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शू फेइ तुंग का नाम चीन के संगीत क्षेत्र में बहुत प्रसिद्ध है । आज के कार्यक्रम में मैं उन का संगीत एलबम "मेरी जिंदगी" लेकर उपस्थित हूँ । पहले सुनिए इस एलबम का इसी नाम का शीर्ष गीत , फिर मैं आप को सुनाऊंगी संगीतकार शू फेइ तुंग की कहानी ।
शू फेइ तुंग के एलबम "मेरी जिंदगी" के शीर्ष गीत की धुन भी उन्होंने खुद तैयार की । यह गीत हाल तक पेइचिंग में लोकप्रिय रहे इसी नाम के टी.वी. धारावाहिक का शीर्ष गीत भी था। गीत में पेइचिंग के गाना गाते हुए बात करने की गायन शैली में चीन की मुक्ति से पूर्व के पेइचिंग के एक साधारण पुलिसकर्मी के जीवन का वर्णन किया गया है। गीत कहता है
चांद होता है कभी गोल , कभी नहीं
सूर्य की परिक्रमा में गुज़रती है जिन्दगी
बीती हुई बात, आसमान के बादल की सी
नहीं रखती दम।
जिन्दगी भर का प्यार
जिन्दगी भर का दुख
और जिन्दगी भर का सुख
सभी चखा ।
आगे का रास्ता है लम्बा ,
है आशा
होगा अगला वर्ष मीठा ।
संगीतकार शू फेइ तुंग चीन की कई मशहूर धुन रच चुके हैं । वे 30 से ज्यादा सालों से संगीत क्षेत्र में डटे हुए हैं और हज़ारों गीतों , नृत्य ओपेराओं तथा टी.वी. व फिल्मी गीतों की धुन बना चुके हैं । इन रचनाओं के विषय विविध रहे हैं और चीनी दर्शकों को वे पसंद हैं ।
"मेरी जिंदगी" शू फेइ तुंग का नया एलबम है । इस में हाल के वर्षों में उनके द्वारा रचे गए 14 गीत शामिल हैं । इस एलबम पर बातकरते हुए शू फेइ तुंग ने हम से कहा कि हाल में उन के कम ही एलबम आये हैं । यह एलबम उन की हाल की स्थिति अभिव्यक्त करता है । एलबम के नाम से उन की संगीत की समझ व अनुभव जाहिर होता है । उन्होंने कहा कि "मेरी जिंदगी" नामक टी.वी. धारावाहिक के प्रसारण के चलते यह एलबम जारी किये जाने की योजना बनी । इस में इधर के वर्षों में टी. वी. पर प्रसारित मेरे गीत तथा अब तक अप्रकाशित रहे कुछ गीत शामिल हैं । मुझे लगता है कि एलबम का यह नाम मेरी जिन्दगी बहुत अच्छा है। मैं कोई 30 वर्षों से संगीत करता आया हूँ , इसलिए यह मेरी जिन्दगी भी कहला सकता है ।
शू फेइ तुंग ने कहा कि उन्हें टी.वी धारावाहिक "मेरी जिंदगी" बहुत पसंद है। इसके निर्माण में उन्हें भी भारी शक्ति लगानी पड़ी। उन्होंने इस धारावाहिक के लिए 120 मिनटों का संगीत रचा । उनके द्वारा रचे गये धारावाहिक के शीर्ष व समापन गीत उसके प्रसारण के बाद भी लोकप्रिय बने रहे ।
मशहूर चीनी गायिका सोंग जु यिंग द्वारा गाया गया गीत "जीवन का गीत"। यह गीत शू फेइ तुंग ने वर्ष 1999 में दक्षिणी चीन के क्वांगशी प्रांत की राजधानी नान निंग के अंतरराष्ट्रीय लोकगीत उत्सव के उद्घाटन समारोह के लिए चीनी लेखक जन नान के साथ मिलकर रचा था । गीत में क्वांगशी में रहने वाली विभिन्न जातियों के सुखमय जीवन की कामना व्यक्त की गयी है। अब यह गीत हर वर्ष होने वाले नाननिंग अंतरराष्ट्रीय लोकगीत उत्सव का शीर्षगीत बन गया है ।
गीत कहता है:
पहाड़ के रास्ते पर चलते समय हम गाते हैं पहाड़ी गीत
और मछली पकड़ते समय मछुआ गीत
घास मैदान में गाते हैं हम चरवाही का गीत
तो होती है बरकत हमारी गाय-भेड़ों में आकाश के तारों जितनी
पिओनी खिलने पर हम फूलों के गीत गाते हैं
और लीची पकन् के समय मीठे फलों के गीत
वसंत के गीत गा चुकने के बाद हम शरद के गीत गाते हैं
और चाय का गुणगान कर शराब के गीत गाते हैं
गीतों में गुज़रता जाता है जीवन
हर दिन हम गीत गाते हैं अच्छे जीवन के
शू फेइ तुंग का रचना क्षेत्र बहुत विस्तृत है। उन्हें पोप म्यूजिक, लोक संगीत , फिल्मी व टी.वी. संगीत के साथ नृत्य संगीत के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है । ऐतिहासिक सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की रचनाओं में उन की प्रतिभा विशेष रूप से जाहिर होती है । उन्होंने अनेक टी.वी. धारावाहिकों के लिए संगीत रचा जिसने इन धारावाहिकों के पात्रों को भी और रंगीन बना दिया । सुनिए एक और गीत , नाम है "जनप्रेम से विश्व विजय" । यह ऐतिहासिक टी.वी. धारावाहिक " राजा यूंचेंग " का शीर्ष गीत है । यूंचेंग चीन के छिंग राजवंश के राजा थे । यह टी.वी. धारावाहिक यूंचेंग के देश के कुशल प्रशासन तथा जनता से प्रेम के बारे में प्रचलित कथाओं पर आधारित है। " जनप्रेम से विश्व विजय " नामक गीत इस धारावाहिक के प्रसारण के चलते खासा लोकप्रिय रहा ।
ऐतिहासिक सांस्कृतिक रचनाओं के लिए संगीत रचना की चर्चा में शू फेइ तुंग ने कहा कि वे उनके लिए अपने संगीत में इतिहास की छवि लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि संगीत रचने के लिए जीवन का अहसास करना पड़ता है। मैं चीन के पांच हज़ार वर्ष पुराने इतिहास का बड़ा सम्मान करता हूँ और उस से कुछ न कुछ सीखता रहा हूँ । मुझे अपनी जाति से भी गहरा प्यार है। मुझे हमेशा यही लगा है कि ऐतिहासिक टी.वी. धारावाहिक मेरे लिए एक अच्छी पुस्तक है जिससे मैं कुछ सीख ही सकता हूं।
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