11 फरवरी 2021

2021-02-10 19:40:17

अनिलः जैसा कि आप जानते हैं कि भारत में लोगों को इनकम टैक्स देना पड़ता है, लेकिन दुनिया में कई देश ऐसे भी हैं जहां पर लोगों को इनकम टैक्स नहीं भरना पड़ता।

सऊदी अरब के नागरिकों को इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है। सऊदी अरब का तेल का कारोबर पूरी दुनिया में फैला हुआ है, जिससे उसकी आमदनी काफी ज्यादा होती है। यही वजह है कि सऊदी अरब में नागरिकों से टैक्स नहीं लिया जाता है। सऊदी अरब के नागिरकों से सोशल सिक्योरिटी पेमेंट्स और कैपिटल गेन्स लिया जाता है।

वहीं कतर सरकार अपने नागरिकों से किसी भी प्रकार का कोई टैक्स नहीं लेती है। कतर की गिनती दुनिया के अमीर देशों में होती है। जबकि ओमान दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक है। ओमान में तेल का बहुत बड़ा कारोबार है जिस वजह से उसकी आमदनी काफी ज्यादा होती है। इसी वजह से ओमान सरकार अपने नागरिकों से इनकम टैक्स नहीं लेती है।

वहीं कुवैत के नागरिकों को भी इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है। कुवैत के नागरिकों को इनकम टैक्स से तो राहत है लेकिन हर व्यक्ति को सोशल इंश्योरेंस में योगदान देना होता है।

नीलमः अब अगली जानकारी... कनाडा में एक एंटीक दुकान के मालिक ने लगभग सात लाख के एक घर खरीदा। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि सात लाख के घर में 2 करोड़ का खजाना मिल जाएगा। उन्हें इस घर में डिजाइनर कपड़े, दुर्लभ सिक्के, सोने और हीरे की अंगूठियों के साथ बैग, नकदी और चांदी के डॉलर से भरे पर्स सहित कई अन्य चीजें मिलीं, जिनकी कीमत लगभग दो करोड़ है।

एंटीक दुकान के मालिक मिस्टर आर्चबॉल्ड ने दिवंगत संगीत शिक्षक, बेट्टे-जोन आरएसी की संपत्ति को लगभग 10 हजार डॉलर में खरीदा था। आर्चबॉल्ड नियमित रूप से अपने स्टोर के लिए पुराने घरों की सामग्री खरीदते हैं और अपनी खोजों को सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। आर्कबोल्ड ने 'पियानों और अन्य चीजों को देखकर घर को 10 हजार डॉलर में खरीदा था।

आर्चबॉल्ड जब घर के अंदर पहुंचे तो वो इतना कीमती सामान देखकर हैरान रह गए। उनका कहना है कि उन्होंने कभी इतने कीमती सामान की उम्मीद नहीं की थी। आर्चबॉल्ड संगीत के शिक्षक को कई वर्षों से जानते थे, लेकिन कभी भी उनके घर के अंदर नहीं गए थे। आर्चबॉल्ड का कहना है कि 'घर में बहुत सारा सामान जमा किया गया था। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का पता नहीं था कि जिस शिक्षक से मैं मिला हूं वो मिलिनेयर थे। आर्चबॉल्ड को घर में कई तरह की चीजें मिलीं। जिनमें चांदी की एक पट्टी, फर कोट से भरा एक रैक,सिल्वर डॉलर, 1920 के दशक का पैसा आदि चीज़ें शामिल हैं।

अनिलः आपने कई लोगों की लव स्टोरी पढ़ी और सुनी होंगी, परंतु आज हम आपको जिस लवस्टोरी के बारे में बताने जा रहे हैं, वो सबसे अलग और अजीबोगरीब है। ये लवस्टोरी है रूस की 24 साल की एक महिला की। रूस की ये महिला इंसानों से नहीं बल्कि अलग- अलग निर्जीव चीजों से आकर्षित होती हैं। रेन गॅार्डन नाम की ये महिला एक ब्रीफेक्स के साथ शादी भी रचा चुकी हैं। रेन का कहना है कि वे इस ब्रीफकेस के साथ कनेक्शन महसूस करती हैं। आपको बता दें रेन एक नर्सरी टीचर हैं।

रेन का बचपन से ही मानना है कि सजीव से लेकर निर्जीव चीजों में भी आत्मा होती है। रेन एनिमिस्म के कॉन्सेप्ट में विश्वास करती हैं, जिसके अनुसार हर चीज में जिंदगी होती है। रेन ने इस ब्रीफकेस को साल 2015 में एक हार्डवेयर शॅाप से खरीदा था। रेन कहती हैं कि शुरुआत से ही उन्हें इस ब्रीफकेस को निहारना अच्छा लगता था और वो शाम और रात का वक्त रेन ब्रीफेक्स के साथ ही व्यतीत करती थीं। रेन कहती हैं कि वो ब्रीफकेस के साथ फिलोसॅाफी से जुड़ी बातें भी करती थीं। रेन को धीरे- धीरे ये एहसास होने लगा कि वो ब्रीफेक्स को चाहने लगी हैं। रेन कहती हैं कि ब्रीफकेस सिर्फ उनका पार्टनर नहीं है, बल्कि दोस्त और एक अच्छा मेंटॅार भी है।रेन कहती हैं कि वो ब्रीफेकस को सुनती हैं और ब्रीफेकस भी उसकी बातों को सुनता है, लेकिन आम लोगों को सिर्फ मेरी बात ही सुनाई देती है। रेन का कहना है कि उनका आध्यात्मिक कनेक्शन और कम्युनिकेशन टेलीपैथी के द्वारा मुमकिन हो पाता है। रेन अपने रिलेशनशिप के बारे में अपने परिवार को बता चुकी हैं और परिवार भी इस रिश्ते को स्वीकार कर चुका है। रेन इससे पहले एक शख्स को डेट कर चुकी हैं, परंतु वो रिश्ता ज्यादा समय तक चल नहीं पाया।

नीलमः हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार हाथियों में ऐसे जीन्स पाए जाते हैं जो कैंसर होने से रोकने में सहायक होते हैं। हाथियों को कैंसर की बीमारी दुर्लभ स्थिति में ही होती है। हाथियों के पूर्वजों में भी ऐसे जीन्स पाए जाते थे तो कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को रोकने में सहायक होते हैं। इस शोध को यूनिवर्सिटी ऑफ बफैलो की विंसेंट लिंच और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के जुआन मैन्युएल वाजक्वेज ने किया है। लिंच का कहना है कि जैसे ही शरीर का आकार बढ़ता है तो कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। लेकिन ये बात हाथियों में लागू नहीं होती है। इस शोध में ये बात भी सामने आई है कि हाथियों के पूर्वजों में भी कैंसर प्रतिरोधी गुण थे। इस शोध ये पता चला है कि हाथियों के पास बहुत ज्यादा ट्यूमर दबाने वाले जीन्स पाए जाते हैं, जिस वजह से हाथी कैंसर जैसी बीमारी से बचे रहते हैं। हाथियों में जो जीन्स पाए जाते हैं वो वो डीएनए रिपेयर करने, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करने, कोशिकाओं के विकास, उम्र और मृत्यु तक की प्रक्रिया को संभालने का काम करते हैं। जुआन मैन्युएल वाजक्वेज का कहना है कि इस शोध में ये भी पता चला है कि भविष्य में इस तरह के जीन्स की मदद से कैंसर का इलाज भी किया जा सकता है। हाथियों के अलावा केप गोल्डेन मोल्स, एलिफैंट श्रूस, रॉक हाईरैक्सेस, मानाटीस, विलुप्त हो चुके वूली मैमथ और मास्टोडोन्स में भी इस तरह के जीन्स पाए जाते हैं।

लिंच का कहना है कि ट्यूमर को दबाने वाले जीन्स की वजह से ही हाथियों का आकार इतना बड़ा हो पाया है। हाथियों में कैंसर का संक्रमण होने की संभावना बहुत कम होती है। इस तरह के जीन्स भविष्य में अगर किसी छोटे जीव में विकसित हो जाएं तो वो भी कैंसर से सुरक्षित रह सकते हैं।

अनिलः जानकारी देने का सिलसिला यही तक...

अब समय हो गया है श्रोताओं की टिप्पणी का।

पहला पत्र हमें भेजा है, पंतनगर, उत्तराखंड से वीरेंद्र मेहता ने। लिखते हैं, नमस्कार, नी हाउ - 

टी टाइम प्रोग्राम का नया अंक सुना - आज की जानकारी का आगाज आबादी में हो रही बढ़त से किया गया। इसके कारण से हो रहे प्राकृतिक नुकसान का खामियाजा इंसानों को ही नहीं बल्कि जीव जंतुओं में भी इसका असर दिखाई दे रहा है । जिसमें आज आपने समुद्री दुनिया में रहने वाले शार्क मछलियों के अस्तित्व के खतरे से रू ब रू करवाया। अगर ऐसा ही रहा तो पारिस्थितिकी तंत्र का भी परिवर्तन हो सकता है , जैसा कि आपने बताया। वहीं बिल्लियों से फैलने वाले एक परजीवी के बारे में बताया गया, जो कि इंसानों को कई बीमारियां दे सकता है । पर हमारे घरों व गांव में तो दशकों से बिल्लियां पाली जा रही हैं जो कि चूहे वह सांप जैसे जीव-जंतुओं से होने वाले नुकसान से बचाती हैं । और वही बेंगलुरु में रह रहे एक दंपति के बारे में सुना, जिन्होंने अपना घर बिल्कुल इको फ्रेंडली बना रखा है , जहां बल्ब व पंखा तक नहीं है - जानकारी प्रेरक लगी । और नासा द्वारा पानी से चलने वाली सैटेलाइट को तैयार किया जाना सचमुच बहुत ही उत्साहजनक जानकारी लगी और अंत में श्रोत- बंधुओं की प्रेरक प्रतिक्रिया सुनी , सुंदर प्रस्तुति के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद ।।

वीरेंद्र जी पत्र भेजने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया।

नीलमः अब बारी है अगले ख़त की। जिसे भेजा है, केसिंगा उड़ीसा से सुरेश अग्रवाल ने। लिखते हैं,आदरणीय अनिलजी एवं नीलमजी, नमस्कार।      

हर बार की तरह आज दिनांक 4 फ़रवरी का साप्ताहिक "टी टाइम" भी गौर से सुना। यद्यपि, आज के अंक में दी गयीं तमाम जानकारियां महत्वपूर्ण थीं, परन्तु मेरा फ़ोकस एक ही जानकारी पर रहा, जिसमें बतलाया गया कि कैसे प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन से धरती पर ही नहीं, समुद्री जीवों के लिये भी ख़तरा पैदा हो गया है। ख़ास कर बहुत अधिक मछली पकड़े जाने से शार्क मछलियों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है और शोध के मुताबिक शार्क मछलियां हमेशा के लिए खत्म हो सकती हैं। यह जानकारी मन-मस्तिष्क को इतना उद्वेलित कर गयी कि और किसी बात पर ध्यान ही नहीं गया। सचमुच, इन्सान अपने स्वार्थ के लिये प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ने इस क़दर आमादा है कि -उसे तो यह भी भान नहीं कि वास्तव में, वह अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहा है। हैरानी तो इस बात की ज़्यादा होती है कि ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में सर्वकालिक अग्रणी होने के बावज़ूद इंसान यह नादानी कर रहा है। आख़िरकार, जीव-मात्र के साथ शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की भावना कहाँ ग़ायब हो गयी। धन्यवाद मन-मस्तिष्क को झकझोर देने वाली इस जानकारी और आज की बेहतरीन प्रस्तुति के लिये।

सुरेश जी, पत्र भेजने और कार्यक्रम के बारे में टिप्पणी करने के लिए धन्यवाद।

अनिलः अब समय हो गया है अगले पत्र का। जो हमें आया है, खंडवा मध्य प्रदेश से। भेजने वाले हैं, दुर्गेश नागनपुरे। लिखते हैं कि पिछला प्रोग्राम बहुत शानदार लगा। जिसमें आपने बेहतरीन जानकारियां पेश कीं। आपका प्रसारण हमें बहुत अच्छे ढंग से सुनने को मिल रहा है। मुझे पर्यावरण मित्र रंजन और रेवा मलिक जी की रोचक कहानी बहुत ही प्रेरणादायक लगी । हम सभी को इनसे प्रेरणा लेकर पेड़-पौधों और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने का प्रयास करना चाहिए।

साथ ही कार्यक्रम में शार्क मछली, बिल्ली और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के बारे में दी गयी जानकारी बहुत शिक्षाप्रद लगी। कार्यक्रम में श्रोताओ के पत्रों की बढ़ती संख्या देख मन मे बहुत हर्ष हुआ और सुमधुर हिन्दी गीत सुनकर मज़ा आ गया। धन्यवाद।

दुर्गेश जी प्रोग्राम के बारे में अपने विचार हम तक पहुंचाने के लिए धन्यवाद।

नीलमः अब बारी है अगले ख़त की। जिसे भेजा है, खुर्जा यूपी से तिलक राज अरोड़ा ने। लिखते हैं, भाई अनिल पाण्डेय जी बहन नीलम जी, सप्रेम नमस्ते। पिछला टी-टाइम प्रोग्राम बहुत अच्छा लगा।

आपने बताया कि समुद्र में बहुत अधिक मछली पकड़े जाने से शार्क और रे मछलियों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है और 1970 के बाद से उनकी संख्या में 71 फीसदी की गिरावट आयी है। यह सोचनीय विषय है। 

एक शोध के मुताबिक बिल्लियों से फैलने वाला एक परजीवी इंसानों में कई खतरनाक बीमारियों का कारण बन रहा है। बिल्ली पालने वाले लोगों को इस तरफ भी ध्यान देना चाहिये, जिससे कि खतरनाक बीमारियों से बचा जा सके।

बंगलौर के दंपति रंजन  व रेवा मलिक ने 770 वर्ग फिट के एरिया में ऐसा घर बनाया है, जो प्रकृति के अनुकूल है। यह जानकर अति प्रसन्नता हुई।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी पानी से उड़ने वाले सेटेलाइट तैयार कर रही है। यह जानकारी भी क़ाबिले तारीफ लगी। कार्यक्रम में पेश गीत बेहतरीन लगे। शानदार प्रोग्राम पेश करने के लिए शुक्रिया। अरोड़ा जी प्रोग्राम की तारीफ़ करने के लिए धन्यवाद।

अनिलः दोस्तो, अब पेश है प्रोग्राम का आखिरी पत्र। जो कि हमें भेजा है, बिराट नगर नेपाल से उमेश रेग्मी ने। लिखते हैं, आप सभी को चीनी नव वर्ष की शुभकामनाएं। उमेश जी आपको भी वसंत त्योहार की ढेर सारी शुभकामनाएं। लिखते हैं कि मैंने टी-टाइम प्रोग्राम ध्यान से सुना। लिखते हैं कि बिल्लियों से फैलने वाला एक परजीवी इंसानों में कई खतरनाक बीमारियों का कारण का बन रहा है। यह जानकारी देने के लिए अनिल जी को धन्यवाद। उमेश जी पत्र भेजने के लिए आपका भी शुक्रिया।

अब बारी है जोक्स यानी हंसगुल्लों की। जो हमें सुरेश जी और दुर्गेश नागनपुरे ने भेजे हैं।

पहला जोक...

पेपर देते समय एक बच्चा गुमसुम सा था

मैडमःतुम कंफ्यूज़्ड क्यों लग रहे हो

बच्चा चुप रहा

मैडमः क्या तुम पैन भूल गए हो

बच्चा फिर कुछ नहीं बोला।

मैडम-क्या तुम रोल नंबर भूल गए हो

बच्चा ने फिर भी कोई जवाब नहीं दिया

मैडमः क्या कैलकुलेटर भूल गए हो।

इतने में बच्चा बोल पड़ता है- अरे चुप हो जा मेरी मां, इधर मैं पर्चियां गलत सब्जेक्ट की ले आया हूं, तुझे पेन, पेंसिल की आग लगी है।

दूसरा जोक

नौकर (मालकिन से): मुझे माफ कर दीजिए। गलती से टेबल पर रखा गुलदस्ता मेरे हाथों से गिरकर टूट गया।मालकिन: पहली गलती है इसलिए।नौकर: क्या इसलिए?मालकिन: माफ कर रही हूं दुबारा किया तो गंजा कर दूंगी।नौकर: अब समझ में आया मालिक के सर पर बाल क्यों नहीं हैं।

तीसरा जोक

कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियां आपस में बातें कर रही थीं।

पहली वाली लड़की- मेरे डैडी ने कहा है कि अगर एग्ज़ाम में पास नहीं हुई तो तेरी शादी करा दूंगा।

दूसरी लड़की- तो क्या तूने कितनी तैयारी कर रखी है।

पहली लड़की- मुस्कुराते हुए, बस अब रिसेप्शन की ड्रेस लेनी बाकी है। और सब हो गया है।

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