एपेक का वक्तव्य हुआ जारी

2021 के 16 जुलाई को एपेक के सदस्यों के नेताओं ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए एक सम्मेलन का आयोजन कर कोविड-19 महामारी से पैदा हुए स्वास्थ्य और आर्थिक संकट और निपटारा करने के कदमों पर विचार विमर्श किया। सम्मेलन के बाद एक वक्तव्य जारी किया गया।
वक्तव्य में कहा गया कि महामारी ने निरंतर इस क्षेत्र के लोगों और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डाला है। एपेक के सदस्य वैक्सीन के उत्पादन और सप्लाई का तेज विस्तार करेंगे और वैक्सीन की उत्पादन तकनीक के स्वेच्छा से हस्तांतरण करने को प्रोत्साहित करते हैं। वे पुत्रजया विजन को साकार करने में लगे रहेंगे, यानी 2040 तक एक खुले, गतिशील, लचीले और शांतिपूर्ण एशिया-प्रशांत समुदाय का निर्माण करेंगे।
पहला, एपेक के सदस्य मजबूत, संतुलित, सुरक्षित, टिकाऊ और समावेशी विकास पर जोर देंगे। हालिया संकट से निकालने के लिए एपेक के सदस्य मौजूदा आधार पर पूंजी एकत्र करने और उच्च गुणवत्ता वाली बुनियादी संरचनाओं के विकास और निवेश को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। दूसरा, एपेक के सदस्य नवाचार और डिजटलीकरण पर जोर देंगे। महामारी ने एशिया प्रशांत क्षेत्र के लोगों और उद्योगों पर भारी असर डाला है। हम नवाचार के माध्यम से इस क्षेत्र के मध्यम, छोटे और लघु उद्यमों की मदद देंगे और डिजटल बुनियादी संरचनाओं और डिजटल तकनीक के निर्माण को मजबूत करेंगे। तीसरा, एपेक के सदस्य देश व्यापार और निवेश पर जोर देंगे। हालिया अहम दौर में माल और सेवा के प्रवाह को बढ़ावा देना बहुत महत्वपूर्ण है। हम महामारी रोकथाम की पूर्वशर्त में सुरक्षा अंतर्राष्ट्रीय यात्रा की बहाली करने की तैयारी करेंगे। विश्व व्यापार संगठन को आगे यह साबित करना है कि वैश्विक व्यापार नियम हमें इस स्वास्थ्य और आर्थिक संकट से बाहर निकालने में मदद दे सकेंगे। हम इसके लिए अथक प्रयास करते रहेंगे।
(श्याओयांग)


