चीन के खिलाफ पश्चिम का "नया शीत युद्ध" गैर-सार्थक है
जर्मनी के पूर्व प्रधानमंत्री, पूर्व विदेश मंत्री जोशका फिशर ने एक लेख प्रकाशित करते हुए कहा कि चीन के खिलाफ पश्चिम का "नया शीत युद्ध" गैर-सार्थक है। हाल ही में जी7 शिखर सम्मेलन ब्रिटेन के कॉर्नवाल में आयोजित हुआ। यूएस-सोवियत शीत युद्ध का एक नया संस्करण अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में व्याप्त है। ऐसा लगता है कि चीन अब सिर्फ एक प्रतियोगी और प्रतिद्वंद्वी नहीं है, बल्कि पश्चिम के लिए एक "व्यवस्थित विकल्प" है। अतीत का शीत युद्ध जर्मनी और जापान की हार के बाद हुआ था। द्वितीय विश्व युद्ध से पहले अमेरिका और सोवियत संघ वैचारिक क्षेत्र में नश्वर दुश्मन थे। आज पश्चिम और चीन की स्थिति बिल्कुल अलग है।


