पोम्पियो डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों के अध्ययन परिणाम से इंकार कर अपने कयास पर कायम हैं
कोविड-19 के स्रोत को कैसे देखा जाए?क्या हमें वैज्ञानिक तथ्यों पर या विचारधारा के आधार पर कायम रहना चाहिए?इसका जवाब देना आसान है। लेकिन कुछ अमेरिकी राजनीतिज्ञों का चुनाव चौंकाने वाला है, जिनमें पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो शामिल हैं।
अमेरिकी न्यूजवीक की वेबसाइट की एक रिपोर्ट के अनुसार पोम्पियो ने वुहान में विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों के इस अध्ययन परिणाम से इंकार किया कि कोविड-19 को प्रयोगशाला से निकलने की अत्यंत कम संभावना है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के स्रोत के सवाल पर मेरे पक्ष में कोई बदलाव नहीं आया है यानी उस का स्रोत वुहान का प्रयोगशाला है।
पोम्पियो ने मीडिया के साथ हुई बातचीत में डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों के वुहान में प्रयोगशाला में प्रवेश और चीनी वैज्ञानिकों के साथ संपर्क पर भी संदेह जताया। लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों में से एक पीटर दासजैक ने हाल ही में बताया कि चीन के खुलेपन का स्तर विशेषज्ञ दल की उपेक्षा के ऊपर था। उनको सभी वांछित जगह जाने और वांछित व्यक्तियों से मिलने की अनुमति मिली।
गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने 9 फरवरी को बताया कि अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन के पड़ताल के परिणाम की जांच करेगा और सहयोगियों के साथ अपनी सूचना जुटाने और विश्लेषण करने वाले तंत्र का सहारा लेकर डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट का आंकलन करेगा। उनका दावा है कि किसी भी विवेकपूर्ण व्यक्ति का ऐसा विचार नहीं है कि कोविड-19 का स्रोत चीन के बाहर है।
इसके प्रति चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वनपिन ने बताया कि कई सुरागों, रिपोर्टों और अध्ययन से जाहिर है कि कोविड-19 महामारी वर्ष 2019 के उत्तरार्द्ध में विश्व के अनेक स्थलों से निकली थी, जिनमें अमेरिका भी शामिल है। आशा है कि अमेरिका चीन की तरह खुले और पारदर्शी रूख अपना कर विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञ दल को अमेरिका में पड़ताल करने का निमंत्रण देगा। (वेइतुंग)


