चीनी थिंक टैंकों ने "अमेरिका की महामारी रोधी सच्चाई" पर रिपोर्ट जारी की
9 अगस्त को चीनी रनमिन यूनिवर्सिटी के छोंग यांग वित्त अनुसंधान संस्थान, थाई ह थिंक टैंक और हाइ क्वो थू च्यी तीन थिंक टैंकों ने पेइचिंग में "अमेरिका फर्स्ट? ! अमेरिका की महामारी रोधी सच्चाई" पर एक शोध रिपोर्ट जारी की। यह दुनिया की पहली थिंक टैंक रिपोर्ट है, जो महामारी के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई के बारे में सच्चाई को उजागर करती है।
रिपोर्ट में लगभग 23 हजार शब्द हैं और इसमें 20 भाग हैं, जिसने ब्लूमबर्ग के "महामारी रोधी कार्य अमेरिका दुनिया में नंबर 1" की रैंकिंग का खंडन किया है। रिपोर्ट का निष्कर्ष कहता है कि अमेरिका दुनिया का नंबर एक देश है, जो महामारी से लड़ने में विफल रहा है, दुनिया का नंबर एक राजनीतिक डंपिंग देश, नंबर एक देश जिसमें महामारी फैली, दुनिया में राजनीतिक तोड़फोड़ मचाने वाला नंबर एक देश, दुनिया का नंबर एक देश जिसमें दुनिया की मुद्रा का दुरुपयोग होता है। वहीं अमेरिका दुनिया में नंबर एक देश है, जो महामारी की पहली अवधि के दौरान एक अशांत देश, झूठी जानकारी देता रहा। इसके साथ ही दुनिया का पहला ट्रेस करने योग्य आतंकी देश भी है।
रिपोर्ट के अनुसार महामारी की रोकथाम और नियंत्रण, नीतिगत उपायों, ट्रेसबिलिटी की जांच और अन्य पहलुओं में अमेरिका सरकार विज्ञान और सामान्य ज्ञान विरोधी है। यही कारण है कि अमेरिका "महामारी के खिलाफ लड़ाई में विफल देश" बन गया है।


