अमेरिकी राजनेता किसके साथ खड़े हैं? ——अमेरिका द्वारा हांगकांग से संबंधित मुद्दों पर चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की सच्चाई
अमेरिका की नयी सरकार के सत्ता में आने के बाद अमेरिका ने पहली सरकार के आधिपत्यपूर्ण व्यवहार को जरा भी नहीं बदला है और हांगकांग से संबंधित मुद्दों पर चीन पर हमला जारी रखा। साथ ही, अमेरिका ने कई पश्चिमी ताकतों को एकत्र कर चीन के खिलाफ "जनमत की घेराबंदी" शुरू की और यहां तक कि चीनी अधिकारियों पर तथाकथित "प्रतिबंध" भी लगाया। 4 अगस्त को चीनी समाचार एजेंसी शिनहुआ ने एक लेख जारी कर इसके पीछे की सच्चाई का पर्दाफाश किया।
लेख में कहा गया है कि हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र की चुनाव प्रणाली को कैसे डिजाइन करना और सुधारना है, यह बिलकुल चीन का आंतरिक मामला है, और किसी भी विदेशी शक्ति को गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। वास्तव में, अमेरिका में चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप को रोकने के लिए बहुत सख्त कानून और नियम हैं। ऐसा क्यों है कि अमेरिका किसी भी समय आवश्यकतानुसार चुनाव कानूनों में संशोधन कर सकता है, लेकिन चीन के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र के कानूनों में संशोधन को बदनाम करने की कोशिश की है?
लेख में यह भी कहा गया है कि अमेरिका का मानना है कि उसके तथाकथित "प्रतिबंधित" अधिकारियों ने "हांगकांग की उच्च स्वायत्तता को कमजोर किया है", यह तथ्यों के अनुरूप नहीं है। एनपीसी ने हांगकांग की राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा और हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र की चुनाव प्रणाली में सुधार के लिए अलग-अलग निर्णय लिए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा और हांगकांग स्थानीय सरकार की सत्ता की सुरक्षा की गारंटी दी जाती है। हांगकांग जीचिन अनुसंधान संस्था द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण से पता चलता है कि लगभग 70% हांगकांग वासियों का मानना है कि चुनाव प्रणाली में सुधार ने हांगकांग के भविष्य के प्रति हांगकांग वासियों के विश्वास को मजबूत किया है।
लेख में आगे कहा गया है कि चीन द्वारा हांगकांग की दीर्घकालिक स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों को व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 46वें सत्र में 70 से अधिक देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर संबंधित पक्षों से हांगकांग और चीन के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करने का आग्रह किया। 20 से अधिक देशों ने भाषणों और अन्य तरीकों के माध्यम से हांगकांग से संबंधित मुद्दों पर चीन की स्थिति और उपायों का समर्थन करते हैं।
हांगकांग के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून जैसे शक्तिशाली उपायों की एक श्रृंखला के निरंतर कार्यान्वयन के साथ, हांगकांग की सामाजिक व्यवस्था बहाल हो गई है और विकास वापस पटरी पर आ गया है। हांगकांग अधिक स्थिर और समृद्ध होगा। "एक देश, दो व्यवस्थाएं" का उसूल हांगकांग में बेहतर ढंग से लागू किया गया है। यह अमेरिकी राजनेताओं की चीन की हांगकांग नीति को बदनाम किये जाने का सबसे शक्तिशाली जवाबी प्रहार है।
(श्याओयांग)


