शी चिनफिंगः एकजुट होकर महामारी का मुकाबला करें और आर्थिक पुनरुत्थान को आगे बढ़ाएं

2021-07-16 20:46:18

शी चिनफिंगः एकजुट होकर महामारी का मुकाबला करें और आर्थिक पुनरुत्थान को आगे बढ़ाएं_fororder_yang-5

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 16 जुलाई की रात को पेइचिंग में वीडियो कोनफ़्रेंसिंग के ज़रिए एपेक के अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया।

शी चिनफिंग ने अपने भाषण में लोगों से एकजुट होकर महामारी का मुकाबला करने और आर्थिक पुनरुत्थान को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हाल में कोविड-19 महामारी की स्थिति गंभीर रही है, विश्व अर्थतंत्र का पुनरुद्धार कमजोर है। साथ ही शांति व विकास अभी भी युग का मुख्य थीम है। हमें बहुपक्षवाद की रक्षा कर एकता व सहयोग को मजबूत करना चाहिए और साथ मिलकर चुनौतियों का सामना करना चाहिए।

एशिया प्रशांत क्षेत्र विश्व आर्थिक विकास की अहम इंजन है। जल्द ही महामारी को पराजित कर आर्थिक विकास की बहाली करना एपेक के सभी सदस्यों का हालिया सबसे अहम मिशन है। गत वर्ष एपेक ने 2040 विज़न पेश किया, जिसने एक खुले, जोरदार, लचीले और शांतिपूर्ण एशिया-प्रशांत समुदाय का लक्ष्य पेश किया और एपेक के आर्थिक सहयोग के लिए दिशा तय की। हालिया स्थिति में हमें एकजुट होकर सहयोग को मजबूत करना चाहिए, ताकि महामारी के प्रभाव को दूर किया जा सके। शी चिनफिंग ने चार सुझाव पेश किए। पहला, महामारी मुकाबला में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करें। महामारी ने फिर एक बार साबित किया कि हम सब एक पृथ्वी रूपी गांव में रहते हैं। सब लोगों का भाग्य एक दूसरे से संबंधित है। चीन वैक्सीन के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को गहरा करने का पक्ष लेता है, ताकि वैक्सीन वैश्विक सार्वजनिक उत्पाद बन सके। चीन ने खुद की कठिनाइयों को दूर कर विकासशील देशों को 50 करोड़ से अधिक खुराकों की वैक्सीन दी है और आगामी तीन वर्षों में विकासशील देशों के महामारी रोधी कार्य और आर्थिक व सामाजिक विकास की बहाली के लिए चीन 3 अरब डॉलर की अंतर्राष्ट्रीय सहायता भी देगा। चीन एपेक को महामारी और आर्थिक पुनरुद्धार का सामना करने वाले कोष के लिए चंदा भी देगा, ताकि एपेक के सदस्य यथाशीघ्र ही महामारी को पराजित कर सकें और आर्थिक पुनरुद्धार को साकार कर सकें।

दूसरा, क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को गहरा करें। हमें व्यापार और निवेश की स्वतंत्रता और सुविधाकरण को आगे बढ़ाना चाहिए, विश्व व्यापार संगठन के केंद्र वाली बहुपक्षीय व्यापारिक प्रणाली की रक्षा करनी चाहिए। हमें समग्र आर्थिक नीतिगत समन्वय को मजबूत कर डिजटल आपसी संपर्क और सहयोग को आगे बढ़ाना चाहिए। हमें क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को आगे बढ़ाकर यथाशीघ्र ही उच्च स्तर वाले एशिया प्रशांत मुक्त व्यापार क्षेत्र का निर्माण करना चाहिए। चीन ने पहले ही क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी संबंधों के समझौते के पुष्टि कार्य को पूरा किया है। उम्मीद है कि इस साल यह समझौता औपचारिक रूप से प्रभावी हो सकेगा।

तीसरा, सहनशील व अनवरत विकास पर कायम रहना। पृथ्वी मानव का एकमात्र घर है। हमें जनता को प्राथमिक स्थान पर रखने पर कायम रहना चाहिये, अच्छे पारिस्थितिकी पर्यावरण को वैश्विक अर्थव्यवस्था व समाज के अनवरत विकास का महत्वपूर्ण स्तंभ बनाना चाहिये, और हरित वृद्धि प्राप्त करनी चाहिये। चीन जलवायु परिवर्तन के मुकाबले पर बड़ा ध्यान देता है, और वर्ष 2030 से पहले कार्बन पीक पाने, और वर्ष 2060 से पहले कार्बन न्युट्रल प्राप्त करने की कोशिश कर रहा है। चीन एपेक को अनवरत विकास से जुड़े सहयोग का समर्थन देता है, पर्यावरण उत्पाद कर कटौती की सूची में सुधार, और ऊर्जा के कुशल, स्वच्छ और विविध के विकास को बढ़ावा देता है। हमें आर्थिक व तकनीकी सहयोग को मजबूत करना चाहिये, सहनशील व्यापार पूंजी-निवेश को बढ़ावा देना चाहिये, मध्य व लघु उद्यमों के विकास का समर्थन देना चाहिये, महिला समेत कमजोर समुदायों की सहायता को मजबूत करना चाहिये, गरीबी उन्मूलन से जुड़े सफल अनुभव साझा करना चाहिये, और वर्ष 2030 अनवरत विकास कार्यक्रम को लागू करने की ज़रूरत है।

चौथा, विज्ञान व तकनीक का नया मौका पकड़ना। डिजिटल अर्थव्यवस्था वैश्विक आर्थिक विकास की एक महत्वपूर्ण दिशा है। वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था खुलेपन व घनिष्ठ संबंधों का परिणाम है। सहयोग व समान जीत एकमात्र सही रास्ता है। बंद द्वार और विभाजन से केवल गतिरोध मिलेगी। हमें व्यापक और संतुलित रूप से एपेक के इंटरनेट व डिजिटल अर्थव्यवस्था की रोडमैप को लागू करना चाहिये। डिजिटल बुनियादी सुविधाओं के निर्माण को मजबूत करने के साथ नवीन तकनीक के प्रसार-प्रचार व प्रयोग को मजबूत करना चाहिये। साथ ही खुले, न्यायपूर्ण, गैर भेदभाव वाले डिजिटल व्यापार वातावरण का निर्माण करना चाहिये। चीन ने डिजिटल तकनीक से महामारी की रोकथाम करने, स्मार्ट शहर आदि कई सहयोग प्रस्तावों को पूरा किया। साथ ही चीन डिजिटल क्षमता निर्माण से जुड़ी संगोष्ठी भी आयोजित करेगा, डिजिटल तकनीक से पर्यटन के पुनरुत्थान में सहायता देने समेत सहयोग प्रस्तावों को मजबूत करेगा, और एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग के लिये ज्यादा से ज्यादा योगदान देगा।

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