मानव तस्करी और जबरन श्रम के बारे में चीन ने जताई चिंता

2021-09-18 19:05:30

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 48वें सत्र ने 17 सितंबर को गुलामी के समकालीन रूपों पर विशेष प्रतिवेदक से खास चर्चा आयोजित की। जिनेवा में चीन के स्थायी मिशन के अध्यक्ष ज्यांग त्वान ने संबंधित देशों की ओर से एक संयुक्त भाषण दिया और अमेरिका में मानव तस्करी और जबरन श्रम के बारे में चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि मानव तस्करी और जबरन मजदूरी मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, महिलाओं और बच्चों को नुकसान विशेष रूप से गंभीर है। अमेरिका के इतिहास में आपराधिक दासता और दास व्यापार का अभ्यास किया गया है। अमेरिका अभी भी मानव तस्करी और जबरन श्रम के लिए सबसे प्रमुख क्षेत्र है। अमेरिका में हर साल बंधुआ मजदूरी में शामिल होने के लिए देश के बाहर से लगभग एक लाख लोगों की तस्करी की जाती है, अभी तक अमेरिका में कम से कम 5 लाख लोग गुलामी में जी रहे हैं। अमेरिका में तमाम बच्चे 8 साल की उम्र से ही काम करना शुरू कर देते हैं और 2.4 लाख से 3.25 लाख महिलाएं और बच्चे यौन दासता से पीड़ित हैं। इन आंकड़ों के पीछे अनगिनत मानवीय त्रासदी शामिल है।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को “बाल अधिकारों पर कन्वेंशन”, “महिलाओं के खिलाफ सभी प्रकार के भेदभाव के उन्मूलन पर कन्वेंशन” जैसे मानवाधिकार संधियों की पुष्टि करनी चाहिए। इसके साथ ही मानव तस्करी और जबरन श्रम अपराधों का सख्ती से मुकाबला करने की जरूरत है।

(मीरा)

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