पाठ 24 बुकस्टोर में

 सीआरआई हेतु बातें
 

जब कभी आप किसी चीनी मित्र के घर पर टेलीफ़ोन कर रहे हैं, तो बातचीत के बीच वे कभी-कभी आप से कहते हैं कि फ़ुरसत हो, तो घर पर आइए, या फ़ुरसत हो, तो खेलने के लिए आइए। वास्तव में इस प्रकार की बातें कहने का उद्देश्य आप को मित्रता का संदेश देना है, न कि आप को औपचारिक निमंत्रण देना। चीनी रिश्तेदारों, मित्रों और सहकर्मियों के बीच एक दूसरे के घर पर आना-जाना बहुत सामान्य आवाजाही है। किसी को घर पर आमंत्रित करने के लिए कोई खास रूप से समय निश्चित करने की ज़रूरत नहीं है, आप किसी से मिलने जाना चाहते हैं, तो मात्र रवाना होने से पहले उसे सूचित करने की ज़रूरत भर है, यदि वह फुरसत में होगा, तो आप सीधे उस के घर जा सकते हैं। आधुनिक युग में जीवन की गति तेज होने और दूर संचार यंत्रों के विकसित होने के कारण अब चीनी लोगों के एक दूसरे के घर जाने के मौके भी घटते जा रहे हैं। वे आम तौर पर टेलीफ़ोन, मोबाइल फ़ोन, एम एम एस और ई-मेल से आपस में संपर्क में रहते हैं। आंकड़ों के अनुसार 2008 के चीनी वसंत त्यौहार के दौरान चीन में त्यौहार की बधाई देने वाले एम.एम.एस. की संख्या 15 अरब तक पहुंच गई है।