|
|
 |
| (GMT+08:00)
2004-01-08 12:50:23
|
 |
|
श्रोता : चीन का संक्षिप्त इतिहास ज्ञानवर्धक है
cri
|
विजयाबाद उड़ीसा की रहम तुनिया ने पत्र लिख कर कहा कि वर्ष 2003 में हमारे क्लब में कई एक प्रोग्रामों के इनखाद का फहतमाम किया गया , विशेष तौर पर शायरी नशस्त और प्रदर्शनी का प्रोग्राम काबिले जिक्र थे । इस तकरीब में कई सदस्यों ने इजहारे ख्यालात किया । सी .आर .आई के हिन्दी प्रोग्रामों में से सांस्कृतिक जीवन , चीन में निर्माण व सुधार , चीन का संक्षिप्त इतिहास और विज्ञान शिक्षा व स्वास्थ्थ बहुत ही दिलचस्प है । अगर कम्प्यूटर के बारे में कोई नया प्रोग्राम आरंभ किया जाए , तो बेहतर होगा , क्योंकि कम्प्यूर ही इंसान का हाथ पैर बन गया है । मुजफ्फरपुर बिहार के मुकेश कुमार ने सी .आर .आई के हिन्दी कार्यक्रमों की रिसेप्शन रिपोर्ट देते हुए कहा कि आप का पत्र मिला में मैं ने आप का पत्रोत्तर विषय सुना , इस में अनेक श्रोता मित्रों के पत्रों को शामिल किया गया । मुझे उन के विचार जानने का अवसर मिला । चीन का संक्षिप्त इतिहास मैं ने सुना , मैं आप के इस कार्यक्रम को अति महत्वपूर्ण मानता हूं , क्योंकि इस कार्यक्रम के माध्यम से मुझे चीन के इतिहास के बारे में जानकारी मिलती है , इस कार्यक्रम का प्रसारण भविष्य में भी करते रहें । मैं आप का कार्यक्रम नियमित रूप से सुनता हूं , आप का कार्यक्रम हमारे क्लब के सदस्यों में बहुत लोकप्रिय है । आप लोग चीनी भाषी होने पर भी अपने कठिन मेहनत से इस स्तरीय कार्यक्रम बना कर श्रोताओं को लिए प्रस्तुत करते हैं । आप के कार्यक्रमों द्वारा चीन को जानने का अवसर मिलता है । मोलवी बाजार बंगलादेश के प्रियतैष सुत्रधार ने हमारा हिन्दी कार्यक्रम सुनने के बाद लिख कर कहा कि दूसरी जनवरी से आप की चिट्ठी रिसीव किया , आप ने मुझे कुछ कलेंडर और श्रोता वाटिका भेजा , इस के लिए आप को बहुत बहुत धन्यावाद । मैं रोज आप का हिन्दी कार्यक्रम सुनता हूं , आप का कार्यक्रम मुझे बहुत बहुत पसंद आया है । आप का श्रोता वाटिका बहुत अच्छा पेपर है , मैं इस वाटिका पढ़ कर बहुत खुश हुआ । मऊ उत्तर प्रदेश के रामप्यारे राम ने रिशेप्सन रिपोर्ट के साथ जो पत्र लिखे है , उस में सी .आर .आई हिन्दी कार्यक्रमों के बारे में यो कहा गया है , साप्ताहित कार्यक्रम के अन्तर्गत विज्ञान , शिक्षा और स्वास्थ्य में चीन की हान जाति की चिकित्सा पद्धति की जानकारी जो पांच हजार वर्ष पुरानी है , इस के चीनी चिकित्सक चीन के परम्परागत चिकित्सा को आधुनिक चिकित्सा पद्धति के रूप में ला रहे हैं । इस तरह की जानकारी पा कर काफी ज्ञान अर्जित किया गया है । कार्यक्रम की सुन्दर पेशकश के लिए बधाई हो । चीनी कहानी सी .आर .आई का एक सर्वश्रेष्ठ कार्यक्रम है , जिस की खुशबू बहन सुन इंग के हमारे श्रोताओं के बीच न होते हुए भी लुटाती है , जिस का सोच , तर्क व कार्यक्रम पेश करने का अन्दाज बेमिसाल है । यही कारण है कि वह श्रोताओं के दिलों में सदैव के लिए राज कर रही है । दस अप्रैल को चीनी कहानी के दौरान मच्छर का दुश्मन को ले कर प्रकृति में जीव जंतुओं की रक्षा करने की जो प्रेरणा की गई , काफी रोचक व ज्ञानपूर्ण लगी । जिस के अन्तर्गत पांच मच्छरों के जीवन का अन्त मनुष्य , सामने चमगादड़ , कोने में छिपकली तथा बाहर मेढ़क तथा ऊपर मकड़े के छत्ता में फंस जाने के कारण होता है । इतनी सुन्दर व दिलचस्प पेशकस के लिए सी .आर .आई को धन्यावाद । आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के दिलशाद हुसैन ने हमें पाइप वाला एक सुन्दर पत्र भेजा , जिस में पैगम रेडियो लिस्नर्स क्लब की गतिविधियों , सी .आर .आई के कार्यक्रमों पर टिप्पणी और कार्यक्रमों में सुधार के लिए सी .आर .आई के प्रयास की चर्चा शामिल है । पत्र लम्बा होने के कारण उस में यह उद्धरण ले कर प्रस्तुत है. सी .आर .आई के विभिन्न कार्यक्रमों में भारी परिवर्तन किया गया है और कई एक नए कार्यक्रम शुरू किए गए , जैसे आप से मिले , चीन का संक्षिप्त इतिहास इत्यादि । चीन का भ्रमण में चीन के भीतरी मंगोलिया पर रोचक एवं ज्ञानवर्धक रिपोर्ट सुनने को मिली , सप्ताह में एक गीत कार्यक्रम में ओह ,बेटी का चुन्बन , ओह मां का चुन्बन का गीत सुना , चीन की झलक में चीनी नागरिकों के विदेशी नागरिकों से विवाह की रोचक रिपोर्ट सुनी , चीनी मूल के हिन्दी संगीत प्रेमी लांग हो का शानदार साक्षात्कार सुना , उन की आवाज से बिलकुल आभास नहीं हो रहा था कि वह चीनी ही है । आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के मसऊद अहमद आजमी ने पत्र लिख कर कहा कि हमें सी .आर .आई से प्रसारित लगभग सभी कार्यक्रम अच्छे लगते है , मगर सब से अच्छा कार्यक्रम जीवन और समाज लगता है । इस की वजह यह है कि यही एक ऐसा कार्यक्रम है , जो की चीनी समाज की बेहतर ढंग से अक्कासी करता है । कार्यक्रम जीवन व समाज दिनांक 31 जुलाई को बहुत ज्ञानवर्धक लगा , इसे बताया गया कि चीनी लोग अपनी निजी कार रखने के साथ साथ उसे खूब अच्छी तरह सजवाते है , किस किस की और किस तरह की गाड़ी पर चित्रकारी करवाते है । इस सफल प्रस्तुति के लिए हम आप को हार्दिक धन्यावाद देना चाहते हैं और आशा करते हैं कि भविष्य में इसी तरह का कार्यक्रम पेश करते रहेंगे , जो कि चीनी समाज के किसी न किसी पहलु को छूता हो ।
|
|
|