संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में 100 से अधिक देशों ने मानवाधिकार मुद्दों के राजनीतिकरण का विरोध किया

2024-09-25 16:22:26

24 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 57वें सत्र के दौरान, संयुक्त राज्य अमेरिका सहित कुछ देशों द्वारा चीन की मानवाधिकार स्थिति पर हमला करने और उसे बदनाम करने वाले भाषणों के जवाब में, 100 से अधिक देशों ने संयुक्त भाषणों और व्यक्तिगत भाषणों सहित विभिन्न तरीकों से चीन के न्यायपूर्ण रुख के लिए समर्थन व्यक्त किया और मानवाधिकार मुद्दों के राजनीतिकरण का विरोध किया।

क्यूबा ने चीन सहित लगभग 80 देशों की ओर से एक संयुक्त बयान दिया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि सभी देशों की संप्रभुता, स्वतंत्रता और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान करना और संप्रभु देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मानदंड हैं। चीन के आंतरिक मामले शिनच्यांग, हांगकांग और शीत्सांग मामले हैं। हम मानवाधिकार मुद्दों के राजनीतिकरण, दोहरे मानदंडों और मानवाधिकारों के बहाने अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का विरोध करते हैं।

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय और स्विटजरलैंड में अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में चीनी प्रतिनिधि छन शू ने "मानवाधिकारों के लिए संवाद और सहयोग के मित्रों के समूह" की ओर से एक संयुक्त भाषण दिया, जिसमें बताया गया कि मानवाधिकार परिषद वर्तमान में राजनीतिकरण और ध्रुवीकरण के गर्म माहौल का सामना कर रही है। मानवाधिकार परिषद टकराव और दबाव का स्थान नहीं है। इसे संवाद और आदान-प्रदान के माध्यम से देशों के बीच विश्वास का निर्माण करने और सहयोग को बढ़ावा देने में भूमिका निभानी चाहिए।

(मीनू)

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