दक्षिण कोरिया चीन के साथ आर्थिक और व्यापारिक सहयोग बढ़ाना चाहता है

2024-11-14 14:55:20

एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन (एपेक) के नेताओं का 31वां अनौपचारिक सम्मेलन पेरू के लीमा में उद्घाटित हुआ। चीन और दक्षिण कोरिया दोनों एपेक के सदस्य हैं। आर्थिक और व्यापारिक सहयोग आदि मुद्दों पर चीन स्थित दक्षिण कोरियाई दूतावास के आर्थिक दूत युह पोक-क्यून ने हाल ही में चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के साथ विशेष साक्षात्कार में दक्षिण कोरिया और चीन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के दूसरे चरण की वार्ता तेजी से बढ़ाने की आशा जतायी। उनकी उम्मीद है कि दोनों देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता, चिकित्सा स्वास्थ्य, बुजुर्गों की देखभाल, हरित और निम्न कार्बन आदि क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत करेंगे।

युह पोक-क्यून ने कहा कि चीन लगातार 20 वर्षों से दक्षिण कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और दूसरा बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश गंतव्य रहा है। एफटीए के दूसरे चरण की वार्ता तेजी से बढ़ाने के साथ माल व्यापार में बाजार का विस्तार कर संस्कृति, पर्यटन और कानून आदि सेवा क्षेत्रों तक बढ़ाना चाहिए। क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (आरसीईपी) दुनिया में सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता है। दक्षिण कोरिया और चीन को आरसीईपी के सुव्यवस्थित और मानकीकृत संचालन को बढ़ाने के लिए संपर्क और समन्वय मजबूत करना चाहिए।

युह पोक-क्यून ने कहा कि चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात मेला (सीआईआईई) सुधार और खुलेपन का विस्तार करने में चीन का महत्वपूर्ण वचन और प्रतीक है। इससे बडी संख्या में दक्षिण कोरियाई कंपनियों को चीनी बाजार में प्रवेश करने के लिए उत्कृष्ट मंच प्रदान किया गया।

इसके अलावा, पिछले साल पेइचिंग में आयोजित पहले चीन अंतर्राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला संवर्धन एक्सपो में कई कोरियाई कंपनियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। युह पोक-क्यून ने बताया कि अर्धचालक, ऑटोमोबाइल, बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आदि व्यवसाय दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इन के बड़ी संख्या में कच्चे माल और मुख्य खनिज चीन से आते हैं। दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था की निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए आपूर्ति श्रृंखला में चीन के साथ मजबूत साझेदारी स्थापित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। दक्षिण कोरियाई सरकार सरकारों के बीच विविध संचार चैनलों के माध्यम से चीन के साथ आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग जारी रखेगी।

(हैया)

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