पुनः ग्रुप में हिस्सा लेने वाले अमेरिका को यथार्थ कार्रवाई करनी चाहिए

2021-02-20 19:45:23

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अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने 19 फरवरी को बयान देकर कहा कि अमेरिका उस दिन पेरिस समझौते में आधिकारिक तौर पर पुनः भाग ले चुका है, जिसका स्वागत संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने किया। उन्होंने जोर दिया कि अमेरिका की वापसी से पेरिस समझौता एक संपूर्ण हो जाएगा।

गुटरेस ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का समान विचार प्रकट किया। चूंकि वैश्विक मौसम परिवर्तन का निपटारा करने के लिए सब लोगों के प्रयास की आवश्यकता है, लेकिन विश्व में ग्रीन हाऊस की प्रमुख निकासी देश होने के नाते, अमेरिका इस समझौते से अमेरिका के वित्तीय बोझ को बढ़ाने की वजह से 2020 के अंत में औपचारिक रूप से हट गया। अमेरिका की इस कार्रवाई ने पेरिस समझौते के कार्यान्वयन परिणाम को गंभीर रूप से कम किया। संयुक्त राष्ट्र महा सचिव गुटरेस ने कहा कि हाल में अमेरिका में हुआ अति ठंडा मौसम वैश्विक मौसम परिवर्तन से पैदा हुआ है।

लोगों ने ध्यान दिया कि जनवरी के अंत में जो बाईडन के पद ग्रहण के बाद अनेक प्रशासनिक आदेश पर हस्ताक्षर कर यह घोषणा की कि अमेरिका 2035 तक बिजली उद्योग में शून्य कार्बन उत्सर्जन करेगा और 2050 में कार्बन तटस्था के लक्ष्य को पूरा करेगा। लेकिन इस महत्वाकांक्षा को रिपब्लिक पार्टी ने दृढ़ विरोध किया। बाईडन की इस योजना को कैसे साकार किया जा सकता यह मौजूदा अमेरिकी सरकार द्वारा हल किये जाने वाला फौरी काम होगा।

मौसम परिवर्तन का सवाल बाईडन सरकार द्वारा अमेरिका की वैश्विक नेतृत्व शक्ति की पुनः रचना का अहम तरीका माना जाता है। लेकिन मौसम परिवर्तन की चुनौती के सामने एकतरफा कोई रास्ता नहीं है। अमेरिका का नेतृत्व वाले विकसित देशों को मौसम परिवर्तन को विकासमान देशों के विकास में बाधा डालने की सौदेबाजी की चिप नहीं बनानी चाहिए। वास्तव में विकसित देश ग्रीन हाऊस गैस की प्रमुख निकासी ईकाइयां हैं, जबकि विकासमान देश इसके शिकार हैं। संयुक्त राष्ट्र मौसम परिवर्तन की ढांचागत संधि के मुताबिक विकसित और विकासमान देशों को समान लेकिन भिन्नता होने वाले कर्तव्य निभाना चाहिए। यह इस बात का द्योतक है कि विकसित देशों को उत्सर्जन कम करने में जोर देना चाहिए और विकासमान देशों को पूंजी, तकनीक आदि समर्थन देना चाहिए।

हम आशा करते हैं कि अमेरिका सही मायने में पेरिस समझौते के महत्व को समझकर सदिच्छा से कार्रवाई करेगा, ताकि मौसम परिवर्तन के लिए सक्रिय योगदान दे सके।

(श्याओयांग)

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