आजमगढ उत्तर प्रदेश के सुहेल मोहम्मद ने अपने एक लम्बे पत्र में सी .आर .आई से प्रसारित अनेक कार्यक्रमों की चर्चा की , उन में से कुछ अंश यहां प्रस्तुत है । चीन का भ्रमण कार्यक्रम में मंगोलिया जाति के बारे में विस्तार से जानकारी सुनने को मिली , चाहे घास मैदान हो , या पहाड़ी दृश्य सुन कर जी करता है कि कब चीन चला जाऊं और इन सारी जगहों का दौरा करूं , परन्तु मेरा नसीब ही मेरा साथ नहीं देता ,अगर पंख होती , तो कब का उड़ कर चला आया होता । चीन भारत मैत्री पुल के निर्माता कार्यक्रम सुना , जिस में चीनी विद्वान श्री लिन छङ चे के साक्षात्कार से परिपूर्ण भारत के संबंध में रिपोर्ट काफी ज्ञानवर्धक और शिक्षाप्रद लगी । भारत चीन मैत्री की 54वीं वर्षगांठ पर चाओ हवा दी दी की रिपोर्ट काफी अच्छी है , यह सच है कि भारतीय प्रधान मंत्री अटल जी का दौरा दोनों मुल्कोंम के लिए काफी सुख साबित हुआ है , इस रिपोर्ट के लिए हमारे क्लब की ओर से चाओ हवा दी दी को हार्दिक धन्यावाद । चाओ हवा दी दी की जगह पर आई हुंग सान की रिपोर्ट भी लोकप्रिय रही है ।
रोहतास बिहार के सुनील केशरी ने आप का पत्र मिला कार्यक्रम के नाम लिखे पत्र में कहा कि पत्र मिला कार्यक्रम के भैया दी दी को नए साल वर्ष 2004 के मौके पर बहुत बहुत हार्दिक बधाई । मुझे शाओ थांग दी दी और वेईतुंग भाई द्वारा चीन के अन्तरिक्ष यान के इतिहास पर प्रस्तुत संक्षिप्त जानकारी काफी पसंद आई तथा ज्ञान वर्धक के साथ साथ मन मनोहक लगा । इस के लिए सी .आर .आई के परिवार को मैं हार्दिक धन्यावाद देता हूं और उम्मीद करता हूं कि इस पत्र को आप स्थान जरूर देंगे ।
आदर्श श्रीवास रेडियो श्रोता संघ के गोरेलाल श्रीवास ने हमें लिख कर कहा कि आप लोग जिस तरह हमारे भाषा हिन्दी को उतनी सरलता एवं सहजता के साथ बोलते हैं , उसी तरह मैं भी आप के राष्ट्र भाषा चीनी को आप के कार्यक3म चीनी बोलना सीखे के माध्यम से बोलने की कोशिश करता हूं । मैं आप का नया श्रोता होने के कारण मेरी समझ में नहीं आता है , आप के चीनी भाषा वर्णमाला , उच्चारण और लिखने की पद्धति काफी कठिन व जटिल है । आप कोई पाठयपुस्तक व पुस्तक प्रेषित कर उसे आप के कार्यक्रम के दौरान आप के साथ उच्चारण करें , तो अधिक से अधिक श्रोतागण आप के भाषा को सीखने में समर्थ होंगे तथा लाभान्वित होंगे ।
गोरे लाल श्रीवास से अपने पत्र में यह भी लिखा है कि आप के द्वारा श्रोताओं की कविताओं और रचनाओं को प्रकाशित करने वाली पत्रिका श्रोता वाटिका श्रोताओं के लिए काफी प्रेरणादायक एवं शिक्षाप्रद प्रतीत हो रहा है , लेकिन मुझे इस का हर माह का अँक नहीं मिलता है , इस के बारे में बताये कि इस का नियमिक अंक मिलने के लिए क्या करना चाहिए ।
झापा नेपाल के अशोक अधिकारी ने मैं सी .आर .आई के नेपाली सेवा के मार्फत से यह चिट्ठी भेज रहा हूं , हमारे क्लब का नाम जुनेली सी .आर .आई क्लब , हमारी कल्ब पहचाने के लिए हम ने कल्ब की छाप बनाया भी है । हमें आप से पत्र पाने की आशा रहती है , क्या आप नेपाल में हिन्दी श्रोताओं को पत्र नहीं लिखते हैं . यह पत्र मैं ने अंग्रेजी हिन्दी शब्दकोष की सहायता से लिखा है , मैं ने इतना सब कुछ करते हुए भी हिन्दी विभाग में खत नहीं पाया । मेरे पास नेपाली सर्विस से no stamp requlred लिफाफा है , हिन्दी विभाग से भी ऐसी लिफाफे चाहता हूं ।
मुंगेर बिहार के पुरूषत्तम कुमार बरूण ने हमें लिख कर कहा कि मैं और मेरा परिवार आप के कार्यक3म को पहले से ही सुनते थे , पर पत्र भेजने का मौका नहीं मिलता था , इस के लिए आप से माफी मांगता हूं । हम सभी भाई दीपक , बरूण व सुमन जब रात को पढ़ने बैठते हैं , तो साथ साथ आप का कार्यक्रम भी सुनते हैं । कार्यक्रम सुनने के बाद तीनों भाई चीन के बारे में कुछ न कुछ बातें किया करते हैं । मेरे मन में आता है कि मैं चिड़िया होता और पहले जा कर चीन घूमता । क्योंकि मुझे चीन घूमने का बहुत शौक है ।
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