अंग्रेज़ी में लोग व्यस्क पुरूषों को “मिस्टर” यानी “श्री” या “श्रीमान” शब्दों से संबोधित करते हैं। अविवाहित महिलाओं को मुख्य तौर से “मिस” यानि कि “कुमारी” शब्द से संबोधित किया जाता है। विवाहित महिलाओं को “मिसेज” यानि “श्रीमती” या “सुश्री” शब्द से संबोधित किया जाता है। एक परिवार में खून का रिश्ता होने पर भी कभी-कभी परिवार का कोई सदस्य किसी एक विशेष जगह में अपने परिजनों को फ़लाना-फ़लाना श्रीमान, श्री व कुमारी व सुश्री से भी संबोधित करता है। लेकिन चीनी लोगों की परम्परा में परायों को तमीज के लिहाज से कभी-कभी उन्हें अपने परिजनों के समान नाम के शब्दों से संबोधित किया जाता है। मिसाल के लिए माता जी, पिता जी, भाई साहब, बहन जी आदि संबंधियों में इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों से। भारत में भी ऐसा ही है। टैक्सी ड्राइवर को भी “गुरू जी” (यानी भाई साहब) से पुकारा जा सकता है। वास्तव में “गुरू जी” किसी एक कला में माहिर व्यक्ति या किसी एक तकनीक में माहिर व्यक्ति को कहा जाता है।

