे खिलता है---।

तो दुपहरी का फुल और चमेली का फुल कब खिलते हैं . मधुमक्खी ने पूछा ।

दुपहरी का फुल दोपहर को खिलता है , चमेली शाम के पांच बजे पर खिलता है ।

अरे , उन के पास अलॉम घड़ी तो नहीं है , तो कौन उन्हें समय पर जगाता है .

उन के शरीर में एक प्रकार की घड़ी है , जो वैज्ञानिक शब्द में जैविक घड़ी कहलाती है ।

ऐसी बात है । मधुमक्खी ने कहा, शुक्रिया , मैं समझ गई हूं । मैं पहले दूसरे फुलों के घर जाऊंगी , फिर दोपहर को दुपहरी के फुल के घर जाऊंगी । शाम को चमेली के घर जाऊंगी ।