कोलकाता में रह रहे चीनियों ने शेर नृत्य से परंपरागत नववर्ष मनाया

2021-02-18 15:25:55

कोलकाता में चीनियों का समुदाय भारत में प्रवासी चीनियों का सबसे बड़ा समुदाय है। चीनी परंपरागत नववर्ष यानी वसंत त्योहार में वहां के चीनी लोग शेर नृत्य कर उत्सव की खुशियां मनाते हैं। इस साल कोविड-19 महामारी से वसंत त्योहार मनाने का पैमाना छोटा हो गया है, लेकिन अपने रीति-रिवाज मनाने से गुरेज नहीं किया।

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कोलकाता में रह रहे 50 वर्षीय ल्याओ शंगचुंग शेर नृत्य दल के प्रमुख हैं। इस साल उन्होंने अपने दल को लेकर परंपरागत नृत्य के जरिये हरेक स्थानीय चीनी परिवार के पास जाकर वसंत त्योहार की शुभकामनाएं दी। उनके दल में तकनीक में निपुण दसेक सदस्य हैं।शेर नृत्य की चर्चा में ल्याओ शंगचुंग ने बताया ,दो किस्मों का शेर नृत्य है ।एक है कि जमीन पर प्रदर्शन करना है ।यह थोड़ा आसान है ।दूसरा है कि लकड़ी के खूंटे पर शेर नृत्य का प्रदर्शन करना है ,यह मुश्किल है ।शेर नृत्य टीम हरेक घर जाकर नये साल की शुभकामना देती है ।

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शेर नृत्य न सिर्फ समुदाय में त्योहार का माहौल बुलंद करता है, बल्कि आसपास के भारतीय पड़ोसियों को भी प्रभावित करता है। अखिल भारत प्रवासी चीनी संघ के उपाध्यक्ष ये छीयान ने सीएमजी संवाददाता को बताया कि महामारी के पहले चीनी समुदाय में कई शेर नृत्य दल थें और चीनी लोगों की प्रेरणा से भारतीय लोगों से गठित शेर नृत्य दल भी थें। वे वसंत त्योहार में प्रदर्शन कर चीनी लोगों को बधाई देते थे।उन्होंने बताया ,पहले 35 या 40 टीमें थीं ।सब युवा थे ।कुछ साल के पहले भारतीय युवाओं व बच्चों ने भी शेर नृत्य टीम की स्थापना शुरू की ।

ध्यान रहे 18वीं सदी के अंत में चीनी लोग कोलकाता में बसने लगे ।वे आम तौर पर व्यापार करते थे ।कई सौ वर्षो में शेर नृत्य ,चीनी परंपरागत नववर्ष और चीनी संस्कृति स्थानीय संस्कृति का एक भाग बन चुका है ।

इधर कुछ साल कोलकाता के बहुत चीनी युवा पढ़ाई व काम के लिए विदेश चले गये ।चीनी समुदाय का पैमाना कुछ हद तक छोटा हो गया ।चीनी संस्कृति के संरक्षण में कुछ दिक्कतें भी आयीं ।लेकिन ल्याओ शंगचुंग ने बताया कि वे शेर नृत्य समेत चीनी संस्कृति का संरक्षण करने की पूरी कोशिश  करेंगे ।इसके लिए उन्होंने खास तौर पर चीनी परंपरागत मार्शल आर्ट यानी कुंगफू संघ की स्थापना की ।उन्होंने बताया ,

 

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हम कुंगफू का भी अभ्यास करते हैं ।हम उन को थाईची मुक्केबाजी भी सिखाते हैं ।चीन से आये गुरु हमें शेर नृत्य सिखाते हैं ।मुझे  लगता है कि शेर नृत्य भारत में बढ़ता रहेगा ।

चीन में कोविड-19 महामारी के नियंत्रण की स्थिति की चर्चा में चीन भारत संघ के उपाध्यक्ष ये छीयान ने बड़ी खुशी व्यक्त की ।उन्होंने बताया कि वे चीन की स्थिति और विकास पर कड़ी नजर रखते हैं ।उन्होंने बताया ,हम चीन का बड़ा ख्याल रखते हैं ।मुझे पता है कि गतवर्ष गरीबी उन्मूलन कार्य पूरा हुआ ।वर्तमान में चीन की आर्थिक बहाली हो रही है ।यह बड़ी खुशी की बात है ।आशा है कि मातृभूमि के लोगों का जीवन दिन ब दिन अच्छा होगा ।

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स्थानीय चीन-भारत परिषद के सदस्य और तीसरी पीढ़ी के प्रवासी चीनी चेन चीनिंग ने प्रवासी चीनी सब मातृभूमि के विकास पर ध्यान देते हैं। वसंत त्योहार के मौके पर वे मातृभूमि के सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने कहा

मैं भारत में तीसरी पीढ़ी का चीनी हूं ।आप सभी लोगों को शुभकामना देता हूं ।

(वेइतुंग)

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