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(GMT+08:00) 2004-03-30 14:12:33    
सी .आर .आई हिन्दी प्रसारण पर श्रोताओं की राय

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      मऊ उत्तर प्रदेश के आफताब अहमद ने पत्र लिख कर कहा कि मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि सी .आर .आई के श्रोताओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है । इस से यह अनुभव हो रहा है कि आप के यहां प्रतिदिन अच्छे और मार्मिक एवं दिल को छूने वाले कार्यक्रम प्रसारित किए जा रहे हैं । वास्तव में यहां के उदघोषकों ने श्रोताओं के दिल जीत लिये हैं । रेडियो डायच वेले , बी बी सी और वाइस आफ अमरीका और रेडियो जापान के श्रोता भी आप के केन्द्र से जुड़ गए हैं । आप का पत्र मिला कार्यक्रम सभी कार्यक्रमों की जान है , सवाल जवाब कार्यक्रम से अच्छा ज्ञान प्राप्त हो रहा है , वैसे सभी कार्यक्रम अच्छे जा रहे हैं । कार्यक्रमों की सफलता के लिए सभी उद्घोषकों को बधाई देते हैं ।

      मुजफ्फरपुर बिहार के दीपक कुमार दास ने हमें पत्र लिख कर विभिन्न हिन्दी कार्यक्रमों पर सिलसिलेवार प्रतिक्रियाएं कीं , उन में से कुछ यहां प्रस्तुत है--- सांस्कृतिक जीवन के अन्तर्गत छन जि मिन की भारतीय शास्त्रीय संगीत में रूचि पर चर्चा काफी दिलचस्प व सार्थक थी ।श्री छन जी मिन ने चीन भारत संगीत धरोहरों की लोकप्रियता का जो कार्य कर रहे हैं , वह काफी सराहनीय है । उन्हों ने सच ही कहा है कि भारतीय संगीत में राग और ताल का भरपूर समावेश है ।

      पश्चिम चीन के कुम्बुंग मंदिर की चर्चा सुन कर दिल बाग बाग हो उठा , साथ ही महासूत्र भवन की चर्चा रोचक और सार्थक थी । कुम्बुंग मंदिर वाकई बहुत खूबसूरत है , इस की छवी आज भी मेरे दिलोदिमाग में बस गयी है , यहां की पक्षियों का स्वर मधुर और मिठा था ।

      चीनी युवती ईशा की भारतीय कथक नृत्य में रूचि पर प्रस्तुत चर्चा बहुत अच्छा लगा । इशा की भारतीय कथक नृत्य में रूचि और उस की हिन्दी फिल्मी गीतों में रूचि और उस का गाया गीत --कुछ कुछ होता --बहुत अच्छा लगा , इस ने दिलों को विशेष प्रभावित किया ।

      कोआथ बिहार के राकेश रौशन ने अपने पत्र में लिखा है कि सी .आर .आई हिन्दी प्रसारण फुलों का ऐसा मधुबन है , जो अपने खुशबू से सभी श्रोताओं को सुगधित कर देता है । सभी कार्यक्रम एक से बढ़कर एक होते हैं । इधर के दिनों में कार्यक्रम प्रस्तुति में काफी सुधार हुआ है । प्रसारण भी साफ एवं स्पष्ट सुनाई दे रहा है ।

      जीवन और समाज में चु मिन इंग के जीवन गाथा के बारे में विस्तृत जानकारी मिली , चु मिन इंग कला केन्द्र खोल कर वे युवाओं को कला सीखा रही है , इस कार्यक्रम द्वारा हमें उस के बारे में ढेरों जानकारी मिली है ।

      श्याओ ली द्वारा प्रस्तुत वसन्तोसव पर विशेष कार्यक्रम बहुत ही अच्छा लगा ।

      श्री राकेश रोशन ने अपने अन्य पत्र में यह भी लिखा है कि देखते ही देखते हमारी जिन्दगी का एक औस साल बीत चुका है । वर्ष 2003 हमारे लिए कुछ सुखद रहा था , कुछ दुखद भी । हम एक दृढ़ संकल्प के साथ नव वर्ष का स्वागत करते हैं , हमारी कामना है कि नए साल में सी .आर .आई अच्छे अच्छे कार्यक्रम प्रस्तुत करेगा और हर कार्य़क्रम सार्थक और परिपूर्ण होगा , हमारा समर्थन हमेशा सी .आर .आई के साथ है ।

      पटना बिहार के विवेक नंद ने हमें लिख कर सी .आर .आई हिन्दी प्रसारण की दूसरे विदेशी प्रसारणों से तूलना करते हुए यो समीक्षा की है कि साप्ताहिक कार्यक्रमों में आप के सभी प्रसारण देश की जानकारी देते हैं , खास कर सकारात्मक पहलुओं को और वहां की सभ्यता , संस्कृति और रिति रिवाजों की पूरी जानकारी देते हैं । लेकिन साप्ताहिक कार्य़क्रमों में बी बी सी और डायचे वेले के लोग कभी कभी ज्यादा महत्व के भारतीय विषयों को भी शामिल करते हैं , साथ ही ज्ञान विज्ञान की ताजा जानकारी देश विदेश में हो रहे अनुसंधानो आदि की जानकारी जापान , डी .डब्यु और बी बीसी भी देती है ।

      सभी से बढ़ कर एक बात है कि प्रस्तुतीकरण और भाषा शैली पर बी बी सी आदि विदेशी प्रसारणों में तो सभी लोग भारतीय है , जो हिन्दी का शुद्ध और सही उच्चारण करते हैं । भाषा पर इन उद्घोषकों की अच्छी पकड़ है तथा आवाज में श्रोताओं को आकर्षित करने की कशिश भी ।श्रोता न चाह कर भी उन की सुरीली मधुर आवाज सुनने को विवश हो जाते हैं ।

      अपनी इस चर्चा को लेकर श्री विवेक नंद ने यह सुझाव रखा है कि आप अपने उद्घोषक मंडली में सिर्फ भारतीयों को ही रखें , ताकि अपनी तरह ही लोगों को बोलना सुन कर ज्यादा से ज्यादा श्रोता आप की तरफ आकर्षित हो सके ।

      मऊ उत्तर प्रदेश के हसन अली ने हमें पत्र भेज कर कहा कि आप का पत्र पाकर हमें बहुत खुशी हुई , साथ में श्रोता वाटिका भी मिला , पत्र व वाटिका भेजने पर हमारे क्लब के सदस्य बहुत ही खुश है और आप लोगों को इस के लिए हार्दिक धन्यावाद देते हैं । आजकल कार्य़क्रम बहुत ही साफ सुनाई दे रहा है । आज का तिब्बत , खेल जगत ,आप की पसंद और सवाल जवाब हमें बेहद पसंद हैं ।

      कानपुर उत्तर प्रदेश के भरत कुमार वर्मा ने हमें लिख कर कहा कि आप का पत्र प्राप्त कर अत्यधिक प्रसन्नता हुई । आप चीन के बारे में जो भी जानकारी भेजते हैं , वो प्रशंसनीय है , मेरे विचार से आप इन्हें और भी विस्तार से और अधिक मात्रा में आधुनिक माध्यमों का प्रयोग करके प्रेषित कर सकते हैं । आप ने जो नए साल का कार्ड भेजा था , वह मुझे बहुत अच्छा लगा , आप के द्वारा भेजी गई सभी जानकारियां मेरे पास संगृहित रहेंगी ।

      बिलासपुर छत्तीसगढ़ के चुन्नी लाल मासूम ने हमें लिख कर कहा कि आप ने चीन के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पेइचिंग , सू चो , हान चो , शी आन , ताल्यान , युन्नान और पातालिन आदि स्थानों के पर्यटन स्थलों की जानकारी दी , वह बहुत ही रोचक , सजीव व ज्ञानवर्धक लगी , बताने की शैली इतनी आकर्षक थी , मानो मैं स्वयं चीन का भ्रमण कर रहा हूं । इसी प्रकार के सवाब जवाब कार्य़क्रम में चीन के टी वी व रेडियो स्टेशनों की विस्तृत जानकारी भी तत्थात्मक एवं सार्थक लगी ।

      सी .आर .आई से प्रसारित समाचार , रिपोर्ट के अलावा सभी साप्ताहिक कार्य़क्रम मुझे बेहद पसंद है । चीन के विष्य में मुझे जितनी भी जानकारी है , सब सी .आर .आई की देन है ।

      वास्तव में चीन एक विकसित और महान देश है , पिछले 25 सालों में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में जो विकास एवं आर्थिक सुधार हुआ है , वह भी अपने आप में अद्वितीय और उल्लेखनीय है । तिब्बत की जनता में जो खुशहाली आई और क्रांतिकारी विकास हुआ है , उसे देख कर कहा जा सकता है कि तिब्बत भी आधुनिक दुनिया से किसी मामले में पीछे नहीं है । आप लोग इसी तरह जानकारी प्रसारित करते रहें , मैं भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ प्रसारण को पत्र लिखता रहूंगा ।

      मऊ उत्तर प्रदेश के एस .ए. फारूकी के पत्र में कहा गया कि आप की भेजी हुई श्रोता वाटिका मुझे प्राप्त हुई , बहुत बहुत धन्यावाद । इस पत्रिका को मैं ने पूरा पढ़ लिया । इस में श्याओ थां का भारत के बारे में अनुभव तथा राकेश वव्स जी का चीन के बारे में अपने संस्मरण सुनाना बहुत अच्छा लगा कि मेरा मन भी चीन का घूमने का होने लगा

      हिन्दी विभाग के डायरेक्टर साहब हु मिन जी द्वारा नव वर्ष पर प्रस्तुत अपना स्मरण अच्छा लगा । उन का बीस साल से सी .आर .आी के हिन्दी विभाग से जुड़े रहना वास्तव में उन की हिन्दी श्रोताओं की बहुत ही बड़ी और लम्बी सेवा है । खुदा उन को और उन के परिवार को सदा खुशहाल और अच्छा रखे ।

      फारूकी जी , यहां मैं हुमिन की ओर से आप को हार्दिक धन्यावाद देती हूं और कामना करती हूं कि खुदा का हाफिज है , आप सपरिवार खुशहाल और चिर आयु रहें ।