असली तिब्बत या काल्पनिक शांग्री-ला?

2021-04-07 14:37:24

 

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कुछ पश्चिमी लोगों की नज़र में तिब्बत एक वास्तविक और भौतिक अस्तित्व नहीं है, लेकिन हमेशा इन के दिल में मौजूद शांग्री-ला, यानी एक काल्पनिक आदर्श दुनिया है। इसके साथ ही तिब्बत के प्रति अधिकांश पश्चिमी लोगों की प्रेम भावना भी केवल एक भ्रमपूर्ण आदर्श दुनिया के लिए उनकी अपनी इच्छा का परिणाम है। तिब्बती स्वतंत्रता के लिए कट्टर समर्थन भी ऐसी विचारधारा और प्रवृत्ति का परिणाम है।

आज उपनिवेशवादी संस्कृति के खिलाफ आलोचना करने के साथ-साथ लोगों ने यह महसूस किया है कि तिब्बत का शांग्री-लाएज़ेशन वास्तव में पश्चिमी उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद की विशिष्ट प्रथाएँ हैं। इन की कल्पना में पारंपरिक तिब्बत में शांति, अहिंसा, हरित पर्यावरण संरक्षण, समानता, शोषण और उत्पीड़न के बिना, और आध्यात्मिक स्वतंत्रता का एक आदर्श दुनिया मौजूद है। पर इस तरह की कल्पना का वास्तविक तिब्बती परंपराओं के साथ कोई संबंध नहीं है, और इससे वर्तमान दुनिया और वास्तविक तिब्बत के बीच संपर्क को भी बाधित किया गया है। इसके अलावा विचार की ऐसी प्रवृत्ति ने चीन के भीतरी इलाकों में रहने के कुछ लोगों को भी प्रभावित किया है। जो हमेशा तिब्बत के प्रति अपने दिल में रोमांटिक भावना बनाये रखते हैं।

वास्तविक तिब्बत सुंदर और अद्वितीय है, लेकिन इसका काल्पनिक शांग्री-ला के साथ कोई संबंध नहीं है। यदि आप तिब्बत को समझना चाहते हैं, तो आपको प्रत्यक्ष अनुभव के लिए तिब्बत जाना ही चाहिए। हालांकि, कुछ ही लोग "शांग्री-ला के कैदी" के रूप में सेवा करना जारी रखते हैं, या अपनी कल्पना के टूटने के कारण निराश होकर तिब्बत की वास्तविकता की आलोचना करने में लगते हैं। पिछले कुछ दशकों में, "तिब्बत मुद्दे" के प्रति पश्चिम की चिंताओं की लोक संस्कृति की मजबूत नींव है। अतीत में तिब्बत के प्रति पश्चिम द्वारा की गयी आलोचनाएं प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण और तिब्बती बौद्ध धर्म की निरंतरता पर केंद्रित थीं। हालांकि, इधर के दशकों में तिब्बत ने प्राकृतिक पर्यावरण संरक्षण और बौद्ध संस्कृति की निरंतरता और विकास में उत्कृष्ट उपलब्धियां प्राप्त की गयी हैं। तिब्बती बौद्ध मठों का निर्माण और पुनर्निर्माण एक अभूतपूर्व स्तर पर किया गया है। उधर तिब्बती बौद्ध ग्रंथों की खोज, छंटाई और प्रकाशन भी अभूतपूर्व है।

आज पश्चिम के कुछ लोग "तिब्बत मुद्दे" का उपयोग कर चीन के खिलाफ दबाव डालने के लिए विभिन्न राजनीतिक अभियान शुरू करना चाहते हैं। पर ऐसी राजनीतिक कार्यवाही से तिब्बत के स्वस्थ विकास के लिए अनुकूल नहीं हैं। तिब्बती लोगों की वास्तविक खुशियों और हितों के लिए तिब्बत और तिब्बती बौद्ध धर्म पर लगाए गए कल्पना के कोहरे को हटाया जाना चाहिए। तिब्बती लोगों को भाइयों और बहनों के रूप में देखना चाहिये और तिब्बत में होने वाली हर चीजों और निर्माण कार्यों को पूरे देश के निर्माण का एक हिस्सा माना चाहिये। तिब्बत एक वास्तविक अस्तित्व है , न कि कोई काल्पनिक शांग्री-ला।

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