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चीन एक महान देश है। इस का इतिहास बहुत पुराना है और संस्कृति ही रंगबिरंगी नहीं हैं यहां पर्यटन के पर्याप्त संसाधन भी हैं। चीन की सभी प्राकृतिक व सांस्कृतिक धरोहरें इस देश की जनता की बुद्धि व मेहनत का परिचय देती हैं। वर्ष1985 में चीन सरकार विश्व धरोहर संधि में शामिल हुई और ठीक दो वर्ष बाद 1987 में चीन की लम्बी दीवार, पेइचिंग स्थित प्राचीन प्रासाद , ल्हासा के पोताला महल औऱ शीआन की सैनिकों की मृदामूर्तियों की समाधि जैसे छै स्थल प्रथम बार विश्व धरोहर सूची में शामिल किये गये। इस समय चीन की नौ जगहें विश्व में पहले तीन स्थान पर हैं । आज के कार्यक्रम में हम आप को इनमें से एक विश्वविख्यात लम्बी दीवार का परिचय दे रहे हैं।
विश्व के सात आश्चर्यों में शामिल लम्बी दीवार के निर्माण में दुनिया के किसी भी वास्तु की तुलना में सब से लम्बा समय ही नहीं लगा, वह विश्व की सब से बड़ी सैन्य परियोजना भी है । उस की कुल लंबाई चीन के प्रादेशिक मानचित्र में सात हज़ार किलोमीटर है।
लम्बी दीवार का निर्माण ईसा पूर्व 9वीं शताब्दी में शुरू हुआ। तब के चीन के केंद्रीय राज्य ने देश के उत्तर में स्थित दूसरी जातियों के प्रहार को रोकने के लिए सीमांत क्षेत्र में चौकियों की स्थापना कीं और बाद में उन्हें एक दीवार से जोड़ दिया। इस तरह पैदा हुई लम्बी दीवार। चीन के वसंत-शरद युद्धरत काल में एकीकरण के लिए विभिन्न राज्यों के बीच गंभीर लड़ाई छिड़ी। विभिन्न राज्यों ने दूसरों के हमलों को रोकने के लिए अपने-अपने सीमांत क्षेत्रों में दीवारों की स्थापना की। ईसा पूर्व 221 में छिंग शी ह्वां ने अन्य चीनी राज्यों को पराजित कर चीन का एकीकरण किया। वे चीन के प्रथम सामंतवादी शासन के प्रथम सम्राट बने। महान छिंग राजवंश की स्थापना करने के बाद उन्होंने पुरानी दीवारों एक साथ जोड़ दिया। इन दीवारों से चीन उत्तर के पहाड़ों को जोड़कर तत्कालीन मंगोल चरवाहों के आक्रमण को रोक पाया । तब लम्बी दीवार की लम्बाई 5 हज़ार किलोमीटर से ज्यादा थी। छिंग राजवंश के बाद हान राजवंश ने इस की लम्बाई दस हज़ार किलोमीटर तक पहुंचा दी। चीन के 2 हज़ार वर्षों के इतिहास में विभिन्न राजवंशों ने लम्बी दीवार में कुछ न कुछ जोड़ा और इस तरह एक समय उस की लम्बाई 50 हज़ार किलोमीटर से ज्यादा रही।
आज की लम्बी दीवार वर्ष 1368 से 1644 के बीच चीन के मिन राजवंश में निर्मित दीवार है। इस के पश्चिम में चीन के पश्चिमी प्रांत गान सुन का च्या यु क्वान दर्रा है और पूर्वी ओर उत्तर-पूर्वी चीन के ल्याओ निंग प्रांत की या लू च्यांग नदी। लम्बी दीवार से चीन के नौ प्रांत , शहर व स्वायत्त क्षेत्र सटे हैं और इसकी कुल लम्बाई है 7300 किलोमीटर।
बाहरी दुश्मनों को रोके रखने के लिए निर्मित लम्बी दीवार पहाड़ों, रेगिस्तानों , घास-मैदानों और दलदल को पार करती है। उसे प्राचीन शासकों ने देश की भौगोलिक स्थिति के अनुसार भिन्न रूप दिया। इस से चीन के पुरखों की बुद्धि जाहिर होती है।
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