• पिछली छमाही में चीन की कूटनीति की समीक्षा

    आज की दुनिया में एक सदी में अनदेखे बड़े बदलाव हो रहे हैं। दुनिया उथल-पुथल से भरी हुई है। शांति और विकास की युग थीम गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। विगत छह महीनों में चीन चीनी विशेषता वाली कूटनीति अपनाकर आगे बढ़ रहा है।

  • तकनीक के जरिए चीन अनाज उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ा सकता है

    तकनीक के जरिए चीन अनाज उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ा सकता है

    हालांकि पिछले साल चीन में औसत प्रति व्यक्ति अनाज उत्पादन 483 किलोग्राम था, लेकिन देश को इस साल अपने अनाज उत्पादन में बढ़ती रासायनिक उर्वरक कीमतों और कोविड-19 महामारी के निरंतर प्रभावों के कारण कठोर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

  • पेलोसी का लोकतंत्र काम नहीं चलेगा

    पेलोसी का लोकतंत्र काम नहीं चलेगा

    अमेरिकी संसद की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने हाल में चीन के थाईवान क्षेत्र की यात्रा की और कहा कि वह लोकतंत्र का समर्थन करने के लिए थाईवान गयी थी। लेकिन थाईवान के लोग स्पष्ट रुप से जानते हैं कि पेलोसी द्वारा थाईवानी लोकतंत्र का समर्थन करने की कथनी पर 75 प्रतिशत थाईवानी लोगों को भरोसा नहीं है। कई लोगों ने कहा कि खुद के हितों, राजनीतिक पार्टी के हितों और अमेरिका के हितों के लिए पेलोसी थाईवान आयी है।

  • "शांति" की बात करने वाले अमेरिका ने वास्तविक कार्रवाई से शांति को नुकसान पहुंचाया

    अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने थाईवान की हालिया यात्रा के दौरान दावा किया कि उसकी यात्रा "क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा दे रही है।" साथ ही, जी7 के विदेश मंत्रियों ने एक तथाकथित बयान जारी किया, जिसमें चीन की वैध जवाबी कार्यवाहियों की निंदा की गई और दावा किया गया कि इससे क्षेत्रीय तनाव पैदा हो सकता है और शांतिपूर्ण तरीकों से थाईवान जलडमरूमध्य की मतभेदों को हल किया जाना चाहिए।

  • एक-चीन सिद्धांत को अमेरिका की चुनौती का डटकर मुकाबला किया जाएगा

    एक-चीन सिद्धांत को अमेरिका की चुनौती का डटकर मुकाबला किया जाएगा

    3 अगस्त को अमेरिकी संसद की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने चीन के थाईवान की यात्रा खत्म की। उन्होंने थाईवान में तथाकथित “थाईवान के साथ संबंध कानून” को लेकर कहा कि अमेरिका ने थाईवान को बहुत दृढ़ वचन दिया और अमेरिका थाईवान के साथ खड़ा होगा। 2 अगस्त को पेलोसी ने थाईवान की अपनी यात्रा को स्पष्ट करने के लिए अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट में एक लेख जारी किया, जिसमें कहा गया कि उन्होंने एक-चीन सिद्धांत का उल्लंघन नहीं किया है।

  • थाईवान जलडमरुमध्य की शांति और स्थिरता को बर्बाद करने के लिए अमेरिका को सभी परिणाम भुगतना पड़ेगा

    थाईवान जलडमरुमध्य की शांति और स्थिरता को बर्बाद करने के लिए अमेरिका को सभी परिणाम भुगतना पड़ेगा

    चीन के जबरदस्त विरोध को नजरअंदाज कर अमेरिकी संसद की स्पीकर नैन्सी पेलोसी 2 अगस्त को थाईवान गयी। यह अमेरिका और थाईवान के बीच सरकारी आवाजाही को उन्नत करने की एक अहम राजनीतिक चुनौती की कार्रवाई है, जिसने गंभीर रूप से एक चीन के सिद्धांत और चीन-अमेरिका तीन संयुक्त विज्ञप्तियों का उल्लंघन किया है, चीन-अमेरिका संबंधों के राजनीतिक आधार को बर्बाद किया है और चीन की प्रभुसत्ता और प्रादेशिक अखंडता को क्षति पहुंचायी है।

  • विश्व शांति और देश की प्रभुसत्ता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा करती है चीनी सेना

    विश्व शांति और देश की प्रभुसत्ता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा करती है चीनी सेना

    1 अगस्त, 2022 को चीन जन मुक्ति सेना की स्थापना की 95वीं वर्षगांठ है। नये चीन की स्थापना के बाद चीनी सेना ने प्रतिरक्षा की नीति अपनाकर स्वेच्छा से कोई भी युद्ध नहीं छेड़ा। आज चीन की जन मुक्ति सेना न सिर्फ अपने देश की प्रभुसत्ता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा करती है, बल्कि विश्व शांति की रक्षा करने की मजबूत शक्ति भी बन चुकी है।

  • दक्षिण चीन सागर में अमेरिका की जानबूझकर भड़काने की कार्रवाई विफल होगी

    दक्षिण चीन सागर में अमेरिका की जानबूझकर भड़काने की कार्रवाई विफल होगी

    पिछले एक महीने से अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में इस तरह का हथकंडा खेला कि उसने युद्धपोतों को हजारों मील दूर चीन के दरवाजे पर भेजकर उकसाने वाली कार्रवाई की और साथ ही चीन पर "आक्रामक" होने का झूठा आरोप लगाया, क्योंकि चीन ने मजबूरन वैध रक्षा की। 26 जुलाई को, दो अमेरिकी अधिकारियों ने दक्षिण चीन सागर के मुद्दे को फिर से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और कहा कि दक्षिण चीन सागर में चीन के "आक्रामक और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार" से देर-सवेर "बड़ी दुर्घटनाएँ" होंगी। उसी दिन, यूएसएस रोनाल्ड रीगन विमानवाही पोत सिंगापुर के बंदरगाह को छोड़ कर फिर से दक्षिण चीन सागर में चला गया।

  • "आतंकवाद का मुकाबला करने की तुलना में चीन को लक्षित करना अधिक महत्वपूर्ण है":ब्रिटिश खुफिया प्रमुख

    हाल ही में, ब्रिटिश सैन्य खुफिया एजेंसी (एमआई 6) के निदेशक रिचर्ड मूर ने एक साक्षात्कार में कहा कि चीन अब एमआई 6 का शीर्ष खुफिया कार्य बन गया है, और उसका महत्व "आतंकवाद के मुकाबले से अधिक" है। उन्होंने रूस-यूक्रेन संघर्ष के जरिए थाइवान जलडमरूमध्य मुद्दे को ज्यादा बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया है।

  • आपदा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय हुआ चीन

    आपदा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय हुआ चीन

    पिछले कुछ वर्षों से विश्व के कई क्षेत्र प्राकृतिक आपदाओं और चुनौतियों से जूझ रहे हैं। एशियाई देश चीन और भारत में हाल के दिनों बाढ़, सूखा व भूकंप आदि मुश्किलों ने लोगों का जनजीवन काफी प्रभावित किया है। अगर चीन की बात करें तो यहां की सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है और इस दिशा में कदम भी उठाए जा रहे हैं। चीन द्वारा किए जा रहे प्रयास उसकी 14वीं पंचवर्षीय योजना में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।