चीन के बौद्धिक संपदा अधिकार संरक्षण और व्यावसायिक वातावरण को मिली अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मान्यता

26 अप्रैल को 21वां विश्व बौद्धिक संपदा अधिकार दिवस था। चीन ने उस दिन“चीन के बौद्धिक संपदा अधिकार संरक्षण और व्यावसायिक वातावरण की नई प्रगति रिपोर्ट (2020)”जारी की।
उस दिन चीनी राज्य परिषद के न्यूज़ कार्यालय द्वारा आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में चीनी राष्ट्रीय बाजार निगरानी और प्रबंधन महा ब्यूरो की उप प्रधान कान लिन ने कहा कि गत वर्ष चीन ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, और मंचों आदि तरीके से बहुपक्षीय या द्विपक्षीय आदान-प्रदान को मजबूत किया, इसके साथ ही “दृश्य-श्रव्य प्रदर्शन पेइचिंग संधि”, “चीन-यूरोप भौगोलिक संकेतों पर समझौता” और “क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता”(आरसीईपी) आदि अंतरराष्ट्रीय नियमों को बनाने और उन पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया में भाग लिया, जिससे चीन का वैश्विक शासन स्तर उन्नत हुआ। बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा करने और व्यावसायिक वातावरण के अनुकूलन में चीन की दृढ़ता को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा मान्यता दी गई है।
इस अधिकारी के मुताबिक, विश्व बौद्धिक संपदा अधिकार संगठन ने “2020 वैश्विक अभिनव सूचकांक” जारी किया, जिसमें चीन का स्थान 14वां है, जो शीर्ष 30 में शामिल होने वाली यह एकमात्र मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्था है।
26 अप्रैल को जारी उपरोक्त रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल, चीन में बाजार संस्थाओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई। पूरे साल में 2 करोड़ 50 लाख 21 हज़ार नए बाजार संस्थाएं स्थापित की गईं, जो साल 2019 की तुलना में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके साथ ही चीन में 50 हज़ार नए विदेशी पूंजी वाले उद्यम स्थापित हुए। चीन दुनिया का सबसे बड़ा विदेशी पूंजी प्रवाह देश बन गया है।
चीन के विदेशी निवेश का उपयोग लगातार बढ़ा है, और यह दुनिया की अति कम प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है जिसने विकास को बनाए रखने के लिए विदेशी निवेश को अवशोषित किया है। यह निस्संदेह चीन के कारोबारी माहौल में लगातार सुधार से संबंधित है।
(श्याओ थांग)


