चीन के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ कई देशों ने मानवाधिकार परिषद में भाषण दिया
14 और 15 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 48वें सम्मेलन और मानवाधिकार के उच्चायुक्त कार्यालय के बीच बातचीत हुई। वेनेजुएला, डीपीआरके, दक्षिण सूडान, लाओस, श्रीलंका, डोमिनिका, आर्मेनिया, मालदीव, तंजानिया आदि देशों के प्रतिनिधियों ने भाषण देते हुए चीन की मानवाधिकार उपलब्धियों की प्रशंसा की और कहा कि शिनच्यांग, हांगकांग और तिब्बत से संबंधित मामले चीन के आंतरिक मामले हैं, बाहरी ताकतों को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
वेनेजुएला के प्रतिनिधि ने शिनच्यांग लोगों समेत चीन के सभी जातीय समूहों के लोगों की गरीबी उन्मूलन और भलाई को बढ़ावा देने के लिए चीनी सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि शिनच्यांग के लोगों के मानवाधिकारों पर अवैध एकतरफा जबरदस्ती के उपायों का गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
डीपीआरके के प्रतिनिधि ने संबंधित देशों द्वारा शिनच्यांग और हांगकांग से संबंधित मामलों से चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का विरोध किया।
दक्षिण सूडान के प्रतिनिधि हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र में "एक देश, दो व्यवस्थाएं" की नीति लागू करने के लिए चीन का समर्थन करते हैं।
मालदीव के प्रतिनिधि ने कहा कि चीन मालदीव के विकास का महत्वपूर्ण साझेदार है। मालदीव -चीन संबंध एक दूसरे की प्रभुसत्ता व प्रादेशिक अखंडता का सम्मान के आधार पर स्थापित हुआ है। मालदीव ने एक चीन की नीति को दोहराया। (वनिता)


